बेटी की शादी के लिए लड़का देख रहे दिनेश की करंट से मौ*त, CCTV में कैद हुआ हा*दसा
फरीदाबाद की संजय कॉलोनी में सीवर के पानी से भरे गड्ढे में गिरने के बाद दिनेश तिवारी की करंट से मौत हुई। हादसे का CCTV सामने आया।
फरीदाबाद में सीवर के पानी से भरे गड्ढे में गिरने के बाद करंट लगने से फैक्ट्री श्रमिक दिनेश तिवारी की मौत
➤ छह महीने से 22 फुट रोड पर सीवर ओवरफ्लो, अधूरी सीवर लाइन और नीचे लटकते तारों के बीच हुआ हादसा
➤ तीन बेटियों और दिव्यांग पत्नी का सहारा थे दिनेश, बड़ी बेटी भूमिका की शादी के लिए देख रहे थे लड़का
फरीदाबाद। शहर की संजय कॉलोनी स्थित 22 फुट रोड पर सीवर के पानी से भरे गड्ढे में गिरने के बाद बिजली का करंट लगने से फैक्ट्री श्रमिक दिनेश तिवारी की मौत हो गई। हादसे का CCTV फुटेज सामने आया है, जिसमें दिनेश साइकिल से गिरते दिखाई दे रहे हैं। बताया गया है कि मंगलवार रात ड्यूटी से घर लौटते समय उनकी साइकिल का संतुलन बिगड़ गया और वह ट्रांसफॉर्मर के पास गिर गए। इस दौरान उनका हाथ नीचे लटक रहे बिजली के तारों से टकरा गया, जिससे उन्हें करंट लग गया।
इस हादसे ने एक परिवार से उसका इकलौता कमाने वाला सदस्य छीन लिया। दिनेश तिवारी पर अपनी पत्नी और तीन बेटियों की जिम्मेदारी थी। उनकी पत्नी मंजू तिवारी एक पैर से दिव्यांग हैं। दिनेश अपनी बड़ी बेटी भूमिका की शादी के लिए लड़का देख रहे थे, लेकिन परिवार की जिम्मेदारियां निभाने में जुटे दिनेश की जिंदगी एक हादसे में खत्म हो गई। घटना के बाद इलाके में लंबे समय से बनी सीवर ओवरफ्लो की समस्या और संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले छह महीने से सड़क पर सीवर का पानी भरा हुआ था। सीवर लाइन बदलने का काम शुरू किया गया था, लेकिन यह अधूरा छोड़ दिया गया। दूसरी ओर, सड़क पर बिजली के खंभों से तार नीचे लटक रहे थे। ऐसे हालात में रात के समय ड्यूटी से घर लौट रहे दिनेश हादसे का शिकार हो गए। घटना के बाद नगर निगम ने मामले की जांच कराने और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
परिवार में अकेले कमाने वाले थे दिनेश, तीन बेटियों की जिम्मेदारी
दिनेश तिवारी मूल रूप से पूरा बाजार गांव, तुलसीराम का पूर्वा, अयोध्या के रहने वाले थे। वह फरीदाबाद की शिव कॉलोनी में पत्नी मंजू तिवारी और तीन बेटियों के साथ रहते थे। परिवार का खर्च चलाने के लिए वह फैक्ट्री में काम करते थे। उनकी मौत के बाद परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
दिनेश की बड़ी बेटी भूमिका बीएससी की पढ़ाई कर रही है। वह उसकी शादी के लिए लड़का देख रहे थे। उनकी मंझली बेटी दसवीं कक्षा में और सबसे छोटी बेटी पांचवीं कक्षा में पढ़ती है। पत्नी मंजू तिवारी एक पैर से दिव्यांग हैं। ऐसे में दिनेश ही परिवार की आजीविका का मुख्य सहारा थे।
परिवार की जिम्मेदारियों के बीच दिनेश अपनी बेटी के भविष्य को संवारने की कोशिश कर रहे थे। बड़ी बेटी की शादी की तैयारी के लिए लड़का तलाशने में जुटे दिनेश के साथ हुए इस हादसे ने परिवार को गहरे संकट में डाल दिया है। मृतक के भाई राजेंद्र ने हादसे के लिए प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया है।
छह महीने से सीवर ओवरफ्लो, 60 प्रतिशत काम के बाद अधूरी छोड़ी लाइन
स्थानीय लोगों के अनुसार, संजय कॉलोनी की 22 फुट रोड पर करीब छह महीने पहले सीवर लाइन बदलने का काम शुरू किया गया था। यहां पहले 10 इंच की सीवर लाइन डाली गई थी, जो काफी पुरानी हो चुकी थी। आबादी के हिसाब से इसकी क्षमता भी कम पड़ रही थी। इसी वजह से यहां 30 इंच की नई सीवर लाइन डालने का काम शुरू किया गया।
नई लाइन डालने के लिए पहले सड़क की खुदाई की गई। हालांकि, करीब 60 प्रतिशत काम पूरा होने के बाद निर्माण कार्य अधूरा छोड़ दिया गया। इस लाइन को आगे 72 इंच की सीवर लाइन से जोड़ा जाना था, लेकिन मुख्य लाइन की सफाई नहीं होने के कारण काम आगे नहीं बढ़ सका।
इसका असर सड़क पर दिखाई देने लगा। सीवर का पानी बाहर निकलकर पूरी 22 फुट रोड पर फैल गया। स्थानीय लोगों के मुताबिक, लंबे समय से बनी इस समस्या के कारण आवागमन प्रभावित हो रहा था। इसी सड़क पर बिजली के खंभों से तार भी काफी नीचे लटक रहे थे। इन परिस्थितियों के बीच दिनेश के साथ हादसा हो गया।
72 इंच की सीवर लाइन पहले से ओवरफ्लो, सफाई नहीं होने से अटका काम
नगर निगम के अनुसार, जिस 72 इंच की सीवर लाइन से नई लाइन को जोड़ा जाना था, वह पहले से ही ओवरफ्लो चल रही थी। ऐसे में नई सीवर लाइन को जोड़ने से पहले मुख्य लाइन की सफाई जरूरी थी। यह सफाई फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण (FMDA) की ओर से की जानी थी।
बताया गया है कि इस संबंध में प्राधिकरण को बार-बार रिमाइंडर भेजे गए, लेकिन सफाई का काम नहीं हो सका। इसके चलते नई सीवर लाइन डालने का काम भी आगे नहीं बढ़ पाया। धीरे-धीरे हालात ऐसे हो गए कि पूरी 22 फुट रोड सीवर के पानी में डूब गई।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क पर लंबे समय तक ऐसी स्थिति बनी रहने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया। सड़क पर गंदा पानी भरा होने और बिजली के तार नीचे लटकने के कारण खतरा बना हुआ था। दिनेश की मौत के बाद अब इस मामले में संबंधित विभागों की जिम्मेदारी को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
पार्षद संगीता भारद्वाज ने पांच बार लिखा पत्र
वार्ड-4 की निगम पार्षद संगीता भारद्वाज ने बताया कि उन्होंने FMDA और नगर निगम को पांच बार पत्र लिखकर बड़ी और छोटी, दोनों सीवर लाइनों की सफाई कराने की मांग की थी। इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो पाया।
पार्षद के अनुसार, सीवर लाइन डालने का काम ओवरफ्लो की वजह से रुका हुआ है। जब तक 72 इंच की मुख्य सीवर लाइन की सफाई नहीं होती, तब तक नई लाइन डालने का काम आगे नहीं बढ़ सकता।
उन्होंने मामले में अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की। उनका कहना है कि जिस तरह की स्थिति सड़क पर बनी हुई थी, उसकी जांच होनी चाहिए और लापरवाही सामने आने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया जाना चाहिए।
चार बार टेंडर जारी होने के बाद भी सफाई के लिए नहीं मिली एजेंसी
फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण (FMDA) के एक्सईएन ओमदत्त के मुताबिक, 72 इंच की सीवर लाइन की सफाई के लिए चार बार टेंडर जारी किए गए, लेकिन कोई एजेंसी काम लेने के लिए आगे नहीं आई।
उन्होंने बताया कि अब इस काम के लिए दोबारा टेंडर लगाया गया है। मुख्य सीवर लाइन की सफाई नहीं होने के कारण नई लाइन को जोड़ने का काम भी प्रभावित हुआ है।
हालांकि, सड़क पर छह महीने से बनी समस्या के बीच हादसा होने के बाद यह सवाल उठ रहा है कि सीवर ओवरफ्लो और नीचे लटकते बिजली के तारों से लोगों को बचाने के लिए समय रहते क्या कदम उठाए गए थे।
नगर निगम कमिश्नर ने जांच और कार्रवाई का दिया आश्वासन
नगर निगम कमिश्नर यशेंद्र सिंह ने कहा कि मामले की जांच करवाई जाएगी। सीवर ओवरफ्लो होने की वजह का पता लगाया जाएगा और संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा जाएगा।
उन्होंने कहा कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नगर निगम की ओर से कार्रवाई की जाएगी। हादसे के बाद अब यह जांच महत्वपूर्ण होगी कि सड़क पर लंबे समय से सीवर का पानी भरने की समस्या क्यों बनी रही और इससे निपटने के लिए समय पर कदम क्यों नहीं उठाए गए।
बिजली निगम ने जिम्मेदारी से किया इनकार, अधिकारियों से मांगा जाएगा जवाब
बिजली निगम की एक्सईएन उर्मिला ने हादसे में बिजली विभाग की गलती से इनकार किया है। उनका कहना है कि बारिश के दौरान जहां-जहां बिजली के तार नीचे लटक रहे थे, उन्हें ठीक कराया गया था। इसके बावजूद मामले की विभागीय जांच करवाई जाएगी।
उन्होंने बताया कि संबंधित स्थान पर बैरिकेडिंग लगाई जानी चाहिए थी। इस संबंध में एसडीओ और जेई से जवाब मांगा जाएगा।
हादसे के बाद सीवर व्यवस्था, अधूरी सड़क खुदाई, बिजली के नीचे लटकते तारों और सुरक्षा इंतजामों को लेकर अलग-अलग विभागों की भूमिका पर सवाल खड़े हो रहे हैं। दिनेश तिवारी की मौत ने उस परिवार को असहाय कर दिया है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी उनके कंधों पर थी। अब परिवार को न्याय दिलाने और हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करने की मांग उठ रही है।
Akhil Mahajan