हरियाणा में महेंद्र मर्डर केस का बड़ा खुलासा, बाप-बेटे ने रची थी डबल मर्डर की साजिश, गिरफ्तार

गुरुग्राम महेंद्र मर्डर केस में बड़ा खुलासा हुआ है। बाप-बेटे ने डबल मर्डर की साजिश रची और पांच दिन रेकी की। पिस्तौल जाम होने से साहिल बच गया।

हरियाणा में महेंद्र मर्डर केस का बड़ा खुलासा, बाप-बेटे ने रची थी डबल मर्डर की साजिश, गिरफ्तार

बाप-बेटे ने मिलकर महेंद्र और साहिल की हत्या की साजिश रची
5 दिनों से कर रहे थे रेकी, पिस्तौल जाम होने से साहिल की बची जान
पर्व के पिता-भाई समेत 5 आरोपी गिरफ्तार, अन्य शूटरों की तलाश जारी

गुरुग्राम में चर्चित महेंद्र मर्डर केस में पुलिस जांच के दौरान बड़ा खुलासा हुआ है। सामने आया है कि हमलावरों का निशाना सिर्फ महेंद्र नहीं थे, बल्कि वे उनके बेटे साहिल को भी मौत के घाट उतारना चाहते थे। आरोपियों ने वारदात को अंजाम देने से पहले करीब 5 दिनों तक महेंद्र और साहिल की रेकी की थी। दोनों के घर से निकलने और वापस लौटने के समय पर लगातार नजर रखी जा रही थी।

पुलिस जांच के मुताबिक आरोपी ऐसे मौके का इंतजार कर रहे थे, जब महेंद्र और साहिल एक साथ ऐसी जगह मिलें, जहां वारदात के बाद आसानी से फरार हुआ जा सके। आखिरकार गुरुवार सुबह जब महेंद्र अपने बेटे साहिल के साथ बाइक से सदर बाजार स्थित अपनी दुकान पर जा रहे थे, तभी बसई रोड पर बदमाशों ने हमला कर दिया

पर्व की हत्या की रंजिश में पूरे परिवार को खत्म करने की साजिश

पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि आरोपियों के मन में बदले की भावना इस कदर हावी थी कि वे पूरे परिवार को खत्म करना चाहते थे। जिस पर्व उर्फ बड़ी की हत्या में महेंद्र के बेटे प्रियांशु का नाम आया था, उसी रंजिश के चलते पर्व के पिता और छोटे भाई ने महेंद्र और साहिल की हत्या की पूरी साजिश रची।

आरोपी पिछले 5 दिनों से महेंद्र और साहिल की गतिविधियों पर नजर रख रहे थे। वे यह पता कर रहे थे कि दोनों किस समय घर से निकलते हैं और कब वापस लौटते हैं। उनका मकसद ऐसा मौका तलाशना था, जब दोनों बाप-बेटे एक साथ हों और उन्हें एक ही वारदात में निशाना बनाया जा सके।

गोली चलने के बाद सड़क पर गिर पड़े महेंद्र, साहिल पर भी साधा निशाना

वारदात के समय बाइक पर सवार 3 हमलावरों में से एक ने बेहद करीब से महेंद्र के पेट में गोली मार दी। गोली लगते ही महेंद्र खून से लथपथ होकर सड़क पर गिर पड़े।

इसके तुरंत बाद दूसरे बदमाश ने महेंद्र के बेटे साहिल को भी निशाना बनाया। आरोपी ने साहिल को मारने के लिए ट्रिगर दबाया, लेकिन ऐन वक्त पर उसकी देसी पिस्तौल जाम हो गई। पिस्तौल मिसफायर होने की वजह से गोली नहीं चली और साहिल की जान बाल-बाल बच गई।

अगर उस समय पिस्तौल चल जाती तो आरोपी अपने दोनों मंसूबों में कामयाब हो जाते। वारदात के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। महेंद्र को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

पर्व के पिता और भाई समेत 5 आरोपी गिरफ्तार

पुलिस ने मामले में अब तक 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें मुख्य साजिशकर्ता पर्व उर्फ बड़ी के पिता और उसका भाई भी शामिल हैं।

गिरफ्तार आरोपियों में पर्नव पारासर उर्फ छोटी (उम्र 20 वर्ष)प्रवीण पारासर (उम्र 45 वर्ष) दोनों निवासी गांव बिप्रावली, जिला आगरा, उत्तर-प्रदेश, वर्तमान निवासी देवीलाल कॉलोनी, देव शर्मा उर्फ केमटी (उम्र-22 वर्ष) निवासी गांव पूरनपुर पीलीभीत जिला बरेली, उत्तर-प्रदेश, हाल निवासी सेक्टर-9, अंकित उर्फ बंटी (उम्र-19 वर्ष) निवासी गांव बसई और उत्सव (उम्र-19 वर्ष) निवासी खुटाहा, जिला लख्खीसराय, बिहार, हाल निवासी भवानी एनक्लेव शामिल हैं।

जनवरी 2025 से चली आ रही रंजिश से जुड़ा है मामला

एसीपी क्राइम नवीन शर्मा के मुताबिक यह पूरा मामला जनवरी 2025 से चली आ रही रंजिश और बदले की भावना से जुड़ा हुआ है। मृतक महेंद्र का एक अन्य बेटा प्रियांशु पहले से ही एक मर्डर केस के आरोप में जेल में बंद है। इसी रंजिश के चलते दूसरे पक्ष ने इस खूनी वारदात को अंजाम दिया।

पुलिस अब मामले से जुड़े अन्य आरोपियों और फरार शूटरों की तलाश में जुटी है। इसके लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाली जा रही है और अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।

पुलिस से बचकर भागे तो गड्ढे में गिरने से दो आरोपियों की टांग टूटी

पुलिस के मुताबिक गढ़ी हरसरू के पास पुलिस टीम ने आरोपियों को घेर लिया था। पुलिस से बचने के लिए आरोपी बाइक छोड़कर भागने लगे। इसी दौरान गड्ढे में गिरने से देव और अंकित की टांग टूट गई

पुलिस ने दोनों को काबू कर लिया और मामले की जांच को आगे बढ़ाया।

हथियार और बाइक बरामद, देव ने चलाई थी गोली

पुलिस जांच के अनुसार आरोपी प्रवीण और पर्नव ने अपने अन्य साथी आरोपियों देव, अंकित व उत्सव के साथ मिलकर महेंद्र और उसके बेटे की हत्या की साजिश रची थी। साजिश को अंजाम देने के लिए पर्नव पारासर उर्फ छोटी और प्रवीण पारासर ने अपने अन्य साथियों को हथियार एवं रुपए उपलब्ध करवाए। इसके बाद महेंद्र की हत्या की वारदात को अंजाम दिया गया।

हत्या की वारदात के दौरान आरोपी देव ने गोली चलाई थी। आरोपियों द्वारा रची गई साजिश के तहत महेंद्र और उनके बेटे दोनों की हत्या करने का इरादा था, लेकिन हमलावर एक ही हत्या की वारदात को अंजाम दे सके।

पुलिस टीम ने आरोपियों के कब्जे से 01 देशी कट्टा, 01 कारतूस और वारदात में प्रयोग की गई बाईक बरामद की है। पुलिस अब इस हत्याकांड में शामिल अन्य आरोपियों और फरार शूटरों तक पहुंचने के लिए जांच आगे बढ़ा रही है।