पानीपत में बैंक हड़ताल,280 शाखाओं पर ताले, ₹100 करोड़ का लेन-देन प्रभावित

पानीपत में बैंक हड़ताल से 280 शाखाओं का कामकाज ठप रहा और करीब 100 करोड़ रुपये का लेन-देन प्रभावित हुआ। यूनियनों ने तीन दिवसीय और अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी।

पानीपत में बैंक हड़ताल,280 शाखाओं पर ताले, ₹100 करोड़ का लेन-देन प्रभावित

पानीपत में बैंक हड़ताल से करीब 100 करोड़ रुपये का वित्तीय लेन-देन प्रभावित
जिले की 280 बैंक शाखाओं पर लगे ताले, 2,500 से अधिक अधिकारी-कर्मचारी हड़ताल में शामिल
5 दिवसीय बैंकिंग लागू नहीं होने पर 28 से 30 सितंबर की हड़ताल और 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनी

सप्ताह में 5 दिवसीय बैंकिंग प्रणाली लागू करने समेत कई लंबित मांगों को लेकर शुक्रवार को यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स (UFBU) के आह्वान पर देशव्यापी बैंक हड़ताल का पानीपत में व्यापक असर देखने को मिला। जिले की सभी 280 बैंक शाखाएं बंद रहीं और बैंकिंग कामकाज पूरी तरह ठप रहा। इससे आम ग्राहकों के साथ-साथ पानीपत के उद्योग और व्यापारिक गतिविधियों पर भी सीधा असर पड़ा।

हड़ताल के दौरान 2,500 से अधिक अधिकारी और कर्मचारी आंदोलन में शामिल हुए। बैंक कर्मचारियों ने SBI जीटी रोड पानीपत स्थित कार्यक्रम स्थल पर एकत्र होकर केंद्र सरकार और इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) के खिलाफ जोरदार नारेबाजी और प्रदर्शन किया। बैंक अधिकारियों के अनुसार, एक दिन की इस हड़ताल के कारण अकेले पानीपत जिले में करीब 100 करोड़ रुपये का वित्तीय लेन-देन सीधे तौर पर प्रभावित हुआ।

280 शाखाएं बंद, 2,500 से ज्यादा कर्मचारी हड़ताल में शामिल

एसबीआई ऑफिसर्स एसोसिएशन के क्षेत्रीय सचिव नरेंद्र देशवाल ने हड़ताल के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि शुक्रवार को पानीपत जिले की सभी 280 बैंक शाखाएं पूरी तरह बंद रहीं। जिलेभर से 2,500 से अधिक अधिकारी और कर्मचारी हड़ताल में शामिल हुए।

उन्होंने बताया कि बैंक शाखाओं में कामकाज बंद रहने के कारण करीब 100 करोड़ रुपये का वित्तीय लेन-देन प्रभावित हुआ। बैंकिंग सेवाओं पर निर्भर उद्योगों, व्यापारियों और आम ग्राहकों को इसका सीधा सामना करना पड़ा।

मार्च 2024 में समझौता, फिर भी लागू नहीं हुआ 5 दिवसीय बैंकिंग सिस्टम

बैंक यूनियन नेताओं का कहना है कि 5 दिवसीय कार्य सप्ताह लागू करने को लेकर मार्च 2024 में इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) और बैंक यूनियनों के बीच द्विपक्षीय समझौता हो चुका था। इसके बावजूद ढाई वर्ष से अधिक समय बीतने के बाद भी इसे लागू नहीं किया गया है। इसी को लेकर कर्मचारियों में नाराजगी है और उन्हें हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा।

यूनियन नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार के कार्यालयों, राज्य सरकारों, आयकर विभाग, RBI और LIC में पहले से 5 दिवसीय सप्ताह लागू है। ऐसे में बैंक कर्मचारियों के लिए भी 5 दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू की जानी चाहिए।

यूनियनों ने यह भी प्रस्ताव रखा है कि बैंकिंग सप्ताह को पांच दिन किए जाने के बावजूद ग्राहकों के कुल बैंकिंग समय में कमी न आए। इसके लिए हर कार्यदिवस में 40 मिनट अतिरिक्त काम करने का प्रस्ताव दिया गया है।

PLI व्यवस्था की समीक्षा और पेंशन-स्वास्थ्य बीमा में सुधार की मांग

बैंक यूनियनों ने परफॉर्मेंस-लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) की मौजूदा व्यवस्था पर भी आपत्ति जताई है। यूनियन नेताओं ने इसे एकतरफा और भेदभावपूर्ण बताते हुए इसकी समीक्षा की मांग की है।

इसके अलावा कर्मचारियों की ओर से पेंशन और स्वास्थ्य बीमा में सुधार की मांग भी उठाई गई है। यूनियन नेताओं का कहना है कि इन लंबित मुद्दों पर समाधान की जरूरत है और सरकार तथा IBA को कर्मचारियों की मांगों पर गंभीरता से बातचीत करनी चाहिए।

एक दिन का वेतन त्याग कर आंदोलन में शामिल हुए कर्मचारी

देशव्यापी हड़ताल में शामिल बैंक कर्मचारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में स्वेच्छा से एक दिन का वेतन त्याग किया है। यूनियन नेताओं के अनुसार, कर्मचारियों ने सामूहिक मांगों के समर्थन और राष्ट्रव्यापी आंदोलन को मजबूती देने के लिए यह निर्णय लिया।

पानीपत में SBI जीटी रोड स्थित कार्यक्रम स्थल पर कर्मचारियों ने एकजुट होकर प्रदर्शन किया और अपनी मांगों के जल्द समाधान की मांग उठाई।

उद्योगों और व्यापारिक गतिविधियों पर पड़ा सीधा असर

बैंक हड़ताल का असर केवल शाखाओं तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पानीपत के उद्योग और व्यापारिक क्षेत्र में भी इसका सीधा प्रभाव देखने को मिला। बैंकिंग सेवाएं बंद होने से कर्मचारियों के वेतन, वेंडर्स के भुगतान, चेक क्लियरेंस, नकद जमा-निकासी और ऋण से संबंधित प्रक्रियाओं में देरी हुई।

पानीपत औद्योगिक गतिविधियों वाला प्रमुख क्षेत्र है, ऐसे में बैंकिंग कामकाज रुकने से उन कारोबारियों और उद्योगों को परेशानी हुई, जिनकी रोजमर्रा की गतिविधियां बैंकिंग लेन-देन पर निर्भर हैं।

शुक्रवार को हड़ताल के बाद अब शनिवार और रविवार का साप्ताहिक अवकाश रहेगा। ऐसे में लगातार तीन दिनों तक बैंक शाखाओं में सामान्य कामकाज प्रभावित रहेगा। इससे उन ग्राहकों की परेशानी बढ़ सकती है, जिन्हें शाखा जाकर बैंकिंग संबंधी कार्य कराने हैं।

KYC, चेक क्लियरेंस और पासबुक अपडेट का काम भी प्रभावित

हड़ताल के चलते KYC अपडेट, चेक क्लियरेंस और पासबुक अपडेट जैसे शाखा आधारित कार्य नहीं हो सके। नकद जमा और निकासी तथा अन्य भौतिक बैंकिंग सेवाएं भी प्रभावित रहीं।

हालांकि UPI, ATM, इंटरनेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग जैसी डिजिटल बैंकिंग सेवाएं चालू रहीं। लेकिन जिन ग्राहकों को शाखा जाकर काम करवाना था, उन्हें बैंक बंद होने के कारण परेशानी का सामना करना पड़ा।

28 से 30 सितंबर तक तीन दिवसीय हड़ताल की चेतावनी

बैंक यूनियन नेताओं ने स्पष्ट किया है कि यदि सरकार और IBA ने बातचीत के जरिए उनकी मांगों का समाधान नहीं निकाला तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

एसबीआई ऑफिसर्स एसोसिएशन के क्षेत्रीय सचिव नरेंद्र देशवाल, PNB से प्रियंका भारद्वाज, Canara Bank से डिंपल, सुमित झा, प्रद्युमन, विनीत भारद्वाज (क्षेत्रीय सचिव, क्लर्क यूनियन), रविकांत शर्मा, अनिल कुमार और अन्य बैंक नेताओं ने आंदोलन को लेकर चेतावनी दी।

यूनियनों ने कहा है कि मांगों का समाधान नहीं हुआ तो 28, 29 और 30 सितंबर 2026 को तीन दिवसीय हड़ताल की जाएगी। इसके बाद भी समाधान नहीं निकला तो 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल का रास्ता अपनाया जाएगा।

बैंक यूनियनों के इस रुख से साफ है कि 5 दिवसीय बैंकिंग समेत लंबित मांगों को लेकर विवाद अभी खत्म नहीं हुआ है। सरकार और IBA की ओर से समाधान की पहल नहीं होने पर आने वाले दिनों में बैंकिंग सेवाओं पर इसका और व्यापक असर पड़ सकता है।