तंग गलियों में दौड़ेंगी 5 वेस्ट पिकर मशीनें, रेपर-कागज का कचरा होगा साफ

गुरुग्राम के सदर बाजार में 5 वेस्ट पिकर मशीनें तैनात की गईं। तंग गलियों में रेपर-कागज जैसे हल्के कचरे की सफाई होगी और कर्मचारियों को ट्रेनिंग दी गई।

तंग गलियों में दौड़ेंगी 5 वेस्ट पिकर मशीनें, रेपर-कागज का कचरा होगा साफ

गुरुग्राम के सदर बाजार में 5 वेस्ट पिकर मशीनें तैनात, तंग गलियों में आसान होगी सफाई
➤ रेपर, कागज और हल्के कचरे की सफाई पर फोकस, कर्मचारियों को दी गई विशेष तकनीकी ट्रेनिंग
➤ पायलट प्रोजेक्ट सफल रहा तो शहर के दूसरे बाजारों में भी बढ़ाई जाएंगी आधुनिक मशीनें

गुरुग्राम। शहर के मुख्य बाजारों को साफ-सुथरा रखने के लिए नगर निगम ने सफाई व्यवस्था में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल शुरू किया है। निगम की ओर से पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर पांच अत्याधुनिक वेस्ट पिकर मशीनें मंगवाई गई हैं। इन मशीनों को सदर बाजार के अलग-अलग हिस्सों में तैनात किया गया है। खास बात यह है कि इन मशीनों को बाजारों और तंग गलियों की जरूरत को ध्यान में रखते हुए इस्तेमाल किया जा रहा है, जहां बड़े सफाई वाहनों को ले जाना मुश्किल होता है।

इन मशीनों की मदद से सड़कों और फुटपाथों पर जमा होने वाले रेपर, कागज के टुकड़ों और अन्य हल्के कचरे को साफ किया जाएगा। पायलट प्रोजेक्ट की सफलता के बाद आने वाले समय में शहर के अन्य बाजारों में भी ऐसी और मशीनें मंगवाई जाएंगी। इससे गुरुग्राम की सफाई व्यवस्था को आधुनिक और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में काम किया जाएगा।

भीड़भाड़ वाले बाजारों के लिए खास तौर पर चुनी गईं कॉम्पैक्ट मशीनें

अधिकारियों के अनुसार, त्योहारों के सीजन में ही नहीं, बल्कि आम दिनों में भी बाजारों और मार्केट एरिया में लोगों की भारी भीड़ रहती है। भीड़भाड़ के कारण सड़कों और फुटपाथों पर अक्सर रैपर्स, कागज के टुकड़े और अन्य हल्का कचरा जमा हो जाता है।

ऐसे इलाकों में बड़े सफाई वाहनों को ले जाना मुश्किल होता है। इसी समस्या का समाधान निकालते हुए नगर निगम ने विशेष रूप से मार्केट एरिया के लिए इन वेस्ट पिकर मशीनों को मंगवाया है।

स्कूटर जैसे दिखने वाले ये कॉम्पैक्ट वाहन तंग गलियों और व्यस्त बाजारों में आसानी से आ-जा सकते हैं। इनके जरिए यातायात को प्रभावित किए बिना कुछ ही समय में कचरे की सफाई की जा सकती है। सदर बाजार में अलग-अलग हिस्सों में मशीनों की तैनाती इसी उद्देश्य से की गई है।

रेपर और कागज जैसे हल्के कचरे पर रहेगा मुख्य फोकस

वेस्ट पिकर मशीनों का इस्तेमाल खास तौर पर बाजारों में इधर-उधर पड़े हल्के कचरे को उठाने के लिए किया जा रहा है। बाजारों में बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही के कारण रेपर और कागज जैसे कचरे की समस्या बनी रहती है।

कॉम्पैक्ट मशीनों के कारण सफाई कर्मचारियों को भीड़ के बीच सफाई करने में सुविधा होगी। बड़े वाहन जहां आसानी से नहीं पहुंच सकते, वहां इन छोटी मशीनों को ले जाकर सफाई का काम किया जा सकेगा।

मशीन चलाने से पहले सफाई कर्मचारियों को दी गई विशेष ट्रेनिंग

नगर निगम ने इस आधुनिक प्रोजेक्ट में सिर्फ मशीनों को मैदान में उतारने पर ध्यान नहीं दिया, बल्कि इन्हें संचालित करने वाले सफाई कर्मचारियों के कौशल विकास पर भी जोर दिया है।

नई मशीनों को सही और प्रभावी तरीके से संचालित करने के लिए सफाई कर्मचारियों को विशेष तकनीकी ट्रेनिंग दी गई है। ट्रेनिंग के दौरान कर्मचारियों को मशीन की सक्शन ट्यूब के कुशल उपयोग, सुरक्षा नियमों और कचरा प्रबंधन के आधुनिक तौर-तरीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।

इस प्रशिक्षण से कर्मचारियों को नई तकनीक के इस्तेमाल में मदद मिलेगी। इससे सफाई के काम में तेजी आने के साथ सफाई कर्मचारियों का कौशल विकास भी होगा। कर्मचारी मशीनों को अधिक आत्मविश्वास के साथ संचालित कर सकेंगे।

दुकानदारों और स्थानीय लोगों में दिखा सकारात्मक माहौल

नगर निगम की इस पहल को लेकर स्थानीय दुकानदारों, व्यापारियों और निवासियों में उत्साह और सकारात्मक माहौल देखा जा रहा है। दुकानदारों का मानना है कि आधुनिक मशीनों और प्रशिक्षित कर्मचारियों की यह जुगलबंदी बाजारों की सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद करेगी।

स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि सड़कों और फुटपाथों पर जमा होने वाले हल्के कचरे को समय पर हटाने से बाजारों का स्वरूप भी अधिक साफ-सुथरा नजर आएगा।

प्रदीप दहिया बोले- तकनीक के सही इस्तेमाल से जमीन स्तर पर आएगा सुधार

नगर निगम कमिश्नर प्रदीप दहिया का कहना है कि पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता के प्रति गंभीरता से काम किया जा रहा है। उनका कहना है कि तकनीक का सही इस्तेमाल कर जमीन स्तर पर सुधार लाया जा रहा है।

नगर निगम का यह पायलट प्रोजेक्ट फिलहाल सदर बाजार में शुरू किया गया है। इसके परिणामों के आधार पर आने वाले समय में शहर के अन्य बाजारों में भी ऐसी मशीनों का इस्तेमाल बढ़ाया जा सकता है।

नगर निगम के अनुसार, तकनीक और प्रशिक्षित सफाई कर्मचारियों के संयोजन से सफाई व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। आने वाले दिनों में यह प्रोजेक्ट शहर को एक आदर्श और 'स्मार्ट क्लीन सिटी' बनाने में मददगार साबित हो सकता है।