सोनीपत में फाइनेंसरों के दबाव में पब्लिक हेल्थ डिपार्टमेंट कर्मी की मौत, स्टाफ क्वार्टर में मिला शव; मां बोलीं- 40 हजार के लिए बना रहे थे दबाव

सोनीपत में पब्लिक हेल्थ डिपार्टमेंट कर्मचारी हिमांशु की मौत हुई। मां ने 40 हजार रुपये के लिए फाइनेंसरों के दबाव की बात कही, पुलिस जांच में जुटी।

सोनीपत में फाइनेंसरों के दबाव में पब्लिक हेल्थ डिपार्टमेंट कर्मी की मौत, स्टाफ क्वार्टर में मिला शव; मां बोलीं- 40 हजार के लिए बना रहे थे दबाव

➤ सोनीपत में पब्लिक हेल्थ डिपार्टमेंट कर्मचारी हिमांशु की मौत, सरकारी क्वार्टर में मिला शव
➤ मां का आरोप- 40 हजार रुपये के लिए फाइनेंसर बना रहे थे दबाव, बेटा था तनाव में
➤ पिता की मौत के बाद मिली थी नौकरी, 10 दिन बाद जन्मदिन पर पूरे होने थे नौकरी के 2 साल


सोनीपत में पब्लिक हेल्थ डिपार्टमेंट के कर्मचारी हिमांशु (24) की मौत का मामला सामने आया है। उसका शव ओल्ड हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी स्थित सरकारी स्टाफ क्वार्टर में मिला। परिजनों का कहना है कि हिमांशु पिछले कुछ समय से फाइनेंसरों के दबाव में था और उसे 40 हजार रुपये चुकाने के लिए परेशान किया जा रहा था। घटना की सूचना मिलते ही सिविल लाइन थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर सिविल अस्पताल की मॉर्च्यूरी में रखवा दिया।

मृतक की मां नीतू के अनुसार, हिमांशु ने उनसे कहा था कि यदि वह आज फाइनेंसरों को उनके पैसे नहीं दे पाया तो वे उसे उठाकर ले जाएंगे। मां का कहना है कि इसी बात को लेकर वह काफी तनाव में था। परिजनों के मुताबिक, पैसे की व्यवस्था नहीं होने पर हिमांशु ने क्वार्टर में ही गैस सिलेंडर से आग लगाने की धमकी भी दी थी। इसके बाद हुई घटना ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया।

40 हजार रुपये देने का था दबाव, मां के अनुसार तनाव में था हिमांशु

हिमांशु की मां नीतू ने बताया कि उनके बेटे पर 40 हजार रुपये देने का दबाव था। वह इस रकम को लेकर लगातार तनाव में चल रहा था। मां के मुताबिक, हिमांशु ने आशंका जताई थी कि यदि वह फाइनेंसरों को समय पर पैसे नहीं दे पाया तो वे उसे उठाकर ले जा सकते हैं।

परिजनों के अनुसार, इसी दबाव के कारण हिमांशु मानसिक रूप से परेशान था। मां ने बताया कि पैसे नहीं मिलने की स्थिति में उसने क्वार्टर में गैस सिलेंडर से आग लगाने की धमकी तक दी थी।

हालांकि, घटना के पीछे की पूरी वजह और फाइनेंसरों से जुड़े आरोपों की स्थिति पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। फिलहाल पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

ओल्ड हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के सरकारी क्वार्टर में मिला शव

यह घटना ओल्ड हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में हुई। हिमांशु पब्लिक हेल्थ डिपार्टमेंट में चौकीदार के पद पर कार्यरत था और विभाग के सरकारी क्वार्टर में अपनी मां के साथ रहता था।

घटना की सूचना मिलते ही सिविल लाइन थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लिया और उसे सिविल अस्पताल की मॉर्च्यूरी में रखवा दिया। मामले में पुलिस की ओर से आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।

घटना की जानकारी सामने आने के बाद परिवार में मातम पसरा है। जिस बेटे से परिवार को भविष्य की उम्मीद थी, उसकी अचानक मौत ने परिजनों को झकझोर दिया।

पिता की बीमारी से मौत के बाद हिमांशु को मिली थी नौकरी

हिमांशु के परिवार पर पहले भी बड़ा दुख आ चुका था। करीब 2 साल पहले उसके पिता हरबंस की बीमारी से मौत हो गई थी। पिता की मौत के बाद उनकी जगह हिमांशु को नौकरी मिली थी।

हिमांशु पब्लिक हेल्थ डिपार्टमेंट में चौकीदार के तौर पर काम कर रहा था। वह अपनी मां के साथ हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में पानी की टंकी के पास स्थित सरकारी डिपार्टमेंट के क्वार्टर में रहता था।

परिवार के लिए यह नौकरी हिमांशु के पिता की मौत के बाद सहारा बनी थी। लेकिन अब हिमांशु की मौत से परिवार पर एक बार फिर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

10 दिन बाद था जन्मदिन, उसी दिन नौकरी के 2 साल होते पूरे

हिमांशु के परिवार के लिए सबसे दुखद संयोग यह है कि उसके जन्मदिन में अब केवल 10 दिन बाकी थे। परिवार के मुताबिक, उसके जन्मदिन वाले दिन ही उसकी नौकरी को 2 साल पूरे हो जाते।

जिस नौकरी को वह अपने पिता की मौत के बाद परिवार की जिम्मेदारी संभालने के लिए कर रहा था, उसी नौकरी के दो साल पूरे होने से कुछ दिन पहले ही उसकी मौत हो गई।

परिवार अब इस घटना के बाद गहरे सदमे में है। वहीं पुलिस की कार्रवाई के बाद घटना से जुड़े तथ्यों और परिजनों की ओर से लगाए गए फाइनेंसरों के दबाव के आरोपों की स्थिति आगे स्पष्ट होगी।

पुलिस ने शव मॉर्च्यूरी में रखवाया, जांच जारी

घटना की सूचना मिलने के बाद सिविल लाइन थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया। इसके बाद शव को सिविल अस्पताल की मॉर्च्यूरी में रखवा दिया गया।

पुलिस घटना से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है। परिजनों ने हिमांशु पर फाइनेंसरों की ओर से 40 हजार रुपये के भुगतान को लेकर दबाव बनाए जाने की बात कही है। अब इस पहलू की भी जांच के बाद ही तस्वीर पूरी तरह साफ हो सकेगी।

फिलहाल इस घटना ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। 24 वर्षीय हिमांशु, जिसने पिता की मौत के बाद उनकी जगह नौकरी संभाली थी और जिसके जन्मदिन पर नौकरी के दो साल पूरे होने वाले थे, अब परिवार के बीच नहीं है।