हिमाचल में 9 से 15 अक्टूबर तक राष्ट्रीय डाक सप्ताह, 36 रूट पर ड्रोन से पहुंच रही डाक

हिमाचल प्रदेश में 9 से 15 अक्टूबर तक राष्ट्रीय डाक सप्ताह मनाया जाएगा। 36 कठिन रूट पर ड्रोन डिलीवरी शुरू है, जिससे डाक पहुंचाने का समय घटा है।

हिमाचल में 9 से 15 अक्टूबर तक राष्ट्रीय डाक सप्ताह, 36 रूट पर ड्रोन से पहुंच रही डाक

9 से 15 अक्टूबर तक मनाया जाएगा राष्ट्रीय डाक सप्ताह, हिमाचल में होंगे कई कार्यक्रम

➤ ड्रोन से 2-3 घंटे का सफर अब 5 से 10 मिनट में, 36 कठिन रूट पर शुरू हुई डाक सेवा

➤ हिमाचल प्रदेश में 2797 डाकघरों का नेटवर्क, 2684 डाकघर ग्रामीण क्षेत्रों में दे रहे सेवाएं

शिमला। विश्व डाक दिवस के अवसर पर हिमाचल प्रदेश डाक परिमंडल के मुख्य पोस्टमास्टर जनरल संजय सिंह ने शिमला में पत्रकार वार्ता कर राष्ट्रीय डाक सप्ताह के आयोजन और डाक सेवाओं में तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 9 से 15 अक्टूबर तक राष्ट्रीय डाक सप्ताह मनाया जाएगा। इस वर्ष की थीम ‘एक डाक नेटवर्क, अनंत संभावनाएं’ रखी गई है। डाक विभाग का जोर तकनीक और नवाचार के माध्यम से सेवाओं को अधिक सुलभ और सरल बनाने पर है। हिमाचल प्रदेश में डाक पहुंचाने के लिए ड्रोन डिलीवरी एक महत्वपूर्ण पहल बनकर उभरी है। पहले मंडी प्रधान डाकघर से शाखा डाकघर रिवालसर-धार तक डाक का मैन्युअल बैग पहुंचाने में बस या पैदल 2 से 3 घंटे लगते थे, जबकि अब ड्रोन से यही दूरी 5 से 10 मिनट में तय हो रही है। अब तक 110 कठिन रूट चिन्हित किए गए हैं, जिनमें से 36 रूट पर ड्रोन डिलीवरी सेवा शुरू हो चुकी है।

9 अक्टूबर को विश्व डाक दिवस, 15 अक्टूबर तक होंगे अलग-अलग कार्यक्रम

मुख्य पोस्टमास्टर जनरल संजय सिंह ने बताया कि 9 अक्टूबर को विश्व डाक दिवस मनाया जा रहा है। इसके साथ ही 9 से 15 अक्टूबर तक राष्ट्रीय डाक सप्ताह के तहत विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस दौरान डाक विभाग की सेवाओं, तकनीकी बदलावों और नवाचार से जुड़ी पहलों को प्रमुखता से सामने लाया जाएगा।

उन्होंने बताया कि सभी डाकघरों में बैनर और डिजिटल डिस्प्ले के माध्यम से व्यापक प्रचार किया जाएगा। इस वर्ष की थीम ‘एक डाक नेटवर्क, अनंत संभावनाएं’ के जरिए डाक सेवाओं के व्यापक नेटवर्क और आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल पर जोर दिया जा रहा है।

विभाग का उद्देश्य डाक संचालन को अधिक प्रभावी बनाने के साथ सेवाओं को हर नागरिक के लिए आसान और सुलभ बनाना है।

फिलाटेली से लेकर टेक्नोलॉजी तक, अलग-अलग दिनों में होंगे आयोजन

राष्ट्रीय डाक सप्ताह के दौरान अलग-अलग विषयों पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें डाक सेवाओं, वित्तीय समावेशन, नागरिक-केंद्रित सुविधाओं और तकनीकी नवाचार को लेकर जागरूकता बढ़ाने पर ध्यान दिया जाएगा।

कार्यक्रमों का निर्धारित विवरण इस प्रकार है:

  • 12 अक्टूबर: फिलाटेली दिवस।
  • 13 अक्टूबर: वित्तीय समावेशन और सिटीजन सेंट्रिक सर्विसेज दिवस।
  • 14 अक्टूबर: डाक और पार्सल दिवस।
  • 15 अक्टूबर: टेक्नोलॉजी और नवाचार दिवस।

15 अक्टूबर को कर्मचारियों और ग्राहकों के लिए टेक्नोलॉजी क्विज आयोजित की जाएगी। इसके साथ ही ड्रोन डिलीवरी पर चर्चा भी होगी। इन कार्यक्रमों के माध्यम से डाक सेवाओं में तकनीक के बढ़ते उपयोग और नवाचार की संभावनाओं को सामने लाया जाएगा।

हिमाचल में 2797 डाकघरों का नेटवर्क, ग्रामीण क्षेत्रों में 2684 डाकघर

संजय सिंह ने हिमाचल प्रदेश डाक परिमंडल के नेटवर्क की जानकारी देते हुए बताया कि राज्य में कुल 2797 डाकघरों के माध्यम से सेवाएं दी जा रही हैं। इनमें 18 प्रधान डाकघर, 452 उप डाकघर और 2327 शाखा डाकघर शामिल हैं।

इनमें से 2684 डाकघर ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित हैं। एक डाकघर औसतन 2454 लोगों और 19.90 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को सेवाएं देता है। इतने बड़े नेटवर्क के संचालन के लिए 2485 विभागीय कर्मचारी और 6400 ग्रामीण डाक सेवक कार्यरत हैं।

यह नेटवर्क हिमाचल प्रदेश के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में डाक सेवाएं पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। दुर्गम इलाकों तक डाक पहुंचाने के लिए विभाग अब तकनीक आधारित विकल्पों पर भी काम कर रहा है।

ड्रोन से 2-3 घंटे की दूरी महज 5 से 10 मिनट में हो रही तय

राष्ट्रीय डाक सप्ताह के दौरान डाक विभाग की जिन पहलों पर खास जोर रहेगा, उनमें ड्रोन डिलीवरी प्रमुख है। मुख्य पोस्टमास्टर जनरल संजय सिंह के मुताबिक, पूरे देश में हिमाचल प्रदेश और असम दो ऐसे डाक परिमंडल हैं, जहां इस सेवा को लागू किया गया है।

हिमाचल प्रदेश में 13 अगस्त को मंडी प्रधान डाकघर से शाखा डाकघर रिवालसर-धार तक पहली ड्रोन डिलीवरी शुरू की गई थी। इस पहल से डाक पहुंचाने में लगने वाला समय काफी कम हुआ है।

पहले प्रधान डाकघर से शाखा डाकघर तक मैन्युअल बैग पहुंचाने में बस या पैदल 2 से 3 घंटे लगते थे। अब ड्रोन के माध्यम से यही दूरी 5 से 10 मिनट में तय हो रही है। सुबह हेड ऑफिस से निकलने वाली डाक 10 मिनट में शाखा डाकघर पहुंच जाती है और इसके बाद 1 से 2 घंटे में गांव में वितरित कर दी जाती है।

इस तरह ड्रोन डिलीवरी से डाक को शाखा डाकघर तक पहुंचाने की प्रक्रिया तेज हुई है। खास तौर पर कठिन रास्तों वाले क्षेत्रों में यह पहल डाक संचालन के समय को कम करने में मदद कर रही है।

110 कठिन रूट चिन्हित, 36 पर शुरू हो चुकी है ड्रोन सेवा

संजय सिंह ने बताया कि हिमाचल प्रदेश में डाक पहुंचाने के लिए अब तक 110 कठिन रूट चिन्हित किए गए हैं। इनमें से 36 रूट पर ड्रोन डिलीवरी सेवा शुरू हो चुकी है। उन्होंने कहा कि हर सप्ताह इस दिशा में प्रगति हो रही है।

डाक विभाग का फोकस तकनीक और नवाचार के बढ़ते उपयोग पर है, ताकि सेवाओं को अधिक सरल, तेज और सुलभ बनाया जा सके। राष्ट्रीय डाक सप्ताह के दौरान भी तकनीकी बदलावों और ड्रोन डिलीवरी जैसी पहलों को लेकर चर्चा की जाएगी।

डाक विभाग की यह पहल दुर्गम क्षेत्रों में डाक पहुंचाने की प्रक्रिया को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। आने वाले समय में कठिन रूट पर इस सेवा के विस्तार से डाक संचालन में और सुधार की संभावनाएं हैं।