शक्तिपीठों में भक्तों का सैलाब,3 दिन में 1.65 लाख ने किए दर्शन

हिमाचल के शक्तिपीठों में नवरात्र के तीन दिनों में 1.65 लाख से ज्यादा भक्त पहुंचे। भीड़ के चलते दर्शन का समय बदला और 1,200 से अधिक जवान तैनात हुए।

शक्तिपीठों में भक्तों का सैलाब,3 दिन में 1.65 लाख ने किए दर्शन

हिमाचल के शक्तिपीठों में 3 दिन में 1.65 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

➤ नवरात्र में भारी भीड़ के चलते मंदिरों के खुलने का समय बदला, नैना देवी के कपाट रात 3 बजे से खुल रहे

➤ पांच प्रमुख शक्तिपीठों में सुरक्षा के लिए 1,200 से अधिक पुलिस और होमगार्ड जवान तैनात

हिमाचल प्रदेश के शक्तिपीठों और देवी मंदिरों में शारदीय नवरात्र के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। नवरात्र के शुरुआती तीन दिनों में ही प्रदेश के छह प्रमुख मंदिरों में 1 लाख 65 हजार से ज्यादा श्रद्धालु माथा टेक चुके हैं। भक्तों की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रमुख शक्तिपीठों सहित अन्य देवी मंदिरों के खुलने और दर्शन के समय में बदलाव किया गया है।

श्री नैना देवी, मां चिंतपूर्णी और मां ज्वालाजी मंदिर के अलावा सिरमौर स्थित बाला सुंदरी मंदिर में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। हिमाचल प्रदेश के साथ-साथ पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और जम्मू से भी भक्त माता के दर्शन के लिए आ रहे हैं। सुबह से लेकर देर शाम तक मंदिर परिसरों में श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी हुई है।

नवरात्र के अवसर पर मंदिरों को रंग-बिरंगे फूलों और आकर्षक लाइटों से सजाया गया है। मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक आयोजन किए जा रहे हैं। शक्तिपीठों के अलावा शिमला के कालीबाड़ी, तारादेवी और मां हाटेश्वरी मंदिर तथा सोलन के मां शूलिनी मंदिर में भी भक्तों की भीड़ देखी जा रही है।

सुबह 3 बजे से खुल रहे नैना देवी मंदिर के कपाट

श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रमुख मंदिरों में दर्शन की व्यवस्था में बदलाव किया गया है। श्री नैना देवी मंदिर के कपाट रात 3 बजे से ही श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जा रहे हैं। यहां रात 11:30 बजे तक भक्त माता के दर्शन कर रहे हैं।

वहीं, मां चिंतपूर्णी मंदिर में सुबह 4 बजे से दर्शन शुरू हो रहे हैं। मां ज्वालाजी, मां बज्रेश्वरी देवी और मां चामुंडा देवी मंदिर में सुबह 5 बजे से श्रद्धालुओं को दर्शन करवाए जा रहे हैं।

सुबह से ही मंदिर परिसरों में भक्तों की आवाजाही बढ़ जाती है और दर्शन के लिए कतारें लगनी शुरू हो जाती हैं। देर शाम तक भी श्रद्धालुओं का पहुंचना जारी रहता है। मंदिर प्रबंधन और प्रशासन ने भीड़ को व्यवस्थित करने के लिए दर्शन व्यवस्था में जरूरी बदलाव किए हैं।

नवरात्र में मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, उत्सव जैसा माहौल

शारदीय नवरात्र के दौरान पांचों प्रमुख शक्तिपीठों में विशेष पूजा-अर्चना की जा रही है। श्रद्धालु परिवार की सुख-समृद्धि, अच्छे स्वास्थ्य और मनोकामना पूर्ति की कामना लेकर माता के दरबार में माथा टेक रहे हैं।

मंदिर परिसरों में रंग-बिरंगी रोशनी और फूलों की सजावट के साथ धार्मिक आयोजनों से उत्सव जैसा माहौल बना हुआ है। दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाले श्रद्धालु परिवार के साथ दर्शन कर रहे हैं। मां ज्वालाजी मंदिर में जलती ज्योत और अन्य शक्तिपीठों में पूजा-अर्चना के दृश्य भक्तों की आस्था को दर्शा रहे हैं।

पांच प्रमुख शक्तिपीठों में 1,200 से ज्यादा जवान संभाल रहे सुरक्षा

नवरात्र के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए हिमाचल प्रदेश के प्रमुख शक्तिपीठों और अन्य मंदिरों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई है। पुलिस और होमगार्ड के जवानों को तैनात किया गया है। मंदिर परिसरों और आसपास के इलाकों में CCTV कैमरों और ड्रोन के माध्यम से भी निगरानी रखी जा रही है।

श्री नैना देवी मंदिर में 450 से अधिक पुलिस और होमगार्ड जवान तैनात किए गए हैं। मां चिंतपूर्णी मंदिर में भी करीब इतनी ही संख्या में जवान सुरक्षा व्यवस्था संभाल रहे हैं। पांचों प्रमुख शक्तिपीठों में नवरात्र के दौरान 1,200 से अधिक जवानों की तैनाती की गई है।

सुरक्षा व्यवस्था के तहत भीड़ नियंत्रण, यातायात प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुरक्षित आवाजाही पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि दर्शन के लिए आने वाले भक्तों को परेशानी का सामना न करना पड़े।

हिमाचल के शक्तिपीठों में दर्शन के लिए उमड़ी भीड़, देखें तस्वीरें

नवरात्र के दौरान मां चिंतपूर्णी मंदिर में श्रद्धालु कतारों में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन और पूजा-अर्चना का दौर जारी है। मां ज्वालाजी मंदिर में जलती ज्योत के दर्शन के लिए भी भक्त पहुंच रहे हैं।

मां नैना देवी मंदिर में पुजारी पूजा-अर्चना कर रहे हैं, जबकि मां ज्वालाजी मंदिर को रंग-बिरंगी लाइटों से सजाया गया है। इन प्रमुख मंदिरों में सुबह से शाम तक श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी हुई है।