रामपाल के सेवादारों पर अनिरुद्धाचार्य का बड़ा आरोप, बोले- क्रिश्चियन से मिलती है फंडिंग
करनाल में अनिरुद्धाचार्य ने रामपाल के सेवादारों पर क्रिश्चियन से फंडिंग लेकर सनातन विरोधी एजेंडा चलाने का आरोप लगाया और लोगों से सावधान रहने को कहा।
➤ अनिरुद्धाचार्य ने रामपाल के सेवादारों पर लगाए फंडिंग के आरोप
➤ करनाल में बोले- क्रिश्चियन सपोर्ट करते हैं, सनातन के खिलाफ एजेंडा चलाया जा रहा
➤ इंटरकास्ट मैरिज पर पहले भी बोले थे- प्रेम से पहले आधार कार्ड देखना चाहिए
करनाल में श्रीमद्भागवत कथा के दौरान कथावाचक अनिरुद्धाचार्य महाराज की एक टिप्पणी को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। कथा के समापन के दौरान एक युवक ने उनसे सतलोक आश्रम के संचालक संत रामपाल के सेवादारों को लेकर सवाल किया। युवक ने आरोप लगाया कि रामपाल के सेवादार भगवान शिव और भगवान कृष्ण को लेकर गलत बातें करते हैं और सनातन धर्म का अपमान करते हैं।
इस सवाल के जवाब में अनिरुद्धाचार्य ने आरोप लगाया कि इन लोगों को क्रिश्चियन सपोर्ट करते हैं और उन्हें फंडिंग मिलती है। उन्होंने कहा कि इसी वजह से ये लोग सनातन धर्म का विरोध करते हैं। उन्होंने ऐसे लोगों को सनातन का शत्रु बताते हुए लोगों से उनके एजेंडे से बचने की बात कही।0
यह मामला करनाल के तरावड़ी में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दौरान सामने आया। यहां 5 सितंबर से कथा चल रही थी और शुक्रवार को इसका समापन हुआ।
युवक ने पूछा- भगवानों के खिलाफ बोलने की इजाजत कहां से मिली
कथा के दौरान प्रश्नोत्तरी में एक युवक ने अनिरुद्धाचार्य से संत रामपाल और उनके सेवादारों को लेकर सवाल किया। युवक ने कहा कि सनातन धर्म सबसे श्रेष्ठ धर्म है और आजकल धरती पर एक ऐसा व्यक्ति है जिसे वह आठवां अजूबा मानता है, जिसका नाम संत रामपाल है।
युवक ने आरोप लगाया कि संत रामपाल के सेवादार भगवान शिव और कृष्ण भगवान के बारे में गलत बोलते हैं। उसने सवाल किया कि संविधान या कानून में यह कहां लिखा है कि भगवानों को गालियां देने की इजाजत है।
इस पर अनिरुद्धाचार्य ने कहा कि वे सनातन के दुश्मन हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि क्रिश्चियन लोग सीधे तौर पर विरोध नहीं कर सकते, इसलिए ऐसे लोगों को अपने साथ रखकर उन्हें सनातन के खिलाफ करने की कोशिश की जाती है।
उन्होंने कहा कि यह सब उनका एजेंडा है और लोगों को इससे बचना चाहिए।
अनिरुद्धाचार्य का आरोप- क्रिश्चियन सपोर्ट और फंडिंग करते हैं
सवाल के जवाब में अनिरुद्धाचार्य ने कहा कि इन लोगों को क्रिश्चियन सपोर्ट करते हैं और उनसे फंडिंग मिल जाती है। उनके अनुसार इसी वजह से ये लोग सनातन धर्म का विरोध करते हैं।
उन्होंने लोगों से ऐसे कथित एजेंडे से सावधान रहने की अपील की।
हालांकि, मंच से दिए गए इस बयान में अनिरुद्धाचार्य की ओर से फंडिंग के आरोपों के समर्थन में कोई दस्तावेज या अन्य प्रमाण प्रस्तुत किए जाने की जानकारी नहीं है। बयान कार्यक्रम में पूछे गए सवाल के जवाब के दौरान दिया गया।
इंटरकास्ट मैरिज पर भी बयान दे चुके हैं अनिरुद्धाचार्य
करनाल की इसी कथा के दौरान अनिरुद्धाचार्य पहले भी एक युवती के सवाल पर टिप्पणी कर चुके हैं। 7 सितंबर को नीलोखेड़ी की एक युवती ने उनसे अंतरजातीय विवाह और परिवार की नाराजगी को लेकर सवाल पूछा था।
युवती ने बताया था कि वह ब्राह्मण परिवार से है और दूसरी जाति के युवक से प्यार करती थी। मां के विरोध के बावजूद उसने युवक से शादी कर ली। युवती का आरोप था कि उसकी मां ने उसे करीब एक महीने तक कमरे में बंद रखा और उसका फोन भी ले लिया था।
युवती ने कहा था कि वह अपने परिवार से रिश्ता खत्म नहीं करना चाहती, बल्कि चाहती है कि उसकी मां उसके पति को स्वीकार कर लें।
‘प्रेम करने से पहले आधार कार्ड देखो’ वाली टिप्पणी भी हुई थी चर्चा में
युवती के सवाल पर अनिरुद्धाचार्य ने कहा था कि उसकी मां ने धर्म और परिवार की चिंता के कारण शादी का विरोध किया। उन्होंने कहा था कि संविधान पसंद से शादी करने की आजादी देता है, जबकि धर्म में विवाह को लेकर अलग मर्यादाएं हैं।
उन्होंने विवाह से पहले व्यक्ति के परिवार, संस्कार और भविष्य को समझने की बात कही थी। इसी दौरान उन्होंने कहा था कि किसी से प्रेम करने से पहले उसका आधार कार्ड तक देख लेना चाहिए।
इससे पहले उन्होंने प्रेम को लेकर यह टिप्पणी भी की थी कि प्रेम तो कुत्ते-गधे से हो जाता है, लेकिन विवाह का फैसला सोच-समझकर किया जाना चाहिए।
इंटरकास्ट मैरिज को लेकर दिया गया यह बयान भी सोशल मीडिया और चर्चा में रहा था।
कथा के दौरान सवाल-जवाब में सामने आए दोनों बयान
करनाल के तरावड़ी में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के दौरान प्रश्नोत्तरी में अलग-अलग सवालों के जवाब देते हुए अनिरुद्धाचार्य की टिप्पणियां सामने आईं। पहले अंतरजातीय विवाह को लेकर युवती के सवाल पर उन्होंने परिवार, संस्कार और विवाह की मर्यादाओं की बात कही थी।
अब कथा के समापन के दौरान संत रामपाल के सेवादारों को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने क्रिश्चियन सपोर्ट और फंडिंग का आरोप लगाया तथा इन्हें सनातन का शत्रु बताया।
दोनों मामलों में उनके बयानों को लेकर चर्चा बनी हुई है।
Akhil Mahajan