एक तरफ अंबानी-अडाणी की संपत्ति घटी, दूसरी तरफ किसकी दौलत ₹1 लाख करोड़ बढ़ गई?
फॉर्च्यून इंडिया की टॉप-100 सूची में अंबानी-अडाणी की संपत्ति ₹1.41 लाख करोड़ घटी, फिर भी दोनों शीर्ष पर हैं। 56 अरबपतियों की संपत्ति बढ़ी।
➤ अंबानी-अडाणी की संपत्ति में ₹1.41 लाख करोड़ की गिरावट, फिर भी टॉप-2 में कायम
➤ 56 अरबपतियों की संपत्ति बढ़ी, 31 की घटी; 13 नए चेहरे टॉप-100 में शामिल
➤ सावित्री जिंदल की संपत्ति ₹1 लाख करोड़ बढ़ी, भारती बंधुओं की दौलत में 78% उछाल
फॉर्च्यून इंडिया ने देश के टॉप-100 अरबपतियों की नई सूची जारी की है। सूची में देश के सबसे बड़े उद्योगपतियों की संपत्ति में बीते साल के दौरान बड़ा उतार-चढ़ाव देखने को मिला। खास बात यह रही कि देश के टॉप-2 अमीरों मुकेश अंबानी और गौतम अडाणी की संपत्ति में कुल ₹1.41 लाख करोड़ की कमी आई, लेकिन इसके बावजूद दोनों अपनी-अपनी रैंकिंग पर कायम हैं। मुकेश अंबानी पहले और गौतम अडाणी दूसरे नंबर पर बने हुए हैं।
फॉर्च्यून इंडिया की इस सूची में संपत्ति के बढ़ने और घटने की तस्वीर एकतरफा नहीं रही। जहां 56 उद्योगपतियों की कुल संपत्ति 7.70 लाख करोड़ रुपए बढ़ी, वहीं 31 उद्योगपतियों की संपत्ति में कमी दर्ज की गई। इस बार सूची में 13 नए चेहरे भी शामिल हुए हैं, जिससे देश के शीर्ष 100 अमीरों की सूची में नए कारोबारी नामों की एंट्री हुई है।
अंबानी की संपत्ति में ₹82 हजार करोड़ की कमी, अडाणी को ₹59 हजार करोड़ का नुकसान
देश के सबसे अमीर कारोबारी मुकेश अंबानी की संपत्ति में इस दौरान सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज हुई। उनकी कुल संपत्ति ₹82 हजार करोड़ कम हुई। इसके बावजूद वह फॉर्च्यून इंडिया की टॉप-100 अरबपतियों की सूची में पहले स्थान पर बने हुए हैं।
वहीं, गौतम अडाणी की संपत्ति में भी बड़ी कमी आई। उनकी संपत्ति ₹59 हजार करोड़ घटी। अंबानी और अडाणी की संपत्ति में आई इस संयुक्त गिरावट का आंकड़ा ₹1.41 लाख करोड़ है। इतनी बड़ी कमी के बावजूद दोनों कारोबारी देश के सबसे अमीर लोगों की सूची में पहले और दूसरे स्थान पर बने हुए हैं।
30 उद्योगपतियों की संपत्ति में कुल ₹4.26 लाख करोड़ की गिरावट
फॉर्च्यून इंडिया की सूची के मुताबिक टॉप-100 में 30 उद्योगपतियों की संपत्ति कुल ₹4.26 लाख करोड़ घटी है। इनमें मुकेश अंबानी की संपत्ति में हुई ₹82 हजार करोड़ की कमी सबसे बड़ी गिरावट रही, जबकि गौतम अडाणी की संपत्ति ₹59 हजार करोड़ कम हुई।
इससे साफ है कि शीर्ष उद्योगपतियों के बीच संपत्ति में बदलाव का असर काफी बड़ा रहा है। हालांकि दूसरी तरफ कई कारोबारियों की संपत्ति में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई, जिससे पूरी सूची की कुल तस्वीर संतुलित नजर आती है।
सावित्री जिंदल की संपत्ति में सबसे बड़ा इजाफा
जहां कई बड़े उद्योगपतियों की संपत्ति में गिरावट दर्ज हुई, वहीं सावित्री जिंदल के लिए यह साल काफी बेहतर रहा। उनकी संपत्ति में ₹1 लाख करोड़ की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जो सूची में संपत्ति बढ़ने के मामले में सबसे बड़ा इजाफा है।
टॉप-100 में शामिल 56 उद्योगपतियों की कुल संपत्ति 7.70 लाख करोड़ रुपए बढ़ी। यानी जहां कुछ बड़े नामों की संपत्ति में भारी कमी आई, वहीं बड़ी संख्या में उद्योगपतियों ने अपनी संपत्ति में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की।
भारती परिवार के श्याम और हरि की संपत्ति 78% बढ़ी
प्रतिशत के हिसाब से संपत्ति में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी श्याम भारती और हरि भारती की हुई। दोनों की संपत्ति में 78 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
यह वृद्धि प्रतिशत के लिहाज से सूची में सबसे बड़ी बढ़ोतरी रही। इस तरह फॉर्च्यून इंडिया की सूची में संपत्ति बढ़ने वाले उद्योगपतियों के बीच भारती परिवार के इन दोनों नामों ने खास जगह बनाई है।
पहली बार टॉप-100 में पहुंचे रुंगटा परिवार के दो नाम
इस बार फॉर्च्यून इंडिया की टॉप-100 सूची में 13 नए चेहरे शामिल हुए हैं। इनमें माइनिंग कंपनी रुंगटामाइंस के नंदलाल रुंगटा और मुकुंद रुंगटा भी शामिल हैं।
दोनों कारोबारी पहली बार इस सूची का हिस्सा बने हैं और उन्हें 61वें नंबर पर जगह मिली है। माइनिंग क्षेत्र से जुड़े इन दोनों नामों की टॉप-100 में एंट्री इस साल की सूची में प्रमुख बदलावों में शामिल है।
संपत्ति घटने वालों के बीच भी शीर्ष स्थान पर कायम अंबानी-अडाणी
फॉर्च्यून इंडिया की नई सूची देश के बड़े उद्योगपतियों की संपत्ति में बदलती कारोबारी तस्वीर सामने रखती है। एक ओर मुकेश अंबानी और गौतम अडाणी जैसे शीर्ष कारोबारी दिग्गजों की संपत्ति में क्रमशः ₹82 हजार करोड़ और ₹59 हजार करोड़ की कमी आई है, तो दूसरी ओर सावित्री जिंदल सहित कई उद्योगपतियों की संपत्ति में बड़ी बढ़ोतरी हुई है।
कुल मिलाकर 56 उद्योगपतियों की संपत्ति बढ़ी, 31 की घटी और 13 नए चेहरे टॉप-100 में शामिल हुए हैं। संपत्ति में भारी गिरावट के बावजूद मुकेश अंबानी और गौतम अडाणी का देश के सबसे अमीर लोगों में क्रमशः पहला और दूसरा स्थान बरकरार रहना इस सूची की सबसे बड़ी खासियत है।
Akhil Mahajan