कार की डिग्गी में छिपाए थे नशीले इंजेक्शन, कोर्ट ने दोषी को सुनाई 20 साल की सजा
पानीपत में कार से 2,000 डाइजापाम इंजेक्शन बरामदगी के मामले में कोर्ट ने दोषी अरविंद को 20 साल की सजा और 2 लाख रुपये जुर्माना सुनाया।
➤ कार की डिग्गी में छिपाकर रखे थे डाइजापाम के 2,000 इंजेक्शन
➤ पानीपत कोर्ट ने अरविंद को 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई
➤ 2 लाख रुपये जुर्माना नहीं देने पर दो साल की अतिरिक्त साधारण कैद
पानीपत। कार की डिग्गी में गत्ते के बॉक्स में छिपाकर 2,000 नशीले इंजेक्शन ले जाने के मामले में पानीपत कोर्ट ने दोषी अरविंद को 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने उस पर 2 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माने की राशि जमा नहीं करने पर दोषी को दो साल की अतिरिक्त साधारण कैद भुगतनी होगी। अदालत ने दोषी की ओर से पहली बार अपराध करने और परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए राहत देने की मांग को स्वीकार नहीं किया। मामला वर्ष 2016 का है, जिसमें थाना चांदनीबाग पुलिस ने शामली निवासी अरविंद की कार से डाइजापाम के 2,000 इंजेक्शन बरामद किए थे।
कार की डिग्गी में छिपाकर रखे थे 2 हजार इंजेक्शन
मामला 4 और 5 अगस्त 2016 की मध्यरात्रि का है। थाना चांदनीबाग पुलिस ने कार्रवाई के दौरान शामली निवासी अरविंद के कब्जे से उसकी कार की डिग्गी में रखे गत्ते के बॉक्स बरामद किए थे। इन बॉक्सों को छिपाकर रखा गया था और जांच के दौरान इनमें डाइजापाम के 2,000 इंजेक्शन मिले थे।
पुलिस की कार्रवाई के बाद मामला अदालत में पहुंचा। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने बरामदगी और आरोपी के कब्जे में इंजेक्शनों की मौजूदगी से जुड़े तथ्यों को अदालत के सामने रखा।
परमिट या लाइसेंस नहीं होने का अभियोजन का तर्क
अदालत के समक्ष अभियोजन पक्ष ने दलील दी कि आरोपी के पास इन इंजेक्शनों को अपने पास रखने के लिए कोई परमिट या लाइसेंस नहीं था। अभियोजन ने बरामद इंजेक्शनों की मात्रा को देखते हुए इसे व्यावसायिक मात्रा का मामला बताया और अदालत से दोषी के खिलाफ कड़ी सजा देने की मांग की।
अभियोजन की ओर से मामले की गंभीरता और बरामद नशीले इंजेक्शनों की संख्या को सजा के दौरान महत्वपूर्ण आधार बताया गया।
पहली बार अपराध का हवाला देकर राहत मांगी गई
दोषी अरविंद की ओर से अदालत में राहत की मांग भी की गई। उसकी ओर से पहली बार अपराध करने और परिवार की आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए सजा में नरमी बरतने का आग्रह किया गया।
हालांकि, अदालत ने यह मांग स्वीकार नहीं की। कोर्ट ने मामले में दोषी को 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही उस पर 2 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया।
जुर्माना नहीं भरा तो दो साल अतिरिक्त कैद
अदालत के आदेश के मुताबिक, दोषी को 2 लाख रुपये का जुर्माना भी अदा करना होगा। यदि वह जुर्माने की राशि जमा नहीं करता है तो उसे दो साल का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
इस तरह 2016 में कार की डिग्गी से बरामद किए गए 2,000 डाइजापाम इंजेक्शनों के मामले में लंबी न्यायिक प्रक्रिया के बाद अदालत ने दोषी के खिलाफ सजा सुनाई है।
Akhil Mahajan