“रिपोर्ट पैदल आ रही है या गाड़ी में?”अफसर क्यों सरकार की बेइज्जती करवा रहे, जानें क्‍यो चढ़ा मंत्री विज का पारा

अंबाला में जग्गी सिटी सेंटर की बिजली शिकायत पर रिपोर्ट में देरी से मंत्री अनिल विज नाराज हुए और XEN हरीश गोयल को नूंह ट्रांसफर करने के आदेश दिए।

“रिपोर्ट पैदल आ रही है या गाड़ी में?”अफसर क्यों सरकार की बेइज्जती करवा रहे, जानें क्‍यो चढ़ा मंत्री विज का पारा

➤ जग्गी सिटी सेंटर की शिकायत पर 20 दिन बाद भी रिपोर्ट नहीं आई
➤ मंत्री विज ने अफसरों से पूछा- सरकार की बेइज्जती क्यों करवा रहे हैं
➤ XEN हरीश गोयल के नूंह ट्रांसफर के दिए आदेश


अंबाला में बिजली विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर बिजली मंत्री अनिल विज का गुस्सा उस समय सामने आ गया, जब जनसुनवाई के दौरान जग्गी सिटी सेंटर से जुड़ी शिकायत पर कार्रवाई की रिपोर्ट 20 दिन बाद भी नहीं पहुंची। रिपोर्ट में देरी की बात सुनकर विज ने अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई और सवाल किया कि अफसर सरकार की बेइज्जती क्यों करवा रहे हैं। मामले में उन्होंने अंबाला सिटी के XEN हरीश गोयल को नूंह ट्रांसफर करने के आदेश भी दिए।

मामला जग्गी सिटी सेंटर के बिजली कनेक्शन और सप्लाई के कथित गलत इस्तेमाल से जुड़ा है। जनसुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता गौरव ने आरोप लगाया कि सेंटर के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय XEN हरीश गोयल फाइल दबाए बैठे हैं। शिकायत में यह भी कहा गया कि परिसर के अंदर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों पर बने कियोस्क में एसी, फ्रिज और इंडक्शन जैसे बिजली उपकरण इस्तेमाल किए जा रहे हैं।

शिकायतकर्ता ने अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि आम दुकानदारों के खिलाफ बिजली कनेक्शन या नियमों के उल्लंघन पर तुरंत कार्रवाई की जाती है, लेकिन जग्गी सिटी सेंटर के मामले में कार्रवाई आगे नहीं बढ़ रही।

रिपोर्ट में देरी पर भड़के विज

मामले पर बिजली निगम के SE विनोद कुमार गोयल ने अपना पक्ष रखते हुए बताया कि जग्गी सिटी सेंटर को नोटिस दिया गया था। उन्होंने बताया कि चीफ इलेक्ट्रिकल इंस्पेक्टर की ओर से पहले निरीक्षण किया गया था, जिसमें सुरक्षा संबंधी आपत्तियां सामने आई थीं। संबंधित पक्ष को 48 घंटे में कमियां दूर करने के निर्देश दिए गए थे।

SE ने बताया कि संबंधित पक्ष की ओर से आपत्तियों के अनुपालन की जानकारी दी गई थी और दोबारा निरीक्षण भी किया गया, लेकिन उसकी रिपोर्ट अभी उनके पास नहीं पहुंची है। यह सुनकर मंत्री विज नाराज हो गए।

विज ने अधिकारियों से सवाल करते हुए कहा, “रिपोर्ट पैदल आ रही है या गाड़ी में? 20 दिन हो गए।” उन्होंने अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए कहा कि इस तरह की देरी से सरकार की बदनामी होती है।

चीफ इलेक्ट्रिकल इंस्पेक्टर को फोन कर मांगा जवाब

रिपोर्ट नहीं मिलने की बात सामने आने के बाद मंत्री विज ने तत्काल चीफ इलेक्ट्रिकल इंस्पेक्टर मनोज रस्तोगी को फोन किया। उन्होंने पूछा कि जब SE उनके सामने खड़े होकर रिपोर्ट नहीं मिलने की बात कह रहे हैं, तो कार्रवाई की जानकारी अब तक क्यों नहीं पहुंची।

विज ने अधिकारी को दोबारा मौके का निरीक्षण करने और गड़बड़ी मिलने पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वह मामले को लेकर खुद भी कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।

बिजली सप्लाई दूसरे स्थान तक पहुंचाने का आरोप

शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि जग्गी सिटी सेंटर में लगे बिजली कनेक्शन से पार्किंग की ओर सप्लाई बढ़ाई गई और इसका व्यावसायिक इस्तेमाल किया गया। बिजली निगम के अधिकारी ने बताया कि परिसर से बाहर सप्लाई बढ़ाने के मामले में अनधिकृत विस्तार का नोटिस दिया गया था और संबंधित राशि जमा करवा दी गई है।

इस पर विज ने सवाल उठाया कि यदि बिजली का इस्तेमाल दूसरे स्थान पर सप्लाई देने के लिए किया जा रहा था, तो केवल जुर्माना लगाकर मामला खत्म करना पर्याप्त कैसे हो सकता है। उन्होंने पूछा कि ऐसे मामले में एफआईआर क्यों नहीं होती।

XEN पर मिलीभगत के आरोप के बाद ट्रांसफर

शिकायतकर्ता ने XEN हरीश गोयल पर मामले में मिलीभगत के आरोप भी लगाए। शिकायतकर्ता के अनुसार, जब हरीश गोयल SDO थे, तब भी इस मामले में उनकी भूमिका रही थी और XEN बनने के बाद भी कार्रवाई आगे नहीं बढ़ी।

मामले में अधिकारियों की रिपोर्ट में देरी और शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए आरोपों पर नाराजगी जताते हुए मंत्री अनिल विज ने हरीश गोयल को नूंह ट्रांसफर करने के आदेश दिए। साथ ही मामले की कार्रवाई और निरीक्षण रिपोर्ट को लेकर अधिकारियों से जवाब मांगा।