हरियाणा के ग्रामीण सफाई कर्मियों के लिए 8 बड़े फैसले, 18,100 रुपये मानदेय का एरियर मिलेगा
हरियाणा के ग्रामीण सफाई कर्मचारियों के लिए सरकार ने 8 बड़े फैसले किए। 18,100 रुपये मानदेय का एरियर, भत्तों में बढ़ोतरी और अनुकंपा नौकरी का लाभ मिलेगा।
➤ ग्रामीण सफाई कर्मचारियों का मानदेय 16,000 से बढ़कर 18,100 रुपये, 30 जून तक का एरियर मिलेगा
➤ यूनिफॉर्म भत्ता 4,000 से बढ़ाकर 6,000 और धुलाई भत्ता 1,000 से 1,500 रुपये सालाना किया गया
➤ हर महीने 7 तारीख तक मानदेय देना होगा, देरी पर 500 रुपये की पेनल्टी का प्रावधान
हरियाणा सरकार ने प्रदेश के ग्रामीण सफाई कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर बड़ा फैसला लिया है। विकास एवं पंचायत विभाग ने मानदेय के बकाया एरियर, हड़ताल अवधि के वेतन, विभिन्न भत्तों में बढ़ोतरी, अनुकंपा नियुक्ति, ईपीएफ-ईएसआई क्लेम में मदद और समय पर मानदेय भुगतान सहित 8 अहम फैसलों को लेकर लिखित आदेश जारी कर दिए हैं।
विभाग की ओर से जारी आदेश के बाद ग्रामीण सफाई कर्मचारियों को जनवरी 2026 से बढ़ाए गए मानदेय का बकाया एरियर मिलेगा। इसके साथ ही गांव से बाहर ड्यूटी करने पर दैनिक भत्ता, यूनिफॉर्म और धुलाई भत्ते में बढ़ोतरी तथा ड्यूटी के दौरान मृत्यु होने पर परिवार के एक सदस्य को अनुकंपा के आधार पर नौकरी देने का प्रावधान किया गया है।
विकास एवं पंचायत विभाग के निदेशक सुशील सारवान की ओर से प्रदेश के सभी उपायुक्तों (DC), जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (CEO), DDPO और BDPO को इस संबंध में निर्देश जारी किए गए हैं।
18,100 रुपये मानदेय का 30 जून तक का एरियर मिलेगा
सरकार के फैसले के मुताबिक ग्रामीण सफाई कर्मचारियों के मानदेय में जनवरी 2026 से 2,100 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी। पहले कर्मचारियों को 16,000 रुपये मानदेय मिलता था, जिसे बढ़ाकर 18,100 रुपये किया गया।
अब इस बढ़े हुए मानदेय का 30 जून 2026 तक का बकाया एरियर जल्द जारी किया जाएगा। इससे उन ग्रामीण सफाई कर्मचारियों को राहत मिलेगी, जिन्हें बढ़े हुए मानदेय की राशि का बकाया भुगतान मिलना बाकी था।
अक्टूबर 2023 की हड़ताल का बकाया मानदेय भी मिलेगा
सरकार ने अक्टूबर 2023 की हड़ताल अवधि के बकाया मानदेय के भुगतान को लेकर भी निर्णय लिया है। पात्र कर्मचारियों को आधिकारिक रिकॉर्ड के सत्यापन के बाद हड़ताल काल का बकाया वेतन दिया जाएगा।
इसमें ढांड के 48, फारुखनगर के 54, सीहमा के 25 और निज़ामपुर के 15 सफाई कर्मचारियों को लाभ मिलेगा। इन सभी को मिलाकर कुल 139 सफाई कर्मचारियों को हड़ताल अवधि के बकाया मानदेय का भुगतान किया जाएगा।
गांव से बाहर ड्यूटी पर 200 रुपये प्रतिदिन भत्ता
यदि किसी ग्रामीण सफाई कर्मचारी को उसके मूल गांव से बाहर ड्यूटी के लिए भेजा जाता है तो उसे अब दैनिक भत्ता मिलेगा। विभाग के आदेश के अनुसार BDPO कार्यालय द्वारा पेट्टी खर्च (Petty Expenses) से 200 रुपये प्रतिदिन का भत्ता दिया जाएगा।
इस व्यवस्था का उद्देश्य ऐसे कर्मचारियों को राहत देना है, जिन्हें अपने मूल गांव से बाहर जाकर विभागीय ड्यूटी करनी पड़ती है।
यूनिफॉर्म भत्ता 4,000 से बढ़ाकर 6,000 रुपये
ग्रामीण सफाई कर्मचारियों के वार्षिक यूनिफॉर्म भत्ते में भी बढ़ोतरी की गई है। पहले कर्मचारियों को 4,000 रुपये सालाना यूनिफॉर्म भत्ता मिलता था।
अब इसमें 2,000 रुपये की बढ़ोतरी करते हुए यूनिफॉर्म भत्ता 6,000 रुपये सालाना कर दिया गया है।
धुलाई भत्ता भी बढ़ा, अब 1,500 रुपये सालाना
कर्मचारियों के धुलाई भत्ते (Washing Allowance) में भी 500 रुपये प्रति वर्ष की बढ़ोतरी की गई है। पहले यह भत्ता 1,000 रुपये सालाना था, जिसे अब बढ़ाकर 1,500 रुपये सालाना कर दिया गया है।
इस तरह ग्रामीण सफाई कर्मचारियों के लिए यूनिफॉर्म और धुलाई दोनों भत्तों में वृद्धि की गई है।
ड्यूटी के दौरान मृत्यु पर परिवार के सदस्य को नौकरी
सरकार ने ग्रामीण सफाई कर्मचारियों के परिवारों को भी बड़ी राहत दी है। आदेश के अनुसार यदि ड्यूटी के दौरान किसी ग्रामीण सफाई कर्मचारी की मृत्यु हो जाती है तो उसके परिवार के एक सदस्य को अनुकंपा के आधार पर (Compassionate Grounds) नौकरी दी जाएगी।
इस प्रावधान से ड्यूटी के दौरान कर्मचारी की मृत्यु की स्थिति में उसके परिवार को आर्थिक सहारा मिलने का रास्ता साफ होगा।
EPF और ESI डेथ-क्लेम में BDPO कार्यालय करेगा मदद
निजी एजेंसियों द्वारा कर्मचारियों के कथित शोषण से बचाने के लिए EPF और ESI डेथ-क्लेम से जुड़े मामलों में भी विभाग ने व्यवस्था की है।
किसी कर्मचारी की मृत्यु होने पर उसके परिजनों के EPF और ESI डेथ-क्लेम के कागजात तैयार करवाने में BDPO कार्यालय सीधी मदद करेगा। इससे मृतक कर्मचारियों के परिवारों को क्लेम प्रक्रिया में सहायता मिल सकेगी।
7 तारीख तक मानदेय जरूरी, देरी पर 500 रुपये पेनल्टी
सरकार ने ग्रामीण सफाई कर्मचारियों के समय पर मानदेय भुगतान को लेकर भी स्पष्ट निर्देश दिए हैं। अब हर महीने की 7 तारीख तक मानदेय का भुगतान अनिवार्य रूप से करना होगा।
यदि तय तारीख तक कर्मचारियों को मानदेय का भुगतान नहीं किया जाता है तो 500 रुपये की पेनल्टी देय होगी। विभाग ने इस व्यवस्था के जरिए समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
29 मई की बैठक में मांगों पर बनी थी सहमति
विकास एवं पंचायत विभाग के अनुसार ग्रामीण सफाई कर्मचारियों की मांगों को लेकर 29 मई 2026 को बैठक हुई थी। इस बैठक में सफाई कर्मचारियों के संघ प्रतिनिधियों के साथ विभिन्न मांगों पर चर्चा की गई थी।
बैठक में सामने आई मांगों पर वित्त विभाग की सहमति मिलने के बाद अब 10 सितंबर 2026 को विकास एवं पंचायत विभाग की ओर से आधिकारिक आदेश जारी कर दिए गए हैं।
इन आदेशों के बाद ग्रामीण सफाई कर्मचारियों के मानदेय एरियर से लेकर भत्तों, अनुकंपा नियुक्ति, ईपीएफ-ईएसआई क्लेम और समय पर भुगतान से जुड़े कई मामलों में नई व्यवस्था लागू होगी। विभाग ने प्रदेश के सभी संबंधित अधिकारियों को आदेशों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
Akhil Mahajan