JNU विवाद पर BJP का धरना,11 छात्राओं के आरोपों पर सांसद के खिलाफ कार्रवाई की मांग

शिमला में BJP महिला मोर्चा ने JNU की 11 छात्राओं के यौन उत्पीड़न आरोपों को लेकर कांग्रेस कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया और सांसद के खिलाफ कार्रवाई मांगी।

JNU विवाद पर BJP का धरना,11 छात्राओं के आरोपों पर सांसद के खिलाफ कार्रवाई की मांग

शिमला में कांग्रेस मुख्यालय के बाहर BJP महिला मोर्चा का धरना, सांसद के खिलाफ नारेबाजी

➤ JNU की 11 छात्राओं के यौन उत्पीड़न के आरोपों पर कांग्रेस को घेरा, कार्रवाई की मांग

➤ महिला मोर्चा अध्यक्ष डेजी ठाकुर ने राहुल गांधी से पूछा सवाल, महिला सुरक्षा पर जवाब मांगा

शिमला। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में 11 छात्राओं की ओर से लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों को लेकर हिमाचल प्रदेश में भी सियासत तेज हो गई है। शनिवार को शिमला स्थित कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन के बाहर भारतीय जनता पार्टी (BJP) महिला मोर्चा ने धरना देकर कांग्रेस के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस सांसद और JNU के पूर्व प्रोफेसर डॉ. अंगोमचा बिमोल अकोइजाम से जुड़े मामले को उठाते हुए महिला सुरक्षा और छात्राओं को न्याय दिलाने का मुद्दा उठाया। महिला मोर्चा ने कांग्रेस से संबंधित सांसद के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।

इस मामले को लेकर भाजपा ने कांग्रेस की जवाबदेही पर सवाल खड़े किए। महिला मोर्चा का कहना है कि महिलाओं के अधिकारों की बात करने वाली कांग्रेस को ऐसे मामलों में अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए। शिमला में हुए इस प्रदर्शन के जरिए भाजपा ने कांग्रेस को महिला सुरक्षा के मुद्दे पर घेरने की कोशिश की।

2024 में कांग्रेस के टिकट पर सांसद चुने गए थे डॉ. अकोइजाम

विवाद के केंद्र में डॉ. अंगोमचा बिमोल अकोइजाम हैं। वह कांग्रेस के टिकट पर 2024 के लोकसभा चुनाव में मणिपुर की इनर मणिपुर सीट से सांसद चुने गए थे। वह जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में प्रोफेसर भी रह चुके हैं। छात्राओं की ओर से लगाए गए आरोपों और विश्वविद्यालय की आंतरिक समिति की जांच के बाद उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई किए जाने का मामला सामने आया है।

उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, विश्वविद्यालय ने आंतरिक समिति की जांच के बाद उन्हें प्रोफेसर के पद से बर्खास्त करने की कार्रवाई की है। इस घटनाक्रम को लेकर भाजपा महिला मोर्चा ने कांग्रेस मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन किया और पार्टी नेतृत्व से सांसद के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई।

मई 2026 में कुलपति को शिकायत देने का दावा

यह मामला 11 छात्राओं की ओर से लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों से जुड़ा है। छात्राओं ने दावा किया था कि उन्होंने मई 2026 में विश्वविद्यालय की कुलपति को शिकायत दी थी। उनका आरोप था कि शिकायत किए जाने के बावजूद उचित कार्रवाई नहीं हुई।

शिकायतों में आरोप लगाया गया था कि प्रोफेसर वाइवा के अंक देने के बहाने और अन्य तरीकों से अनुचित लाभ मांगते थे। इन आरोपों की जांच विश्वविद्यालय की आंतरिक समिति ने की। रिपोर्ट के निष्कर्षों के आधार पर विश्वविद्यालय की ओर से विभागीय कार्रवाई किए जाने की बात सामने आई है।

हालांकि, आरोपों और जांच के निष्कर्षों को समझते समय विभागीय कार्रवाई तथा आपराधिक मामले में अदालत से दोषसिद्धि के बीच अंतर करना जरूरी है। विश्वविद्यालय की ओर से की गई कार्रवाई अपने स्तर पर है, जबकि आपराधिक मामले में दोषसिद्धि का निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के तहत होता है।

दिल्ली महिला आयोग ने भी मांगी थी जांच रिपोर्ट

इस मामले में दिल्ली महिला आयोग ने भी विश्वविद्यालय प्रशासन से जांच रिपोर्ट मांगी थी। इसके बाद विश्वविद्यालय की आंतरिक समिति के निष्कर्षों के आधार पर डॉ. अकोइजाम के खिलाफ बर्खास्तगी की कार्रवाई किए जाने की बात सामने आई।

इसी घटनाक्रम को लेकर भाजपा महिला मोर्चा ने शिमला में कांग्रेस कार्यालय के बाहर धरना दिया। प्रदर्शन के दौरान महिला सुरक्षा, छात्राओं की शिकायतों पर कार्रवाई और कांग्रेस नेतृत्व की जवाबदेही जैसे मुद्दे उठाए गए। भाजपा ने इस मामले को राजनीतिक स्तर पर उठाते हुए कांग्रेस से अपना रुख स्पष्ट करने और संबंधित सांसद के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।

डेजी ठाकुर बोलीं- सांसद के खिलाफ कार्रवाई करे कांग्रेस

भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष डेजी ठाकुर ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से सवाल किया कि महिलाओं के अधिकारों की बात करने वाली पार्टी ऐसे मामलों में मौन क्यों रहती है। उन्होंने संबंधित सांसद के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।

डेजी ठाकुर ने कहा कि JNU के प्रोफेसर के खिलाफ छात्राओं ने यौन उत्पीड़न की शिकायतें दर्ज कराई थीं। उन्होंने शिकायतों और विश्वविद्यालय की जांच का हवाला देते हुए कांग्रेस नेतृत्व से जवाब मांगा।

भाजपा महिला मोर्चा का आरोप है कि इस मामले में कांग्रेस को अपनी जिम्मेदारी स्पष्ट करनी चाहिए। इसी मांग को लेकर कार्यकर्ताओं ने राजीव भवन के बाहर प्रदर्शन किया और सांसद के खिलाफ नारेबाजी की।

महिला सुरक्षा के मुद्दे पर कांग्रेस को घेर रही BJP

हिमाचल प्रदेश में इस प्रदर्शन का राजनीतिक महत्व इसलिए भी है, क्योंकि भाजपा इस मामले के जरिए कांग्रेस को महिला सुरक्षा के मुद्दे पर घेर रही है। शिमला में कांग्रेस मुख्यालय के बाहर हुए धरने में पार्टी की जवाबदेही और छात्राओं को न्याय दिलाने की मांग प्रमुख रही।

इस मामले में विश्वविद्यालय की विभागीय कार्रवाई और सांसद की लोकसभा सदस्यता के बीच भी अंतर है। विश्वविद्यालय से बर्खास्तगी के आधार पर सांसद की सदस्यता स्वतः समाप्त नहीं होती। वहीं, छात्राओं की शिकायतों, जांच के निष्कर्षों और किसी आपराधिक मामले में दोषसिद्धि को अलग-अलग कानूनी प्रक्रियाओं के रूप में देखना जरूरी है।

फिलहाल, शिमला में भाजपा महिला मोर्चा के प्रदर्शन ने इस मामले को हिमाचल प्रदेश की राजनीति में भी चर्चा के केंद्र में ला दिया है। भाजपा ने कांग्रेस से संबंधित सांसद के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई है और महिला सुरक्षा के मुद्दे पर पार्टी नेतृत्व से जवाब मांगा है।

प्रदर्शन की तस्वीरें

शिमला स्थित कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन के बाहर भाजपा महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं ने धरना दिया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस कार्यालय की ओर बढ़ते हुए सांसद के खिलाफ नारेबाजी की और कार्रवाई की मांग उठाई।