क्रेस्ट घोटाले में IFS पर चार्जशीट,पत्नी की कंपनी में ट्रांसफर किए 95 लाख

चंडीगढ़ क्रेस्ट घोटाले में सीबीआई ने IFS नवनीत श्रीवास्तव समेत 3 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। पत्नी की कंपनी में 95 लाख ट्रांसफर किए गए थे।

क्रेस्ट घोटाले में IFS पर चार्जशीट,पत्नी की कंपनी में ट्रांसफर किए 95 लाख

IFS नवीन श्रीवास्तव समेत 3 आरोपियों के खिलाफ सीबीआई ने चार्जशीट दाखिल की
पत्नी की कंपनी के खातों में ट्रांसफर किए गए थे 95 लाख रुपए
गबन की रकम से अचल संपत्ति खरीदने का जांच में हुआ खुलासा

चंडीगढ़ प्रशासन के महकमों में हुए करोड़ों रुपए के वित्तीय घोटालों को लेकर केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने कार्रवाई तेज कर दी है। चंडीगढ़ रिन्यूएबल एनर्जी एंड साइंस एंड टेक्नोलॉजी प्रमोशन सोसाइटी (क्रेस्ट) से जुड़े वित्तीय गबन के मामले में सीबीआई ने तत्कालीन सीईओ और भारतीय वन सेवा (आईएफओएस) के अधिकारी नवनीत श्रीवास्तव, मेसर्स विपम कंसल्टेंसी प्राइवेट लिमिटेड और उसकी निदेशक, जो आईएफओएस अधिकारी की पत्नी हैं, समेत 3 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है।

जांच के दौरान सीबीआई ने आरोप लगाया है कि नवनीत श्रीवास्तव ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए अन्य आरोपियों के साथ आपराधिक साजिश रची। इसके बाद आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में स्थित क्रेस्ट के खातों से भारी-भरकम राशि का गबन किया गया। जांच एजेंसी के अनुसार, इस पूरी प्रक्रिया के दौरान नवनीत श्रीवास्तव ने रिश्वत के रूप में अवैध लाभ भी प्राप्त किया।

पत्नी की कंपनी के खातों में ट्रांसफर हुए 95 लाख, बाद में खरीदी गई अचल संपत्ति

सीबीआई की चार्जशीट में सबसे अहम खुलासा 95 लाख रुपए के लेन-देन को लेकर हुआ है। जिस मेसर्स विपम कंसल्टेंसी प्राइवेट लिमिटेड को इस मामले में आरोपी बनाया गया है, उसकी निदेशक नवनीत श्रीवास्तव की पत्नी हैं।

जांच के अनुसार, गबन की गई रकम में से 95 लाख रुपए इसी कंपनी के खातों में ट्रांसफर किए गए थे। इसके बाद इस रकम का इस्तेमाल अचल संपत्ति खरीदने के लिए किया गया। सीबीआई ने इस लेन-देन को मामले की जांच में अहम कड़ी माना है।

75.4 करोड़ रुपए का है क्रेस्ट से जुड़ा पूरा वित्तीय गबन

सीबीआई के मुताबिक, क्रेस्ट से जुड़े इस पूरे वित्तीय गबन का कुल दायरा 75.4 करोड़ रुपए का है। इस मामले के मुख्य आरोपी नवनीत श्रीवास्तव को सीबीआई पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है और वह फिलहाल न्यायिक हिरासत में चल रहे हैं।

सीबीआई इस मामले में अब तक कुल 13 अन्य आरोपियों के खिलाफ भी चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। नई चार्जशीट के साथ जांच एजेंसी ने मामले में आरोपी बनाए गए लोगों की भूमिका और पैसों के लेन-देन से जुड़े तथ्यों को आगे बढ़ाया है।

सेक्टर-32 के IDFC फर्स्ट बैंक घोटाले से भी जुड़ा है मामला

क्रेस्ट का यह मामला सेक्टर-32 स्थित आईडीएफसी फर्स्ट बैंक की शाखा में हुए बड़े बैंकिंग घोटाले से भी जुड़ा हुआ है। इस बैंकिंग घोटाले में हरियाणा सरकार के 8 विभागों और संगठनों के लगभग 504 करोड़ रुपए फर्जी और गैर-मौजूद फिक्सड डिपॉजिट (एफडी) तथा धोखाधड़ी वाले डेबिट ट्रांजेक्शन के जरिए डकार लिए गए थे।

हरियाणा सरकार के अनुरोध पर राज्य विजीलेंस ब्यूरो से यह केस लेकर सीबीआई जांच कर रही है। इस मामले में अब तक 37 आरोपियों को चार्जशीट हो चुके हैं।

चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी और नगर निगम के मामले में भी 7 आरोपियों पर चार्जशीट

इसके अलावा चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी और नगर निगम से जुड़े तीसरे मामले में भी सीबीआई ने कार्रवाई की है। इस मामले में नगर निगम को 78 करोड़ रुपए का चूना लगाने वाले 7 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है।

इस तरह चंडीगढ़ प्रशासन और उससे जुड़े वित्तीय मामलों में जांच एजेंसी की कार्रवाई लगातार आगे बढ़ रही है। तीनों ही मामलों में अब सीबीआई की जांच का फोकस फंड ट्रेल यानी पैसे के लेन-देन के रास्ते का पता लगाने और इस पूरे मामले में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने पर है। जांच अभी जारी है।