स्कूल की छत गिरी, 20 बच्चों समेत 21 की मौत, 40 से ज्यादा घायल

पेशावर के दीर कॉलोनी में निजी स्कूल की छत गिरने से 20 बच्चों और महिला शिक्षिका की मौत हुई, जबकि 40 से अधिक लोग घायल बताए गए हैं।

स्कूल की छत गिरी, 20 बच्चों समेत 21 की मौत, 40 से ज्यादा घायल

➤ 20 छात्रों और महिला टीचर की गई जान
➤ दीर कॉलोनी में निजी स्कूल की छत गिरी
➤ 40 से ज्यादा घायल, अस्पतालों में इमरजेंसी घोषित


पाकिस्तान के पेशावर में गुरुवार को एक दर्दनाक स्कूल हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। दीर कॉलोनी में एक निजी स्कूल की छत अचानक गिरने से 21 लोगों की मौत हो गई। मृतकों में 20 छात्र और एक महिला टीचर शामिल हैं। हादसे में 40 से ज्यादा लोग घायल बताए गए हैं। मृतक बच्चों की उम्र 13 साल या उससे कम बताई गई है। हादसे के बाद घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उपचार के लिए इमरजेंसी घोषित कर दी गई है।हादसे के बाद स्कूल परिसर में लोगों की भीड़ जमा हो गई।

हादसा पेशावर के दीर कॉलोनी इलाके में स्थित निजी स्कूल में हुआ। छत गिरने के बाद स्कूल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हादसे के बाद राहत और बचाव कार्य तेज कर दिया गया। स्कूल परिसर में लोगों की भीड़ जमा हो गई और घायल बच्चों तथा स्टाफ को अस्पताल में भर्ती कराया गया।

घायल बच्चों और स्टाफ को हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है।

हादसे में जान गंवाने वाले बच्चों की कम उम्र ने घटना को और भी गंभीर बना दिया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, सभी मृतक छात्र 13 साल या उससे कम उम्र के थे। उनके साथ एक महिला शिक्षिका की भी मौत हुई है। वहीं 40 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं, जिनमें बच्चे और स्कूल स्टाफ शामिल हैं।

घायलों के इलाज के लिए अस्पतालों में आपात व्यवस्था की गई है। अस्पतालों में घायल बच्चों और स्टाफ को उपचार के लिए भर्ती कराया गया है। हादसे के बाद स्कूल परिसर और आसपास के इलाके में बड़ी संख्या में लोग जुट गए।

पाकिस्तान में स्कूल भवनों की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

पाकिस्तान में स्कूलों और अन्य इमारतों के ढहने की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इन घटनाओं के पीछे सुरक्षा मानकों की अनदेखी और निर्माण में घटिया सामग्री के इस्तेमाल जैसी वजहों को प्रमुख माना जाता रहा है। पेशावर की यह घटना भी स्कूल भवनों की सुरक्षा और निर्माण गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है।

पिछले छह महीनों में पाकिस्तान में स्कूल या शिक्षण संस्थानों से जुड़े ऐसे चार बड़े हादसे सामने आए हैं।

उमरकोट में जुलाई में एक सरकारी स्कूल की बाहरी दीवार गिरने से तीन बच्चियों की मौत हुई थी।

लाहौर के बागबानपुरा इलाके में जुलाई में ही एक निर्माणाधीन निजी स्कूल की छत गिरने से एक बच्चे की मौत हो गई थी।

लाहौर के कहना इलाके में जून में एक ट्यूशन सेंटर की छत गिरने से 14 बच्चों की जान चली गई थी।

डेरा गाजी खान में मई में स्कूल की छत गिरने की घटना में चार बच्चों की मौत हुई थी, जबकि 20 लोग घायल हुए थे।

पेशावर के ताजा हादसे ने एक बार फिर स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। खास तौर पर कम उम्र के बच्चों की मौजूदगी वाले स्कूल भवनों की संरचनात्मक सुरक्षा, निर्माण सामग्री और सुरक्षा मानकों की नियमित जांच की जरूरत पर सवाल उठ रहे हैं। फिलहाल इस हादसे में 21 लोगों की मौत और 40 से ज्यादा लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है।