सोनीपत में बारिश के पानी से भरे गड्ढे में डूबे दो सगे भाई, देर शाम मिला शव

सोनीपत के शाहपुर तगा गांव में बारिश के पानी से भरे गड्ढे में डूबने से दो सगे भाइयों की मौत हो गई। दोनों देर शाम बरामद हुए।

सोनीपत में बारिश के पानी से भरे गड्ढे में डूबे दो सगे भाई, देर शाम मिला शव

➤ गोशाला परिसर में खेलते समय पानी से भरे गड्ढे में उतरे दोनों बच्चे
➤ शेड के पिलर के लिए बुधवार को खोदे गए थे करीब 12 गड्ढे
➤ शाम 4:30 बजे से लापता थे दोनों भाई, तलाश के बाद देर शाम मिले शव


सोनीपत जिले के गन्नौर क्षेत्र के शाहपुर तगा गांव में बारिश के बाद पानी से भरे गड्ढे में डूबने से दो सगे भाइयों की मौत हो गई। हादसा श्री 108 बाबा मोहनदास गोशाला परिसर में हुआ, जहां दोनों बच्चे खेलते-खेलते पानी से भरे गड्ढे तक पहुंच गए और नहाने के लिए उसमें उतर गए। गड्ढे में पानी अधिक होने के कारण दोनों बच्चे बाहर नहीं निकल सके। काफी देर तक बच्चों के दिखाई नहीं देने पर परिजनों और गोशाला कर्मचारियों ने उनकी तलाश शुरू की। देर शाम दोनों के शव पानी से भरे गड्ढे से बरामद हुए। सूचना मिलने पर थाना बड़ी पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर सोनीपत सिविल हॉस्पिटल भेज दिया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

एक दिन पहले ही परिवार के साथ गोशाला पहुंचा था संदीप

उत्तर प्रदेश के गांव बिनौली का रहने वाला संदीप अपने परिवार के साथ शाहपुर तगा स्थित बाबा मोहनदास गोशाला में रहता है। संदीप गोशाला में गोवंश को चारा डालने का काम करता है। उसके अनुसार, वह बुधवार को ही अपने गांव से परिवार के साथ गोशाला पहुंचा था। परिवार गोशाला परिसर में ही रह रहा था।

वीरवार को संदीप के दोनों बच्चे 7 वर्षीय सागर और 6 वर्षीय कार्तिक परिसर में खेल रहे थे। इसी दौरान दोनों पानी से भरे गड्ढे में चले गए और हादसे में उनकी मौत हो गई।

शेड लगाने के लिए खोदे गए थे करीब 12 गड्ढे

जानकारी के अनुसार, गोशाला परिसर में शेड लगाने का काम शुरू किया जाना था। इसके लिए बुधवार को जेसीबी की मदद से करीब 12 गड्ढे खोदे गए थे। इन गड्ढों में शेड के पिलर खड़े किए जाने थे। वीरवार को मिस्त्रियों को बुलाकर काम शुरू करने की तैयारी थी, लेकिन बारिश के कारण काम शुरू नहीं हो सका।

वीरवार को हुई तेज बारिश के बाद गोशाला परिसर में जगह-जगह जलभराव हो गया। इसी दौरान शेड के लिए खोदे गए गड्ढों में भी पानी भर गया। यही पानी बाद में दोनों बच्चों के लिए हादसे का कारण बन गया।

खेलते-खेलते पानी से भरे गड्ढे में पहुंचे दोनों भाई

बारिश के बाद परिसर में पानी जमा था। इसी दौरान सागर और कार्तिक खेलते हुए पानी से भरे गड्ढे तक पहुंच गए। दोनों बच्चे नहाने के लिए गड्ढे में उतर गए। गड्ढे की गहराई का उन्हें अंदाजा नहीं था। पानी अधिक होने के कारण दोनों बाहर नहीं निकल सके और डूब गए।

इस दौरान परिवार को यह जानकारी नहीं थी कि दोनों बच्चे गड्ढे में चले गए हैं। परिजन आसपास बच्चों की तलाश करते रहे। काफी समय बीतने के बाद भी जब दोनों का पता नहीं चला तो परिवार की चिंता बढ़ती गई।

शाम करीब 4:30 बजे से नहीं दिखाई दिए थे बच्चे

परिजनों के अनुसार, दोनों बच्चे शाम करीब 4:30 बजे अचानक दिखाई देना बंद हो गए थे। इसके बाद परिवार के सदस्यों ने गोशाला परिसर और आसपास के क्षेत्र में उनकी तलाश शुरू की। काफी देर तक बच्चों का कोई पता नहीं चला तो परिजनों को आशंका हुई कि वे गांव में आयोजित शादी में चले गए होंगे।

इसके बाद परिवार के लोग शादी समारोह में भी बच्चों को तलाशने पहुंचे, लेकिन वहां भी दोनों का कोई सुराग नहीं मिला। समय बीतने के साथ परिजन लगातार उनकी तलाश करते रहे।

मां ने बच्चों के कपड़े उठाए, लेकिन गड्ढे में होने का अंदाजा नहीं था

बच्चों की मां के अनुसार, उसे यह जानकारी नहीं थी कि दोनों बच्चे पानी से भरे गड्ढे में चले गए हैं। उसने दोनों बच्चों के कपड़े उठाए थे। उस समय उसे लगा कि बच्चे कपड़े उतारकर आसपास कहीं खेलने चले गए होंगे।

परिजनों को यह अंदेशा नहीं था कि दोनों बच्चे नहाने के लिए पानी से भरे गहरे गड्ढे में उतर गए हैं। इसी वजह से तलाश के दौरान भी काफी देर तक गड्ढे की ओर ध्यान नहीं गया।

देर शाम पानी से भरे गड्ढे में मिले दोनों बच्चों के शव

काफी देर तक बच्चों का पता नहीं चलने पर गोशाला कर्मचारियों ने भी तलाश शुरू की। तलाश के दौरान पानी से भरे गड्ढे में दोनों बच्चे मिले। उन्हें बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी।

हादसे की जानकारी मिलते ही परिवार में मातम छा गया। दोनों बच्चों के शवों को अस्पताल भेजा गया और पुलिस को घटना की सूचना दी गई।

थाना बड़ी पुलिस ने शुरू की जांच।

घटना की सूचना मिलने के बाद थाना बड़ी पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों बच्चों के शव कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू की और उन्हें सोनीपत सिविल हॉस्पिटल भेज दिया।

थाना प्रभारी के अनुसार, मामले की जांच की जा रही है। परिजनों की शिकायत के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। बारिश के बाद गड्ढों में पानी भरने और वहां मौजूद सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े पहलुओं की भी जांच की जा रही है।