गोतस्कर साजिद एनकाउंटर में ढेर,दो साथी फरार, थार में ले जा रहे थे 2 गायें
गुरुग्राम में सीआईए नूंह की टीम से मुठभेड़ में गोतस्कर साजिद उर्फ आडवाणी की मौत हो गई। थार में दो गायें थीं, जबकि उसके दो साथी फरार हैं।
गुरुग्राम में पुलिस मुठभेड़ में कुख्यात गोतस्कर साजिद उर्फ आडवाणी की मौत
➤ थार में दो गायों को लेकर जा रहे थे तीन आरोपी, पुलिस के अनुसार 6 से 12 राउंड हुई फायरिंग
➤ साजिद पर हत्या, डकैती, गोतस्करी और वाहन चोरी समेत 30 से ज्यादा मामले दर्ज होने की जानकारी
गुरुग्राम में गुरुवार तड़के सीआईए नूंह की टीम और पशु तस्करों के बीच मुठभेड़ हो गई। पुलिस के मुताबिक, काले रंग की थार में दो गायों को लेकर जा रहे तीन आरोपियों ने रोकने की कोशिश करने पर गाड़ी के अंदर से ही फायरिंग शुरू कर दी। जवाब में पुलिस ने भी गोलियां चलाईं। इस दौरान गोली लगने से साजिद उर्फ आडवाणी (27) की मौत हो गई, जबकि उसके दो साथी फायरिंग करते हुए जंगल की ओर भाग निकले।
मुठभेड़ सिलानी मोड़ के पास हुई। पुलिस ने फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए आसपास के इलाके में तलाशी अभियान चलाया, लेकिन दोनों आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में कामयाब रहे। पुलिस ने थार को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। वहीं, मृतक का शव पोस्टमार्टम के लिए सोहना के नागरिक अस्पताल के शवगृह में रखवाया गया है।
पुलिस के अनुसार, साजिद नूंह जिले के खरखड़ी गांव का रहने वाला था और गुरुग्राम तथा मेवात इलाके में पशु तस्करी के मामलों में कुख्यात माना जाता था। उसके खिलाफ हत्या, डकैती, पशु तस्करी, आर्म्स एक्ट और वाहन चोरी समेत कई आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। खबर में उसके खिलाफ 30 से ज्यादा मामलों का जिक्र है, जबकि पुलिस रिकॉर्ड से संबंधित एक अन्य हिस्से में 24 से ज्यादा मुकदमों का उल्लेख किया गया है।
सिलानी मोड़ के पास पुलिस ने थार को रोकने की कोशिश की
पुलिस के मुताबिक, गुरुवार सुबह करीब चार बजे सीआईए नूंह की टीम को गोतस्करी के आरोपियों के बारे में सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस टीम ने संदिग्धों का पीछा करना शुरू किया। आरोपी थार गाड़ी नंबर HR 51 BR 6483 में दो गायों को लेकर जा रहे थे।
जब पुलिस टीम ने सिलानी मोड़ के पास थार को रोकने का प्रयास किया तो आरोपियों ने गाड़ी के अंदर से फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की। इसी दौरान साजिद उर्फ आडवाणी को गोली लग गई। पुलिस टीम उसे उपचार के लिए अस्पताल लेकर पहुंची, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मुठभेड़ के दौरान दोनों पक्षों के बीच 6 से 12 राउंड फायरिंग होने की जानकारी दी गई है। घटना के बाद आसपास के क्षेत्र में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पुलिस ने फरार आरोपियों की तलाश में आसपास के इलाकों में अभियान चलाया, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं लग सका।
घटनास्थल पर पहुंची सीन ऑफ क्राइम और एफएसएल टीम
मुठभेड़ के बाद पुलिस ने घटनास्थल की जांच शुरू कर दी। सीन ऑफ क्राइम और एफएसएल की टीम मौके पर पहुंची और जरूरी साक्ष्य जुटाए। टीम ने घटनास्थल से मिले सबूतों के आधार पर मुठभेड़ से जुड़े तथ्यों की पड़ताल शुरू की।
पुलिस ने थार गाड़ी को कब्जे में लेकर उसकी जांच भी शुरू कर दी है। गाड़ी में मौजूद दोनों गायों के स्वास्थ्य की जांच के लिए पशु चिकित्सक को मौके पर बुलाया गया। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी कहां से गायों को लेकर आ रहे थे और उनकी तस्करी की योजना क्या थी।
फरार आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। इसके साथ ही पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है, ताकि आरोपियों के भागने की दिशा और उनके बारे में अन्य सुराग मिल सकें।
हत्या, डकैती और गोतस्करी समेत कई मामले दर्ज
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, साजिद उर्फ आडवाणी के खिलाफ हत्या, डकैती, पशु तस्करी, आर्म्स एक्ट और वाहन चोरी जैसे अपराधों से जुड़े कई मामले दर्ज थे। वह लंबे समय से पुलिस के निशाने पर था। गुरुग्राम और मेवात क्षेत्र में उसके खिलाफ दर्ज मामलों के चलते पुलिस उसकी तलाश कर रही थी।
खबर के अनुसार, साजिद पर 30 से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज थे। वहीं, पुलिस रिकॉर्ड के संदर्भ में एक अन्य हिस्से में उसके खिलाफ अलग-अलग थानों में 24 से ज्यादा मुकदमों का उल्लेख है। इन मामलों में अपराधों की प्रकृति और अलग-अलग थानों में दर्ज मुकदमों की जानकारी सामने आई है।
साजिद पहली बार मार्च 2018 में पटौदी इलाके में कार चोरी के एक मामले में पुलिस की गिरफ्त में आया था। बाद में पूछताछ के दौरान उसने कई वारदातों के बारे में जानकारी दी थी।
टॉयलेट जाने का बहाना बनाकर पुलिस हिरासत से भागा था
मार्च 2018 में गिरफ्तारी के बाद साजिद को एक एटीएम चोरी के मामले में भी पूछताछ और जांच के लिए ले जाया जा रहा था। उस समय बिलासपुर क्राइम ब्रांच की टीम उसे वारदात के स्थान पर लेकर जा रही थी, ताकि साक्ष्य जुटाने और मौका मुआयना कराने की प्रक्रिया पूरी की जा सके।
इसी दौरान साजिद ने पुलिसकर्मियों से टॉयलेट जाने की बात कही। खबर के मुताबिक, इसी बहाने का फायदा उठाकर वह पुलिसकर्मियों को चकमा देकर फरार हो गया था। इसके बाद से वह पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ था और उसकी तलाश की जा रही थी।
इसी साल ग्रामीणों ने पुलिस हिरासत से छुड़ाया था
खबर में बताया गया है कि इसी साल मई में भी पुलिस ने एक मुठभेड़ के बाद साजिद उर्फ आडवाणी और उसके एक साथी को पकड़ा था। हालांकि, इसके बाद गांव से बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों ने पुलिस टीम के साथ हाथापाई की और आरोपियों को हिरासत से छुड़ाकर फरार कर दिया।
आरोप है कि साजिद के समर्थकों ने पुलिसकर्मियों पर लाठी-डंडों और लोहे की सरियों से हमला किया था। इस दौरान पुलिस की गाड़ियों में भी तोड़फोड़ की गई। घटना के बाद से साजिद एक बार फिर पुलिस की तलाश में था।
अब गुरुवार तड़के सिलानी मोड़ के पास हुई मुठभेड़ में साजिद की मौत हो गई है, जबकि उसके दो साथी फरार हैं। पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है और मामले से जुड़े साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
Akhil Mahajan