Video: सोनीपत में ओले और कई जिलों में तेज बारिश; मंडियों में भीगा धाऩ, जानें कब तक खराब रहेगा मौसम

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Video: सोनीपत में ओले और कई जिलों में तेज बारिश; मंडियों में भीगा धाऩ, जानें कब तक खराब रहेगा मौसम

➤ सोनीपत में ओलावृष्टि के साथ चली तेज आंधी
➤ जींद-अंबाला में सड़कों पर भरा एक से दो फीट पानी
➤ कैथल मंडी में बारिश से धान की बोरियां भीगीं


हरियाणा में गुरुवार सुबह मौसम ने अचानक करवट बदल ली। प्रदेश के कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई, जबकि सोनीपत में ओलावृष्टि भी हुई। अंबाला, कुरुक्षेत्र, पानीपत, जींद, कैथल, सोनीपत, यमुनानगर और करनाल समेत कई इलाकों में मौसम खराब रहा। इस दौरान हवा की रफ्तार करीब 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक रही। तेज आंधी और बारिश के कारण कई जगह दिन में ही अंधेरा छा गया। वहीं, बारिश के बाद जींद और अंबाला में सड़कों पर एक से दो फीट तक पानी भर गया, जबकि सोनीपत में तेज हवाओं के कारण टीन शेड और होर्डिंग भी सड़कों पर आ गिरे।

मौसम के अचानक बदले मिजाज ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। प्रदेश की मंडियों में करीब 13 लाख टन धान खुले में पड़ा होने की बात सामने आई है। बारिश के कारण कई जगह धान की ढेरियां और बोरियां भीग गईं। कैथल की अनाज मंडी में पानी भरने से वहां रखा धान भी प्रभावित हुआ। जिन जिलों में तेज बारिश और आंधी का असर है, उनमें धान का उत्पादन भी काफी मात्रा में होता है। ऐसे में खुले में रखी फसल को बारिश से बचाना किसानों और मंडी प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।

10 जिलों में ओलावृष्टि की चेतावनी

मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों के दौरान प्रदेश के 10 जिलों में ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है। इसके बाद खेतों में खड़ी फसल और मंडियों में रखे धान को लेकर किसानों की चिंता और बढ़ गई है। किसानों को आशंका है कि यदि तेज बारिश और ओलावृष्टि का दौर जारी रहा तो तैयार फसल को नुकसान हो सकता है।

जींद और अंबाला में जलभराव

तेज बारिश के बाद जींद और अंबाला में कई सड़कों पर पानी भर गया। कुछ स्थानों पर जलभराव एक से दो फीट तक पहुंच गया। इससे वाहन चालकों और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बारिश के दौरान सड़कों पर पानी जमा होने से सामान्य आवाजाही भी प्रभावित हुई।

सोनीपत में आंधी के साथ गिरे ओले

सोनीपत में मौसम ने सबसे ज्यादा अचानक करवट ली। यहां तेज हवाओं के साथ ओले भी गिरे। आंधी इतनी तेज थी कि कई जगह टीन शेड और होर्डिंग उड़कर सड़कों पर आ गए। तेज हवाओं और बारिश के कारण लोगों को भी परेशानी हुई।

कैथल मंडी में भीगा धान

कैथल में बारिश का असर अनाज मंडी में भी दिखाई दिया। मंडी परिसर में पानी भरने के कारण वहां रखी धान की बोरियां भीग गईं। खुले में रखे धान को लेकर किसानों की चिंता बढ़ गई है। बारिश के बीच किसानों को अपनी फसल बचाने के लिए अतिरिक्त इंतजाम करने पड़ रहे हैं।

करनाल में खेतों और मंडी दोनों जगह चिंता

करनाल में भी सुबह से बेमौसम बारिश और तेज हवा का दौर जारी रहा। यहां किसानों की परेशानी इसलिए ज्यादा है क्योंकि कुछ किसानों की धान की फसल अभी खेतों में खड़ी है, जबकि कुछ फसल मंडियों में पहुंच चुकी है और उसकी खरीद का इंतजार किया जा रहा है। बारिश के कारण खेत और मंडी दोनों स्तर पर किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

किसानों का कहना है कि मौजूदा बारिश से धान को नुकसान का खतरा बढ़ गया है। साथ ही यदि खेतों में नमी अधिक बनी रही तो अगली फसल की बुवाई में भी परेशानी आ सकती है। ऐसे में मौसम के अगले कुछ घंटों का रुख किसानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण रहने वाला है।

प्रदेश में अचानक बदले मौसम ने प्रशासन और किसानों दोनों की चिंता बढ़ा दी है। खासकर खुले में रखे धान को सुरक्षित रखने की चुनौती सामने है। ओलावृष्टि और तेज हवाओं की चेतावनी वाले जिलों में किसानों को अपनी फसल को नुकसान से बचाने के लिए अतिरिक्त सावधानी बरतनी होगी।