दौड़ जीतने के चक्कर में घोड़ों का इंजेक्शन लगा बैठे दो युवक, मैदान में ही बिगड़ी हालत
आगरा में 6 किमी दौड़ से पहले दो युवकों ने घोड़ों को दिया जाने वाला 3 एमएल स्टेरॉयड इंजेक्शन लगाया। दौड़ के बाद तबीयत बिगड़ी, इलाज से राहत मिली।
➤ 6 किमी की दौड़ जीतने के लिए दो युवकों ने लगाया घोड़ों वाला स्टेरॉयड इंजेक्शन
➤ दौड़ खत्म होते ही मैदान में बिगड़ी तबीयत, करीब 2 घंटे इलाज के बाद दोनों को मिली राहत
➤ दोनों आर्मी भर्ती की तैयारी कर रहे, डॉक्टर ने बिना सलाह स्टेरॉयड लेने को बताया खतरनाक
आगरा में 6 किलोमीटर की दौड़ जीतने की चाह दो युवकों पर भारी पड़ गई। बेहतर प्रदर्शन और थकान कम करने के लिए दोनों ने घोड़ों को दिया जाने वाला स्टेरॉयड इंजेक्शन लगा लिया। दौड़ पूरी होते ही दोनों की तबीयत अचानक बिगड़ गई और वे मैदान में ही गिर पड़े। साथियों ने उन्हें तत्काल स्थानीय अस्पताल पहुंचाया, जहां करीब 2 घंटे तक इलाज चला। उपचार के बाद दोनों की हालत में सुधार हुआ।
घटना खेरागढ़ थाना क्षेत्र के गांव अऐला में गुरुवार को आयोजित दौड़ प्रतियोगिता के दौरान हुई। दोनों युवक आर्मी भर्ती की तैयारी भी कर रहे हैं। गांव वालों के मुताबिक, प्रतियोगिता में श्यामवीर सिकरवार (16) दूसरे और गौरव (22) चौथे स्थान पर रहे।
डॉक्टर के मुताबिक, दोनों ने बेहतर प्रदर्शन और थकान कम करने के उद्देश्य से स्टेरॉयड का इंजेक्शन लिया था। युवकों के पास इंजेक्शन की एक खाली शीशी भी मिली।
अऐला गांव में हर साल होती है दौड़ प्रतियोगिता
खेरागढ़ क्षेत्र के गांव अऐला में हर साल दौड़ प्रतियोगिता आयोजित की जाती है। इसमें बड़ी संख्या में युवा हिस्सा लेते हैं। इस बार भी गुरुवार सुबह मैराथन कमेटी की ओर से गांव में 6 किलोमीटर की दौड़ प्रतियोगिता कराई गई।
प्रतियोगिता सुबह करीब 7 बजे शुरू हुई। इसमें पहला पुरस्कार 2,100 रुपये, दूसरा पुरस्कार 1,100 रुपये और तीसरे स्थान पर आने वाले प्रतिभागी के लिए 551 रुपये रखे गए थे। इसके अलावा टॉप-10 प्रतिभागियों को मेडल दिए जाने थे।
इसी प्रतियोगिता में श्यामवीर और गौरव ने भी हिस्सा लिया था। दोनों नियमित रूप से दौड़ और शारीरिक अभ्यास करते हैं तथा आर्मी भर्ती की तैयारी कर रहे हैं।
श्यामवीर 11वीं का छात्र, पिता किसान; गौरव स्नातक की पढ़ाई कर रहा
गांव का रहने वाला श्यामवीर सिकरवार 11वीं कक्षा में पढ़ता है। उसके पिता किसान हैं, जबकि उसके दो बड़े भाई प्राइवेट नौकरी करते हैं।
वहीं गौरव स्नातक का छात्र है। उसके पिता भी किसान हैं और उसका बड़ा भाई प्राइवेट नौकरी करता है। गांव वालों के मुताबिक, दोनों युवक नियमित रूप से दौड़ लगाने के साथ शारीरिक अभ्यास करते हैं।
आर्मी भर्ती की तैयारी के चलते दोनों अपनी फिटनेस और दौड़ पर खास ध्यान दे रहे थे। इसी बीच प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करने की कोशिश में उन्होंने ऐसा कदम उठा लिया, जिसका असर दौड़ खत्म होते ही दिखाई दिया।
‘बेहतर प्रदर्शन के लिए 3 एमएल इंजेक्शन लिया’
तबीयत बिगड़ने के बाद दोनों युवकों ने बताया कि उन्होंने बेहतर प्रदर्शन के लिए घोड़ों को दिया जाने वाला इंजेक्शन 3 एमएल लगाया था।
युवकों के मुताबिक, दौड़ पूरी करने के बाद अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद साथियों ने उन्हें सीएचसी खेरागढ़ पहुंचाया। वहां उपचार मिलने के बाद उन्हें राहत मिली।
दोनों के पास इंजेक्शन की एक खाली शीशी भी मिली। हालांकि, आयोजन कमेटी का कहना है कि प्रतियोगिता के दौरान युवकों ने क्या लिया था, इसकी उसे जानकारी नहीं थी।
आयोजन कमेटी बोली- दौड़ सकुशल पूरी हुई थी
आयोजन कमेटी के सदस्य पुष्पेंद्र ने बताया कि गांव की प्रतिभाओं को निखारने के लिए समय-समय पर प्रतियोगिताएं कराई जाती हैं। इसी क्रम में गुरुवार को 6 किलोमीटर की मैराथन दौड़ आयोजित की गई थी।
उनके मुताबिक, दौड़ सकुशल संपन्न हो गई थी। इसके बाद श्यामवीर सिकरवार और गौरव सिकरवार को घबराहट हुई, जिसके बाद उन्हें सीएचसी खेरागढ़ ले जाया गया। कुछ देर बाद दोनों को वापस भेज दिया गया।
पुष्पेंद्र ने कहा कि दोनों युवकों ने क्या लिया था, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है।
दौड़ के बाद मैदान में बिगड़ी हालत, अस्पताल में चला 2 घंटे इलाज
दौड़ पूरी करने के बाद दोनों युवकों की तबीयत अचानक खराब हुई। उन्हें घबराहट महसूस हुई और वे मैदान में गिर पड़े। साथियों ने बिना देर किए उन्हें अस्पताल पहुंचाया।
सीएचसी खेरागढ़ में दोनों का करीब 2 घंटे तक उपचार किया गया। उपचार के बाद उनकी हालत में सुधार आया। डॉक्टरों ने जांच के दौरान स्टेरॉयड के इस्तेमाल की बात बताई।
इस घटना ने प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए युवाओं की ओर से अपनाए जाने वाले जोखिम भरे तरीकों को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
डॉक्टर बोले- बिना सलाह स्टेरॉयड या इंजेक्शन लेना खतरनाक
सीएचसी सुपरिटेंडेंट डॉ. आरके सिंह के मुताबिक, दोनों युवकों ने बेहतर प्रदर्शन करने और थकान कम करने के उद्देश्य से स्टेरॉयड का इंजेक्शन लिया था। इसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई।
डॉक्टर ने बताया कि करीब 2 घंटे के उपचार के बाद दोनों की हालत में सुधार हुआ।
उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना चिकित्सकीय सलाह किसी भी तरह का स्टेरॉयड या इंजेक्शन लेना गंभीर रूप से नुकसानदायक हो सकता है। खासकर भर्ती और शारीरिक परीक्षा की तैयारी कर रहे युवाओं में जल्दी बेहतर प्रदर्शन करने की चाह में इस तरह के प्रयोग स्वास्थ्य के लिए जोखिम पैदा कर सकते हैं।
आर्मी भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए शारीरिक क्षमता बढ़ाने के चक्कर में ऐसे पदार्थों का इस्तेमाल गंभीर परेशानी खड़ी कर सकता है। इस मामले में भी दोनों युवकों को दौड़ पूरी करने के तुरंत बाद अस्पताल ले जाना पड़ा।
Akhil Mahajan