बहुत गर्म चाय-कॉफी से सावधान,65°C से ऊपर के पेय से बढ़ सकता है कैंसर का खतरा,जानें चाय पीने का सही तरीका
बहुत गर्म चाय-कॉफी पीने से भोजन नली के कैंसर का खतरा बढ़ सकता है। जानिए 65 डिग्री तापमान, बार-बार गर्म पेय और बचाव के आसान तरीके
चाय-कॉफी नहीं, बहुत गर्म पीने की आदत से बढ़ सकता है भोजन नली के कैंसर का खतरा
➤ 65 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक गर्म पेय से जोखिम करीब 3 गुना तक बढ़ने की बात सामने आई
➤ दिन में 6 या अधिक बार बहुत गर्म पेय पीने वालों में खतरा 71% तक बढ़ा, तापमान कम करना जरूरी
चाय और कॉफी पीना करोड़ों लोगों की रोजमर्रा की दिनचर्या का हिस्सा है। सुबह की शुरुआत से लेकर शाम की थकान दूर करने तक लोग कई बार चाय या कॉफी का सहारा लेते हैं। ऐसे में अक्सर यह सवाल उठता है कि क्या चाय-कॉफी पीने से कैंसर का खतरा भी बढ़ सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, सामान्य तौर पर चाय या कॉफी पीने से कैंसर नहीं होता, लेकिन इन्हें बहुत ज्यादा गर्म पीने की आदत परेशानी का कारण बन सकती है।
इंटरनेशनल जर्नल ऑफ कैंसर में प्रकाशित एक बड़े वैज्ञानिक अध्ययन में बहुत गर्म पेय और भोजन नली के कैंसर के बीच संबंध को लेकर अहम जानकारी सामने आई है। अध्ययन के मुताबिक, 65 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक तापमान वाले पेय गुनगुने पेय की तुलना में आहार नली के कैंसर का खतरा करीब 3 गुना तक बढ़ा सकते हैं।
इसलिए समस्या चाय या कॉफी में नहीं, बल्कि उसे किस तापमान पर और कितनी बार पिया जा रहा है, इसमें है।
ज्यादा गर्म चाय-कॉफी पीने से बचें
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, लगातार बेहद गर्म घूंट लेने से भोजन नली की नाजुक अंदरूनी परत को नुकसान पहुंच सकता है। अत्यधिक गर्म पेय से वहां जलन और लंबे समय तक सूजन हो सकती है। लगातार होने वाला यह नुकसान कोशिकाओं को प्रभावित कर सकता है और समय के साथ कैंसर के जोखिम को बढ़ा सकता है।
यानी अगर कोई व्यक्ति चाय या कॉफी पीता है तो उसे इसे पूरी तरह छोड़ने की जरूरत नहीं है। सबसे जरूरी बात यह है कि पेय को बहुत गर्म अवस्था में न पिया जाए।
केवल पेय का तापमान ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि यह भी मायने रखता है कि दिन में कितनी बार बहुत गर्म पेय लिया जा रहा है।
रिसर्च में तापमान को ध्यान में रखने के बाद भी पाया गया कि जो लोग दिन में 6 या उससे अधिक बार बहुत गर्म पेय पीते हैं, उनमें भोजन नली के कैंसर का खतरा 71% बढ़ जाता है।
बार-बार गर्म पेय पीने का मतलब है कि भोजन नली की अंदरूनी सुरक्षा परत को बार-बार गर्मी का सामना करना पड़ता है और उसे खुद को संभालने का पर्याप्त समय नहीं मिल पाता।
लगातार गर्म पेय से कोशिकाओं को कैसे नुकसान पहुंचता है
हमारी आहार नली की अंदरूनी त्वचा या परत काफी नाजुक और संवेदनशील होती है। जब कोई व्यक्ति अत्यधिक गर्म चाय या कॉफी का घूंट लेता है तो गर्मी से इस परत को नुकसान पहुंच सकता है।
शरीर इस नुकसान को ठीक करने की कोशिश करता है, लेकिन अगर कुछ घंटों बाद व्यक्ति फिर से बहुत गर्म चाय या कॉफी पी लेता है तो नली को दोबारा गर्मी का सामना करना पड़ता है। अगर यह सिलसिला रोजाना और लंबे समय तक चलता रहे तो कोशिकाओं को लगातार नुकसान पहुंच सकता है।
इसी वजह से विशेषज्ञ बहुत गर्म पेय से बचने की सलाह देते हैं। चाय या कॉफी को थोड़ा ठंडा करके पीना भोजन नली को होने वाले इस तरह के नुकसान को कम करने का आसान तरीका हो सकता है।
खतरे से बचने के लिए क्या करें?
चाय या कॉफी पीने से पहले उसका तापमान जांचने के लिए हर बार थर्मामीटर इस्तेमाल करने की जरूरत नहीं है। इसके लिए अपनी जीभ और होठों से भी अंदाजा लगाया जा सकता है।
अगर चाय या कॉफी की पहली चुस्की लेते ही मुंह जलने लगे तो समझें कि पेय अभी बहुत गर्म है। ऐसी स्थिति में उसे पीने से रुक जाना चाहिए और कुछ देर इंतजार करना बेहतर है।
चाय या कॉफी को कप में डालने के बाद कम से कम 4-5 मिनट के लिए छोड़ने की सलाह दी गई है। इतने समय में तापमान अपने आप कम हो सकता है और इसे पीना अपेक्षाकृत सुरक्षित हो जाता है।
इसलिए अगली बार चाय या कॉफी बनाते समय सिर्फ स्वाद और कैफीन पर ध्यान न दें। यह भी देखें कि पेय कितना गर्म है। बहुत गर्म चाय-कॉफी की आदत को बदलना भोजन नली को बार-बार होने वाली गर्मी की चोट से बचाने की दिशा में एक आसान कदम हो सकता है।
Akhil Mahajan