अश्लील फोटो, 15 लाख की डिमांड और रेलवे अफसर: हुस्न के जाल का ऐसे हुआ पर्दाफाश
झांसी में रेलवे अफसर को AI से आपत्तिजनक फोटो बनाकर ब्लैकमेल करने के आरोप में मरीना जेस्सी जेल भेजी गई। पुलिस लैपटॉप, मोबाइल और चैट की जांच कर रही है।
➤ रेलवे अफसर को ब्लैकमेल करने वाली युवती जेल भेजी गई, 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा
➤ AI से आपत्तिजनक फोटो बनाकर 15 लाख रुपये मांगने का आरोप, लैपटॉप-मोबाइल से मिले डिजिटल सबूत
➤ पत्नी ने WhatsApp चैट और तस्वीरें पुलिस को सौंपीं, फोरेंसिक जांच से खुलेगा तस्वीरों का सच
रेलवे अफसर को AI से आपत्तिजनक फोटो बनाकर ब्लैकमेल करने के आरोप में गिरफ्तार मरीना लाजरस उर्फ मरीना जेस्सी (27) को पुलिस ने 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है। पुलिस ने उसके कब्जे से मिले लैपटॉप और दो मोबाइल फोन को जांच के लिए अपने कब्जे में लिया है। लैपटॉप की जांच में कई ऑडियो रिकॉर्डिंग मिली हैं, जबकि मोबाइल नंबरों की CDR भी निकाली जा रही है।
पुलिस ने उन तस्वीरों को भी अपने कब्जे में लिया है, जिनके आधार पर रेलवे अफसर को ब्लैकमेल करने का आरोप लगाया गया है। इन तस्वीरों की फोरेंसिक जांच कराई जाएगी, ताकि यह पता लगाया जा सके कि तस्वीरें असली हैं या AI के जरिए तैयार अथवा एडिट की गई हैं।
इधर, रेलवे अधिकारी जितेंद्र कुमार शर्मा की पत्नी अंकिता भारद्वाज शुक्रवार को नवाबाद थाने पहुंचीं। उन्होंने पुलिस को WhatsApp चैट और तस्वीरें साक्ष्य के तौर पर सौंपी हैं। उनका आरोप है कि मरीना AI की मदद से आपत्तिजनक तस्वीरें तैयार कर उनके पति और परिवार को ब्लैकमेल कर रही थी और 15 लाख रुपये की मांग कर रही थी।
पत्नी की शिकायत पर 2 अगस्त को दर्ज हुई थी FIR
झांसी में रहने वाले जितेंद्र कुमार शर्मा वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त (RPF) हैं। उनकी पत्नी अंकिता भारद्वाज ने मरीना के खिलाफ नवाबाद थाने में 2 अगस्त को FIR दर्ज कराई थी।
शिकायत में अंकिता ने आरोप लगाया कि मरीना फोन और WhatsApp के जरिए उनके पति और पूरे परिवार को ब्लैकमेल कर रही थी। आरोप है कि उसने परिवार की महिलाओं की AI से एडिटेड आपत्तिजनक फोटो सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दी।
अंकिता के मुताबिक, इस धमकी से डरकर परिवार ने जनवरी से जून 2026 के बीच मरीना को Google Pay के जरिए सात बार रकम भेजी। इनमें 5 हजार, 10 हजार, 7 हजार, 3 हजार, 3 हजार, 2 हजार और 10 हजार रुपये शामिल हैं।
इसके बाद 31 जुलाई को मरीना ने जितेंद्र की आपत्तिजनक एडिटेड फोटो उनके WhatsApp पर भेजीं। इसके बाद परिवार ने पुलिस से शिकायत की।
सरकारी आवास पर पहुंचकर 15 लाख रुपये मांगने का आरोप
अंकिता भारद्वाज ने आरोप लगाया कि मरीना 2 जून को दोपहर करीब 1:30 बजे उनके पति जितेंद्र के कुंज स्थित सरकारी आवास पर पहुंची थी।
शिकायत के अनुसार, वहां मरीना ने गाली-गलौज करते हुए 15 लाख रुपये की मांग की। आरोप है कि उसने परिवार को जान से मारने की धमकी भी दी।
परिवार की ओर से लगाए गए इन आरोपों की पुलिस जांच कर रही है। पुलिस अब डिजिटल साक्ष्यों और अन्य उपलब्ध तथ्यों के आधार पर पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
प्रयागराज से गिरफ्तार कर झांसी लाई गई थी मरीना
पुलिस ने 9 सितंबर को मरीना को प्रयागराज से गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद उसे झांसी लाया गया।
पुलिस के अनुसार, उसके पास से एक लैपटॉप और दो मोबाइल फोन बरामद हुए। लैपटॉप की जांच के दौरान कई ऑडियो रिकॉर्डिंग मिली हैं। वहीं, मोबाइल में इस्तेमाल किए गए नंबरों की CDR निकाली जा रही है।
इन डिजिटल उपकरणों की जांच अब मामले में आगे की कार्रवाई के लिए अहम मानी जा रही है।
WhatsApp चैट से लेकर UPI लेन-देन तक खंगाल रही पुलिस
पुलिस इस मामले में केवल तस्वीरों की जांच तक सीमित नहीं है। अब WhatsApp चैट, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, UPI लेन-देन, ऑडियो रिकॉर्डिंग और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है।
पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि मरीना और रेलवे अधिकारी के परिवार के बीच किस तरह की बातचीत हुई और कथित तौर पर रकम की मांग तथा भुगतान का पूरा सिलसिला क्या था।
तस्वीरों की फोरेंसिक जांच से यह भी स्पष्ट करने की कोशिश होगी कि शिकायत में बताई गई आपत्तिजनक तस्वीरों के साथ किस तरह की तकनीक का इस्तेमाल किया गया था।
परिवार को आशंका- ब्लैकमेलिंग में कोई और भी शामिल हो सकता है
परिवार की ओर से आशंका जताई गई है कि मरीना इस मामले में अकेली नहीं थी। पुलिस अब डिजिटल साक्ष्यों के जरिए यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित ब्लैकमेलिंग में कोई और व्यक्ति भी शामिल था या नहीं।
इसके लिए पुलिस कॉल डिटेल, WhatsApp चैट, ऑडियो रिकॉर्डिंग और अन्य डिजिटल गतिविधियों की जांच कर रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी।
मरीना ने खुद को बताया था फर्जी FIR का शिकार
गिरफ्तारी के बाद पुलिस हिरासत में मरीना ने अपने ऊपर फेक FIR दर्ज किए जाने का आरोप लगाया था। उसने कहा था कि वह सबूतों के साथ इस बात को साबित करेगी।
अब पुलिस उसके पास से मिले डिजिटल उपकरणों और तस्वीरों की फोरेंसिक जांच के आधार पर मामले की आगे की जांच करेगी। जांच के बाद ही आपत्तिजनक तस्वीरों की वास्तविकता, कथित ब्लैकमेलिंग और इसमें किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका को लेकर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
मरीना मूलरूप से कर्नाटक की रहने वाली है। फिलहाल उसे 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है और पुलिस मामले से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों की पड़ताल कर रही है।
Akhil Mahajan