मेरठ के सौरभ हत्याकांड में मुस्कान और साहिल को फांसी की सजा, बेटी का हवाला देकर बोली- उसका ख्याल रखना
मेरठ के सौरभ राजपूत हत्याकांड में अदालत ने मुस्कान और साहिल को फांसी की सजा सुनाई। मुस्कान ने जज से अपनी छोटी बेटी का ख्याल रखने की अपील की।
➤ मुस्कान और साहिल को सौरभ राजपूत की हत्या में फांसी की सजा
➤ जज के सवाल पर मुस्कान ने बेटी की देखभाल की अपील की
➤ 22 गवाहों और कई अहम सबूतों के आधार पर दोनों दोषी ठहराए गए
मेरठ। सौरभ राजपूत हत्याकांड में जिला अदालत ने बुधवार को बड़ा फैसला सुनाते हुए मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल को फांसी की सजा सुनाई है। दोनों को सौरभ राजपूत की हत्या का दोषी ठहराया गया था। सजा सुनाए जाने से पहले अदालत ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जेल में बंद मुस्कान और साहिल से उनका पक्ष जाना। जज अरविंद कुमार मिश्रा ने जब मुस्कान से पूछा कि वह पति सौरभ राजपूत की हत्या के मामले में दोषी है और क्या सजा चाहती है, तो उसने कहा कि उसकी बेटी छोटी है और उसका ख्याल रखा जाए। इसके बाद वह खामोश हो गई। साहिल से भी यही सवाल किया गया, लेकिन उसने कोई जवाब नहीं दिया।
सौरभ राजपूत की हत्या 3 मार्च, 2025 को हुई थी। हत्या के बाद शव को 5 टुकड़ों में काटकर नीले ड्रम में भर दिया गया था। इस मामले में जुलाई, 2025 में जिला अदालत में ट्रायल शुरू हुआ था। अदालत ने 30 सितंबर को मुस्कान और साहिल को सौरभ की हत्या का दोषी करार दिया था। इसके बाद बुधवार को सजा पर सुनवाई हुई और दोनों को फांसी की सजा सुनाई गई।
सजा सुनाए जाने से पहले बुधवार सुबह 10.30 बजे भी जज अरविंद कुमार मिश्रा ने जेल में बंद मुस्कान और साहिल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उनका पक्ष जाना था। अदालत की ओर से दोनों से सजा को लेकर उनकी इच्छा पूछी गई। मुस्कान ने अपनी छोटी बेटी का हवाला दिया, जबकि साहिल इस सवाल पर चुप रहा।
अभियोजन ने मांगी थी फांसी की सजा
मामले में सरकारी वकील केके चौबे ने अदालत से मुस्कान और साहिल के लिए फांसी की सजा देने की मांग की थी। वहीं, मुस्कान और साहिल की वकील रेखा जैन ने अदालत के सामने नरमी बरतने की दलील दी थी। उन्होंने कहा था कि मुस्कान की 2 बेटियां हैं और उसके माता-पिता बुजुर्ग हैं। बचाव पक्ष ने अदालत से कम से कम सजा देने की मांग की थी।
इन सबूतों को माना गया अहम
अदालत में मामले की सुनवाई के दौरान कई ऐसे सबूत और गवाह पेश किए गए, जिन्हें अभियोजन के मामले में महत्वपूर्ण माना गया। इनमें हत्या वाली रात साहिल को सौरभ के घर जाते देखने वाले चश्मदीद का बयान भी शामिल था।
इसके अलावा हत्या में इस्तेमाल चाकू और उस्तरा मुस्कान और साहिल की निशानदेही पर बरामद किए गए थे। इन पर मानव रक्त मिलने की बात भी मामले के प्रमुख साक्ष्यों में शामिल रही।
मामले में साहिल और मुस्कान की कॉल डिटेल, दोनों की सोशल मीडिया पर चैटिंग, सौरभ के दोस्त संजीव पाल की गवाही और उनकी कॉल डिटेल को भी साक्ष्य के तौर पर पेश किया गया। सौरभ की मां रेनू की कॉल डिटेल भी जांच का हिस्सा रही।
इसके साथ ही जिन होटलों में मुस्कान और साहिल ठहरे थे, वहां के फुटेज और होटल मैनेजरों के बयान भी अदालत के सामने रखे गए। मामले में कुल 22 गवाहों की गवाहियां हुईं।
मुस्कान के माता-पिता ने भी पत्र देकर जताई नाराजगी
बुधवार सुबह मुस्कान के माता-पिता ने पुलिस के जरिए अदालत को एक पत्र दिया। इसमें उन्होंने लिखा कि मुस्कान को जो भी सजा मिले, उन्हें इससे कोई मतलब नहीं है। उन्होंने कहा कि वे कभी मुस्कान से नहीं मिलेंगे और उसे फांसी होनी चाहिए। पत्र में उन्होंने मुस्कान की छोटी बेटी से भी कोई मतलब नहीं होने की बात लिखी।
कोर्ट के बाहर भी जुटी रही भीड़
सजा सुनाए जाने को लेकर बुधवार को कोर्ट परिसर के बाहर वकीलों और मीडियाकर्मियों की भीड़ लगी रही। मृतक सौरभ के भाई राहुल और मां रेनू भी कोर्ट पहुंचे। सभी की नजर अदालत के फैसले पर थी।
मुस्कान के पड़ोसी संजय शर्मा ने सौरभ हत्याकांड को बेहद गंभीर बताया। उन्होंने कहा कि साहिल को फांसी और मुस्कान को आजीवन कारावास की सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जिस तरीके से सौरभ की हत्या की गई, वह बेहद गंभीर मामला है।
मुस्कान के एक अन्य पड़ोसी कपिल देव ने कहा कि दोनों को ऐसी सजा मिलनी चाहिए, जिससे समाज में कड़ा संदेश जाए। उन्होंने कहा कि उन्हें अदालत पर पूरा भरोसा है।
वहीं, पड़ोसी गजेंद्र कुमार शर्मा ने भी दोनों को कड़ी सजा दिए जाने की बात कही। उन्होंने इसे मानवता को शर्मसार करने वाला हत्याकांड बताया। साथ ही कहा कि मुस्कान की छोटी बेटी की स्थिति को देखते हुए सजा के मामले में मानवीय पहलू पर भी विचार किया जा सकता है, जबकि साहिल को फांसी की सजा मिलनी चाहिए।
Akhil Mahajan