सुप्रीम कोर्ट की चुनाव आयोग को सख्त फटकार, कहा- मतगणना की वीडियो रिकॉर्डिंग ढूंढ कर लाएं, कोई बहाना नहीं चलेगा

सुप्रीम कोर्ट ने 2023 कर्नाटक चुनाव में 201 वोट से हार के मामले में री-काउंटिंग की मूल वीडियो रिकॉर्डिंग न मिलने पर चुनाव आयोग से सभी रिकॉर्ड मांगे।

सुप्रीम कोर्ट की चुनाव आयोग को सख्त फटकार, कहा- मतगणना की वीडियो रिकॉर्डिंग ढूंढ कर लाएं, कोई बहाना नहीं चलेगा

➤ 2023 कर्नाटक चुनाव में 201 वोट से हार का मामला

➤ री-काउंटिंग की मूल वीडियो रिकॉर्डिंग नहीं मिलने पर कोर्ट ने जताई नाराजगी

➤ सभी उपलब्ध रिकॉर्ड पेश करने का निर्देश, नहीं तो प्रतिकूल निष्कर्ष की चेतावनी


नई दिल्ली। 2023 के कर्नाटक विधानसभा चुनाव में बीजेपी के कैंडिडेट के 201 वोट से हारने से जुड़े मामले में री-काउंटिंग की मूल वीडियो रिकॉर्डिंग उपलब्ध नहीं होने पर सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को कड़ी फटकार लगाई है। सुनवाई के दौरान चुनाव आयोग की ओर से अदालत को बताया गया कि दोबारा मतगणना यानी री-काउंटिंग की मूल वीडियो रिकॉर्डिंग नहीं मिल रही है। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने सवाल उठाया कि चुनाव आयोग अपने ही रिकॉर्ड के खो जाने की बात कैसे कह सकता है। अदालत ने चुनाव आयोग को अगली सुनवाई के दौरान उपलब्ध सभी संबंधित रिकॉर्ड पेश करने का निर्देश दिया है और स्पष्ट चेतावनी दी है कि रिकॉर्ड पेश नहीं किए जाने की स्थिति में उसके खिलाफ प्रतिकूल निष्कर्ष निकाला जा सकता है।

सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान चुनाव आयोग से यह भी सवाल किया कि वह किस आधार पर यह कह सकता है कि संबंधित रिकॉर्ड उसके पास मौजूद नहीं है। अदालत ने रिकॉर्ड के सुरक्षित रखे जाने के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि चुनाव कराना चुनाव आयोग का मुख्य काम है और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े जरूरी दस्तावेजों एवं रिकॉर्ड का सुरक्षित रहना बेहद महत्वपूर्ण है।

मामला 2023 कर्नाटक चुनाव में बीजेपी के कैंडिडेट की 201 वोट से हुई हार से जुड़ा है। इस मामले में री-काउंटिंग की गई थी और अब उस दोबारा मतगणना की मूल वीडियो रिकॉर्डिंग को लेकर सवाल सामने आया है। चुनाव आयोग के वकील ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि री-काउंटिंग की मूल वीडियो रिकॉर्डिंग नहीं मिल रही है।

वीडियो रिकॉर्डिंग उपलब्ध नहीं होने की जानकारी सामने आने पर अदालत ने चुनाव आयोग की रिकॉर्ड व्यवस्था पर सवाल उठाए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया से जुड़े रिकॉर्ड को सुरक्षित रखना महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। अदालत ने आयोग को अगली सुनवाई में उपलब्ध सभी रिकॉर्ड पेश करने का निर्देश दिया है।

सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि संबंधित रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराए जाते हैं तो अदालत मामले में चुनाव आयोग के खिलाफ प्रतिकूल निष्कर्ष निकाल सकती है। इस चेतावनी के बाद अब अगली सुनवाई में चुनाव आयोग की ओर से कौन-कौन से रिकॉर्ड पेश किए जाते हैं, यह महत्वपूर्ण होगा।

सुनवाई के दौरान अदालत का जोर इस बात पर रहा कि चुनाव प्रक्रिया से संबंधित रिकॉर्ड को सुरक्षित रखना आवश्यक है। री-काउंटिंग की मूल वीडियो रिकॉर्डिंग नहीं मिलने के सवाल ने मामले में रिकॉर्ड संरक्षण को लेकर गंभीरता बढ़ा दी है। सुप्रीम कोर्ट ने आयोग को उपलब्ध रिकॉर्ड अदालत के सामने रखने का निर्देश देकर मामले को अगली सुनवाई के लिए आगे बढ़ाया है।