हाई यूरिक एसिड से परेशान? जोड़ों के दर्द से राहत के लिए जानें क्या करें
हाई यूरिक एसिड से जोड़ों में दर्द और गाउट का खतरा बढ़ सकता है। जानें इसके कारण, लक्षण, खानपान में जरूरी बदलाव और यूरिक एसिड नियंत्रित रखने के तरीके।
हाई यूरिक एसिड से पैर के अंगूठे और जोड़ों में तेज दर्द, सूजन की हो सकती है समस्या
➤ रेड मीट, कुछ सीफूड, शराब और मीठे पेय बढ़ा सकते हैं गाउट का जोखिम
➤ संतुलित खानपान, पर्याप्त पानी, वजन पर नियंत्रण और नियमित व्यायाम से यूरिक एसिड को मैनेज करने में मिल सकती है मदद
क्या आपके जोड़ों में अचानक तेज दर्द होने लगता है? क्या पैर के अंगूठे में इतनी तकलीफ होती है कि चलना-फिरना और उठना-बैठना भी मुश्किल हो जाता है? अगर ऐसा है, तो इसे सामान्य दर्द समझकर नजरअंदाज करना ठीक नहीं है। यह गाउट (Gout) की समस्या का संकेत हो सकता है, जो शरीर में यूरिक एसिड का स्तर बढ़ने से जुड़ी होती है।
यूरिक एसिड का स्तर बढ़ने पर कुछ लोगों के जोड़ों में तेज दर्द, सूजन और असहजता की समस्या हो सकती है। खासकर पैर के अंगूठे में अचानक होने वाला असहनीय दर्द गाउट का एक प्रमुख लक्षण माना जाता है। हालांकि, केवल यूरिक एसिड बढ़ने का मतलब यह नहीं है कि हर व्यक्ति को गठिया या गाउट की समस्या होगी। खानपान, वजन, किडनी की कार्यक्षमता और समय पर सही इलाज की मदद से इस स्थिति को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।
स्वास्थ्य संबंधी जानकारी के मुताबिक, यूरिक एसिड को नियंत्रित रखने के लिए केवल दवाओं पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं है। इसके साथ अपनी जीवनशैली और खानपान पर भी ध्यान देना जरूरी है। आइए जानते हैं कि यूरिक एसिड क्या है, इसके बढ़ने के पीछे कौन-से कारण हो सकते हैं और इसे नियंत्रित रखने के लिए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
शरीर में यूरिक एसिड कैसे बनता है और क्यों बढ़ने लगती है परेशानी?
यूरिक एसिड शरीर में प्यूरीन नाम के पदार्थों के टूटने (ब्रेकडाउन) से बनता है। प्यूरीन शरीर में प्राकृतिक रूप से मौजूद होता है और कुछ खाद्य पदार्थों में भी पाया जाता है। आमतौर पर किडनी यूरिक एसिड को फिल्टर करके पेशाब के रास्ते शरीर से बाहर निकालती रहती है।
लेकिन जब शरीर में यूरिक एसिड ज्यादा बनने लगता है या किडनी इसे पर्याप्त मात्रा में बाहर नहीं निकाल पाती, तो इसका स्तर बढ़ सकता है। कुछ परिस्थितियों में यूरिक एसिड के क्रिस्टल जोड़ों में जमा होने लगते हैं, जिससे दर्द और सूजन की समस्या पैदा हो सकती है। इसी स्थिति को गाउट से जोड़ा जाता है।
ध्यान देने वाली बात यह है कि यूरिक एसिड का स्तर बढ़ने पर हर व्यक्ति में लक्षण दिखाई नहीं देते। वहीं, जिन लोगों को जोड़ों में अचानक तेज दर्द और सूजन होती है, उन्हें इसकी वजह जानने के लिए डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए। सही समय पर जांच और उपचार से समस्या को गंभीर होने से रोकने में मदद मिल सकती है।
यूरिक एसिड बढ़ने के पीछे क्या हो सकते हैं कारण?
यूरिक एसिड बढ़ने के लिए केवल खानपान को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। इसके पीछे आनुवंशिक कारण, किडनी की कार्यक्षमता में कमी, कुछ दवाएं और दूसरी स्वास्थ्य समस्याएं भी हो सकती हैं। हालांकि, खानपान की गलत आदतें और जीवनशैली से जुड़ी कुछ चीजें इस जोखिम को बढ़ा सकती हैं।
1. रेड मीट और कुछ सीफूड का अधिक सेवन
रेड मीट और कुछ खास तरह के सीफूड में प्यूरीन की मात्रा अधिक होती है। ऐसे खाद्य पदार्थों का ज्यादा सेवन कुछ लोगों में यूरिक एसिड का स्तर बढ़ाने और गाउट का जोखिम बढ़ाने से जुड़ा हो सकता है। इसलिए यूरिक एसिड की समस्या से परेशान लोगों को इन चीजों का सेवन सीमित रखने की सलाह दी जाती है।
2. शराब और बीयर पीने की आदत
शराब और बीयर का सेवन भी गाउट के जोखिम को बढ़ा सकता है। यदि किसी व्यक्ति का यूरिक एसिड बढ़ा हुआ है या उसे पहले गाउट का दौरा पड़ चुका है, तो शराब से दूरी बनाना या इसके सेवन को लेकर डॉक्टर की सलाह मानना महत्वपूर्ण है।
3. मीठे पेय और फ्रक्टोज की अधिकता
चीनी वाले सॉफ्ट ड्रिंक और फ्रक्टोज की अधिकता वाले पेय भी यूरिक एसिड से जुड़ी समस्याओं का जोखिम बढ़ा सकते हैं। नियमित रूप से ऐसे पेय पीने की आदत वजन बढ़ने और दूसरी स्वास्थ्य समस्याओं का कारण भी बन सकती है। इसलिए मीठे पेय का सेवन कम करना बेहतर विकल्प है।
4. मोटापा और किडनी की समस्याएं
जिन लोगों का वजन अधिक होता है, उनमें भी गाउट का जोखिम ज्यादा देखा जा सकता है। इसके अलावा, किडनी की कार्यक्षमता कम होने पर शरीर से यूरिक एसिड बाहर निकालने की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। ऐसी स्थिति में यूरिक एसिड का स्तर बढ़ने की आशंका रहती है।
5. आनुवंशिक कारण और कुछ दवाएं
कुछ लोगों में आनुवंशिक कारणों से भी यूरिक एसिड बढ़ने की प्रवृत्ति हो सकती है। इसके अलावा, कुछ दवाओं और दूसरी स्वास्थ्य समस्याओं का असर भी यूरिक एसिड के स्तर पर पड़ सकता है। यदि किसी व्यक्ति का यूरिक एसिड लगातार बढ़ा रहता है, तो डॉक्टर से इसकी संभावित वजहों की जांच कराना जरूरी है।
हाई यूरिक एसिड होने पर खानपान में क्या बदलाव करें?
यूरिक एसिड की समस्या होने पर कई लोग अपनी डाइट से सभी प्रकार के प्रोटीन और दालों को पूरी तरह हटा देते हैं। लेकिन ऐसा करना जरूरी नहीं है। शरीर को स्वस्थ रखने के लिए संतुलित आहार जरूरी है। बेहतर होगा कि प्यूरीन की अधिक मात्रा वाले खाद्य पदार्थों का सेवन सीमित किया जाए और रोजाना के भोजन में पौष्टिक विकल्प शामिल किए जाएं।
रेड मीट और हाई प्यूरीन वाले सीफूड कम खाएं
रेड मीट और कुछ खास तरह के सीफूड में प्यूरीन अधिक पाया जाता है। इनका सेवन कम करने से यूरिक एसिड और गाउट के जोखिम को नियंत्रित रखने में मदद मिल सकती है। अपनी डाइट में कितना बदलाव करना चाहिए, यह व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार तय किया जा सकता है।
शराब और चीनी वाले सॉफ्ट ड्रिंक से बचें
शराब, बीयर और चीनी वाले सॉफ्ट ड्रिंक का सेवन कम करना महत्वपूर्ण है। खासकर उन लोगों को इनसे परहेज करना चाहिए, जिन्हें बार-बार गाउट की समस्या होती है। मीठे पेय की जगह पानी को प्राथमिकता देना बेहतर है।
सब्जियां, साबुत अनाज और कम वसा वाले डेयरी उत्पाद अपनाएं
संतुलित डाइट में हरी सब्जियों, साबुत अनाज, कम वसा वाले दूध और दही को शामिल किया जा सकता है। ये खाद्य पदार्थ शरीर को जरूरी पोषक तत्व उपलब्ध कराने में मदद करते हैं। यूरिक एसिड की समस्या के कारण बिना चिकित्सकीय सलाह के पूरे खाद्य समूह को डाइट से हटाने से बचना चाहिए।
जूस की जगह साबुत फल खाएं
फलों को अपनी डाइट में शामिल करना फायदेमंद हो सकता है। हालांकि, फलों के जूस और मीठे पेय में शर्करा की मात्रा अधिक हो सकती है। इसलिए जूस के बजाय साबुत फल खाना बेहतर विकल्प है। इससे संतुलित खानपान बनाए रखने में भी मदद मिलती है।
यूरिक एसिड कंट्रोल करने के लिए पानी पीना क्यों जरूरी है?
शरीर में तरल पदार्थों का संतुलन बनाए रखने और पेशाब के जरिए अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालने के लिए पर्याप्त पानी पीना जरूरी है। नियमित रूप से पानी पीने से शरीर में पानी की कमी से बचने में मदद मिलती है।
दिनभर एक साथ बहुत अधिक पानी पीने के बजाय नियमित अंतराल पर पानी पीने की आदत अपनाएं। हालांकि, जिन लोगों को किडनी या हृदय संबंधी समस्याएं हैं और डॉक्टर ने पानी की मात्रा सीमित रखने की सलाह दी है, उन्हें उसी निर्देश का पालन करना चाहिए।
यूरिक एसिड को नियंत्रित करने के लिए केवल पानी पर निर्भर रहना सही नहीं है। इसके साथ संतुलित खानपान, नियमित शारीरिक गतिविधि और जरूरत पड़ने पर चिकित्सकीय उपचार भी महत्वपूर्ण हैं।
वजन कम करने और नियमित व्यायाम से मिल सकती है मदद
यदि आपका वजन अधिक है, तो धीरे-धीरे वजन कम करने के उपाय अपनाएं। वजन को स्वस्थ सीमा में रखने से गाउट के जोखिम और दूसरी स्वास्थ्य समस्याओं को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, तेजी से वजन घटाने या लंबे समय तक भूखे रहने के बजाय संतुलित डाइट और नियमित दिनचर्या अपनाना बेहतर है।
इसके अलावा, नियमित रूप से हल्की या मध्यम शारीरिक गतिविधि करें। अपनी क्षमता के अनुसार पैदल चलना और दूसरी उपयुक्त गतिविधियां दिनचर्या में शामिल की जा सकती हैं। यदि जोड़ों में तेज दर्द या सूजन है, तो दर्द वाले जोड़ पर जोर डालने से बचें और व्यायाम के बारे में डॉक्टर की सलाह लें।
जोड़ों में तेज दर्द और सूजन हो तो क्या करें?
पैर के अंगूठे या किसी दूसरे जोड़ में अचानक तेज दर्द, लालिमा, गर्माहट या सूजन दिखाई दे तो इसे नजरअंदाज न करें। ऐसे लक्षण गाउट के अलावा दूसरी स्वास्थ्य समस्याओं से भी जुड़े हो सकते हैं। इसलिए केवल लक्षणों के आधार पर खुद से बीमारी तय करना या दवा लेना उचित नहीं है।
यदि दर्द बार-बार हो रहा है या चलने-फिरने में परेशानी हो रही है, तो डॉक्टर से परामर्श लें। जांच के बाद ही यह तय किया जा सकता है कि समस्या यूरिक एसिड बढ़ने के कारण है या इसके पीछे कोई दूसरी वजह है। यूरिक एसिड को नियंत्रित करने के लिए कुछ लोगों को जीवनशैली में बदलाव के साथ दवाओं की भी जरूरत पड़ सकती है।
यूरिक एसिड बढ़ने पर घबराने के बजाय इसकी वजह समझना और समय पर सही कदम उठाना जरूरी है। खानपान में संतुलन, रेड मीट और कुछ सीफूड का सीमित सेवन, शराब और मीठे पेय से परहेज, पर्याप्त पानी, वजन पर नियंत्रण और नियमित शारीरिक गतिविधि से इसे मैनेज करने में मदद मिल सकती है। यदि जोड़ों में तेज दर्द या सूजन बनी रहती है, तो चिकित्सकीय सलाह लेने में देरी न करें।
Akhil Mahajan