मुरथल विश्वविद्यालय के केमिकल ब्लॉक का लेंटर गिरा,मई में दीवार गिरी, फिर भी नहीं हुई मरम्मत

दीनबंधु छोटू राम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मुरथल के केमिकल ब्लॉक का लेंटर गिरा, मई की घटना के बाद भी मरम्मत न होने पर सवाल उठे

मुरथल विश्वविद्यालय के केमिकल ब्लॉक का लेंटर गिरा,मई में दीवार गिरी, फिर भी नहीं हुई मरम्मत

केमिकल ब्लॉक का लेंटर गिरा, बड़ा हादसा टला
मई में दीवार गिरने के बाद भी नहीं हुई बिल्डिंग की मरम्मत
कर्मचारी यूनियन ने उच्च स्तरीय जांच और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की

दीनबंधु छोटू राम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, मुरथल के केमिकल ब्लॉक में 10 सितंबर 2026 को बड़ा हादसा होते-होते टल गया। ब्लॉक की एक मंजिल के लेंटर का बहुत बड़ा हिस्सा अचानक भरभराकर टूटकर नीचे गिर गया। गनीमत रही कि उस समय नीचे कोई छात्र मौजूद नहीं था। यदि उस वक्त छात्र वहां मौजूद होते तो बड़ा जानलेवा हादसा हो सकता था।

घटना के बाद विश्वविद्यालय की जर्जर इमारतों और छात्रों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। कर्मचारी यूनियन ने आरोप लगाया है कि इस बिल्डिंग की खराब हालत की जानकारी विश्वविद्यालय प्रशासन को पहले ही दी जा चुकी थी, लेकिन इसके बावजूद समय रहते मरम्मत नहीं करवाई गई।

मई में भी गिरा था दीवार का बड़ा हिस्सा, फिर भी नहीं चेता प्रशासन

यह पहली बार नहीं है जब केमिकल ब्लॉक की जर्जर हालत सामने आई है। इसी ब्लॉक की ऊपर वाली मंजिल की दीवार का एक बहुत बड़ा हिस्सा मई 2026 में भी टूटकर नीचे गिर गया था। उस समय भी गनीमत रही थी कि कोई छात्र या कर्मचारी इसकी चपेट में नहीं आया और कोई हताहत नहीं हुआ था।

मई में हुई इस घटना की लिखित जानकारी विश्वविद्यालय प्रशासन को उसी समय दे दी गई थी। साथ ही बिल्डिंग की तुरंत मरम्मत करवाने की मांग भी की गई थी। इसके बावजूद मई से सितंबर तक लगभग 4 महीने से भी अधिक समय बीत जाने के बाद भी बिल्डिंग की स्थिति को लेकर अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाया गया है।

अब उसी बिल्डिंग का लेंटर गिरने के बाद कर्मचारी यूनियन ने विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

चार महीने से ज्यादा समय बीतने के बाद भी नहीं हुई मरम्मत

कर्मचारी यूनियन का कहना है कि मई में दीवार का हिस्सा गिरने के बाद ही प्रशासन को बिल्डिंग की स्थिति से अवगत कराया गया था। इसके बावजूद लगभग 4 महीने से भी अधिक समय तक इमारत की मरम्मत नहीं करवाई गई। 10 सितंबर 2026 को लेंटर का बड़ा हिस्सा गिरने की घटना को यूनियन ने प्रशासन की सरासर नाकामयाबी बताया है।

यूनियन के अनुसार, समय रहते जर्जर बिल्डिंग की मरम्मत कर दी जाती तो इस तरह की स्थिति से बचा जा सकता था। घटना ने यह सवाल भी खड़ा किया है कि जब पहले से बिल्डिंग की खराब हालत की जानकारी प्रशासन के पास थी, तो फिर छात्रों और कर्मचारियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए तत्काल कदम क्यों नहीं उठाए गए।

कर्मचारी यूनियन ने प्रशासन की कार्यशैली पर उठाया सवाल

कर्मचारी यूनियन प्रधान सुरेश कुमार ने कहा कि यूनियन इस घोर लापरवाही की कड़े शब्दों में निंदा करती है। उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच करवाई जाए और विश्वविद्यालय में जर्जर हो चुकी सभी बिल्डिंगों की तुरंत मरम्मत करवाई जाए।

उन्होंने कहा कि छात्रों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्यवाही होनी चाहिए। यूनियन ने इस घटना को छात्र सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला बताते हुए प्रशासन से तत्काल प्रभाव से आवश्यक कदम उठाने की मांग की है।

एक्सटेंशन के जश्न को लेकर भी कर्मचारी यूनियन ने लगाए आरोप

कर्मचारी यूनियन ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर आरोप लगाया कि एक तरफ केमिकल ब्लॉक की जर्जर हालत को नजरअंदाज किया गया, वहीं विश्वविद्यालय परिसर में लड्डू और मिठाइयां बांटी जा रही हैं, क्योंकि माननीय कुलपति जी को कुछ समय के लिए एक्सटेंशन मिल गई है।

यूनियन का आरोप है कि प्रशासन उसी जश्न में डूबा हुआ है और उसे बच्चों की सुरक्षा की कोई परवाह नहीं है। कर्मचारी यूनियन ने कहा कि प्रशासन के लिए बच्चों की जान-माल और उनकी सुरक्षा की अहमियत होनी चाहिए, लेकिन मौजूदा स्थिति प्रशासन की प्राथमिकताओं पर सवाल खड़े कर रही है।

समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी

कर्मचारी यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते इस ओर ध्यान नहीं दिया गया तो वह छात्र हित में बड़ा आंदोलन करने के लिए मजबूर होगी। यूनियन ने कहा कि ऐसी स्थिति में होने वाली किसी भी कार्रवाई की समस्त जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी।

लेंटर गिरने की घटना के बाद अब मांग उठ रही है कि केमिकल ब्लॉक समेत विश्वविद्यालय की सभी जर्जर बिल्डिंगों की स्थिति की गंभीरता से जांच की जाए। कर्मचारी यूनियन ने पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच, जर्जर इमारतों की तत्काल मरम्मत और छात्रों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्यवाही की मांग की है।