हरियाणा कांग्रेस में राष्ट्रीय सचिव बनने की होड़, 15 नेताओं के इंटरव्यू से बढ़ी सियासी हलचल

हरियाणा कांग्रेस में राष्ट्रीय सचिव पद के लिए 15 नेताओं ने इंटरव्यू दिया। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने साक्षात्कार लिया। तीन नियुक्तियों की घोषणा जल्द संभव है।

हरियाणा कांग्रेस में राष्ट्रीय सचिव बनने की होड़, 15 नेताओं के इंटरव्यू से बढ़ी सियासी हलचल

हरियाणा कांग्रेस में राष्ट्रीय सचिव पद के लिए 15 नेताओं ने दिए इंटरव्यू
राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने खुद लिया दावेदारों का साक्षात्कार, तीन पदों पर होनी है नियुक्ति
खुशबू शर्मा, अमित सिहाग, दिव्यांशु बुद्धिराजा और अनिल सैनी की दावेदारी सबसे मजबूत मानी जा रही


हरियाणा कांग्रेस में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआइसीसी) के राष्ट्रीय सचिव बनने के लिए नेताओं के बीच होड़ तेज हो गई है। पार्टी के भीतर इस पद को लेकर जबरदस्त लाबिंग चल रही है। खास बात यह है कि इस बार हरियाणा से तीन नेताओं को राष्ट्रीय सचिव बनाया जाना है और इसके लिए कुल 15 नेताओं ने इंटरव्यू दिया है।

राष्ट्रीय सचिव पद के लिए चयन प्रक्रिया में इस बार एक महत्वपूर्ण बदलाव भी देखने को मिला है। पहली बार इन नियुक्तियों के लिए बाकायदा इंटरव्यू प्रक्रिया अपनाई गई है। सबसे खास बात यह रही कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने स्वयं राष्ट्रीय सचिव पद के दावेदारों का साक्षात्कार लिया। इंटरव्यू की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और अब कांग्रेस के भीतर नियुक्तियों की घोषणा का इंतजार किया जा रहा है।

12 साल से सत्ता से बाहर कांग्रेस में संगठनात्मक पद को लेकर बढ़ी सक्रियता

कांग्रेस पिछले करीब 12 साल से सत्ता से बाहर है, लेकिन पार्टी के भीतर संगठनात्मक पदों को लेकर उत्साह कम होने के बजाय बढ़ता दिखाई दे रहा है। हरियाणा में कांग्रेस के प्रभारी संजय दत्त के राज्य स्तरीय दौरों के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं में सक्रियता बढ़ी है।

इसी बढ़ी हुई राजनीतिक सक्रियता के बीच एआइसीसी में राष्ट्रीय सचिव बनने की दौड़ ने हरियाणा कांग्रेस के भीतर माहौल को और गर्म कर दिया है। नेता राष्ट्रीय संगठन में जगह बनाने के लिए अपनी-अपनी दावेदारी मजबूत करने में जुटे हैं। समर्थक भी अपने नेताओं के पक्ष में माहौल बनाने में सक्रिय हो गए हैं।

राजनीतिक तौर पर इस पूरी कवायद को केवल एक संगठनात्मक नियुक्ति के तौर पर नहीं देखा जा रहा है। लंबे समय से विपक्ष में रहने के बावजूद राष्ट्रीय संगठन में हिस्सेदारी के लिए हरियाणा कांग्रेस के नेताओं की सक्रियता यह संकेत देती है कि पार्टी के भीतर संगठन में प्रभाव और महत्वपूर्ण पद हासिल करने की चाह अभी भी मजबूत है।

डूसू चुनाव के बाद हो सकती है राष्ट्रीय सचिवों की घोषणा

राष्ट्रीय सचिवों की नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और अब घोषणा का इंतजार है। बताया जा रहा है कि 18 सितंबर को दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) के चुनाव होने हैं। इसमें एनएसयूआइ की भागीदारी को देखते हुए संभावना जताई जा रही है कि राष्ट्रीय सचिवों की नियुक्ति की घोषणा डूसू चुनाव के बाद की जाए।

फिलहाल हरियाणा से विनीत पुनिया, चिरंजीव राव और चेतन चौहान एआइसीसी के राष्ट्रीय सचिव की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। अब तीन नए नेताओं की नियुक्ति के लिए प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।

राष्ट्रीय टीम में जगह के लिए इन 15 नेताओं ने आजमाई किस्मत

राष्ट्रीय सचिव पद के लिए इंटरव्यू देने वाले नेताओं में कई अनुभवी और युवा चेहरे शामिल हैं। इनमें डबवाली के पूर्व विधायक एवं युवक कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अमित सिहाग, कांग्रेस एससी सेल के प्रदेश अध्यक्ष मनोज बागड़ी, करनाल ग्रामीण कांग्रेस के जिला प्रधान राजेश वैध, युवक कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव खुशबू शर्मा, करनाल लोकसभा से चुनाव लड़ चुके युवक कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिव्यांशु बुद्धिराजा, अजय छिक्कारा, अनंत दहिया, सुधीर चौधरी, अनिल सैनी, चक्रवर्ती शर्मा, विनीत कांबोज, योगेंद्र योगी, सुधा भारद्वाज, नीतिन सिंगला और हिम्मत सिंह शामिल हैं।

इन सभी नेताओं ने राष्ट्रीय सचिव पद के लिए इंटरव्यू देकर अपनी दावेदारी पेश की है। अब अंतिम फैसला पार्टी नेतृत्व को करना है।

चार नामों को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा, किसके पक्ष में जाएगा नेतृत्व का फैसला?

नई नियुक्तियों को लेकर कांग्रेस के भीतर खुशबू शर्मा, अमित सिहाग, दिव्यांशु बुद्धिराजा और अनिल सैनी की दावेदारी सबसे मजबूत मानी जा रही है। इन चारों नेताओं की राजनीतिक और संगठनात्मक सक्रियता को देखते हुए इनके नामों पर पार्टी के भीतर सबसे ज्यादा चर्चा है।

खुशबू शर्मा युवक कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव हैं और गुरुग्राम में रहती हैं। मूल रूप से वह झारखंड की रहने वाली हैं। राष्ट्रीय स्तर पर युवक कांग्रेस में उनकी जिम्मेदारी और सक्रियता को उनकी दावेदारी का महत्वपूर्ण पक्ष माना जा रहा है।

वहीं, दिव्यांशु बुद्धिराजा की गिनती हरियाणा के लोकप्रिय युवा नेताओं में होती है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल के विरुद्ध करनाल लोकसभा का चुनाव लड़ा था। युवा राजनीति में सक्रिय रहने के साथ-साथ चुनावी राजनीति में उनकी मौजूदगी ने उन्हें पार्टी के भीतर एक प्रमुख दावेदार के तौर पर स्थापित किया है।

अनिल सैनी को प्रियंका गांधी के साथ काम करने का अनुभव

राष्ट्रीय सचिव पद के लिए चर्चा में चल रहे अनिल सैनी को उत्तर प्रदेश के चुनाव में प्रियंका गांधी के साथ काम करने का अनुभव हासिल है। पार्टी के राष्ट्रीय स्तर के चुनावी अभियान से जुड़े इस अनुभव को उनकी दावेदारी के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

दूसरी ओर, अमित सिहाग को हरियाणा कांग्रेस में ऊर्जावान नेताओं के तौर पर देखा जाता है। वह डबवाली के पूर्व विधायक और युवक कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं। उनके समर्थक भी राष्ट्रीय संगठन में उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलने की उम्मीद को लेकर सक्रिय हैं।

समर्थकों की सक्रियता से बढ़ा नेताओं का सियासी उत्साह

राष्ट्रीय संगठन में जगह मिलने की उम्मीद ने इन नेताओं के समर्थकों को भी सक्रिय कर दिया है। कांग्रेस के भीतर अब नजर इस बात पर है कि 15 दावेदारों में से किन तीन नेताओं को एआइसीसी में राष्ट्रीय सचिव की जिम्मेदारी मिलती है।

राहुल गांधी और प्रियंका गांधी द्वारा स्वयं इंटरव्यू लिए जाने के बाद इस चयन प्रक्रिया का महत्व और बढ़ गया है। प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, लेकिन अंतिम घोषणा अभी बाकी है। ऐसे में हरियाणा कांग्रेस के नेताओं और उनके समर्थकों की नजर पार्टी नेतृत्व के फैसले पर टिकी हुई है।

आने वाले दिनों में यदि डूसू चुनाव के बाद नियुक्तियों की घोषणा होती है तो हरियाणा कांग्रेस को राष्ट्रीय संगठन में तीन नए सचिव मिलेंगे। फिलहाल 15 दावेदारों में से किन तीन चेहरों पर नेतृत्व भरोसा जताता है, इसे लेकर पार्टी के भीतर सियासी उत्सुकता और लाबिंग दोनों तेज हैं।