खुले नाले में बच्चा गिरने के मामले में जेई सस्पेंड, स्कूल से घर लौट रहा था, देखें वीडियो

पानीपत में स्कूल से लौट रहा दूसरी कक्षा का बच्चा खुले नाले में गिर गया। लोगों ने जान बचाई, JE सस्पेंड हुआ और जांच के लिए कमेटी गठित की गई।

खुले नाले में बच्चा गिरने के मामले में जेई सस्पेंड, स्कूल से घर लौट रहा था, देखें वीडियो

➤ स्कूल से लौटते समय करीब सात फीट गहरे नाले में गिरा दूसरी कक्षा का छात्र
➤ मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत बाहर निकाला, CCTV में कैद हुई पूरी घटना
➤ JE परमिंदर सस्पेंड, जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित


पानीपत के वार्ड नंबर-3 में खुले नाले की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े हुए हैं। राधा फैक्ट्री के पास स्कूल से घर लौट रहा दूसरी कक्षा का छात्र ऋतिक खुले नाले को पार करने के दौरान उसमें गिर गया। नाला करीब सात फीट गहरा बताया जा रहा है। घटना के समय आसपास मौजूद लोगों ने बच्चे को तुरंत बाहर निकाल लिया, जिससे उसकी जान बच गई। पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में भी रिकॉर्ड हुई है। मामले में नगर निगम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित काम के जेई परमिंदर को सस्पेंड कर दिया है और जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की है।

स्कूली बच्चा रास्ते जा रहा था, इसी दौरान वह नाले में गिर गया।

घटना गुरुवार दोपहर करीब 1:30 बजे की बताई जा रही है। ऋतिक स्कूल से घर लौट रहा था। इसी दौरान वह खुले नाले को पार करने की कोशिश कर रहा था। अचानक उसका संतुलन बिगड़ा और वह नाले में गिर गया। आसपास मौजूद लोगों ने बच्चे को नाले में गिरते देखा और तत्काल उसे बाहर निकालने के लिए मदद की। समय पर बचाव होने के कारण बच्चे की जान बच गई।

CCTV में कैद हुई घटना.

सामने आए CCTV फुटेज में बच्चा सड़क से गुजरता दिखाई देता है। इसके बाद वह नाले को पार करने की कोशिश करता है और अचानक उसमें गिर जाता है। घटना के दौरान आसपास मौजूद लोगों की नजर बच्चे पर पड़ गई। लोगों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर उसे बाहर निकाला।

स्थानीय स्तर पर नाले की गहराई करीब सात फीट बताई गई है। ऐसे में खुले नाले के आसपास पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

पानीपत में पिछले दिनों एक महिला नाले में गिरी थी।

JE परमिंदर सस्पेंड, जांच के लिए कमेटी बनी.

घटना के बाद नगर निगम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित कार्य के जेई परमिंदर को सस्पेंड कर दिया। पूरे मामले की जांच के लिए अतिरिक्त निगम आयुक्त विवेक कुमार की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमेटी बनाई गई है।

कमेटी को पूरे मामले की जांच करके एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट निगम आयुक्त को सौंपनी है। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई के संबंध में फैसला लिया जाएगा।

पहले भी महिला खुले नाले में गिरी थी.

इस इलाके में खुले नाले को लेकर पहले भी हादसा सामने आ चुका है। अगस्त में एक महिला इसी क्षेत्र में खुले नाले में गिर गई थी। उस समय भी आसपास मौजूद दुकानदारों और लोगों ने महिला को बाहर निकालकर उसकी मदद की थी।

स्थानीय लोगों के अनुसार, क्षेत्र में सड़क और सीवर लाइन का काम अधूरा पड़ा है। खुले गड्ढों और नालों के आसपास पर्याप्त बैरिकेडिंग और सुरक्षा इंतजाम नहीं होने की शिकायतें भी सामने आती रही हैं।

पहले भी अधिकारियों और निर्माण एजेंसी पर हुई थी कार्रवाई

खुले नाले और अधूरे निर्माण कार्य से जुड़े पिछले मामलों के बाद नगर निगम के अधिकारियों पर कार्रवाई की गई थी। निर्माण एजेंसी पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाने के आदेश भी दिए गए थे।

इसके बावजूद इसी क्षेत्र में बच्चे के नाले में गिरने की घटना सामने आने से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता फिर बढ़ गई है। स्थानीय लोगों की मांग है कि खुले नालों और निर्माणाधीन हिस्सों को सुरक्षित तरीके से बंद किया जाए, ताकि बच्चों और राहगीरों को ऐसे हादसों का सामना न करना पड़े।

फिलहाल बच्चे को समय रहते बाहर निकाल लिया गया और नगर निगम ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अब कमेटी की रिपोर्ट से यह स्पष्ट होगा कि खुले नाले की सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही कहां हुई और आगे किन स्तरों पर कार्रवाई की आवश्यकता है।