MPHW कर्मचारियों का प्रदर्शन,बोले- ट्रांसफर करो, पोस्ट खत्म मत करो

भिवानी में MPHW कर्मचारियों ने MOTP के तहत पद कैप करने के विरोध में धरना दिया। एसोसिएशन ने ज्ञापन सौंपकर फैसला वापस लेने और आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी।

MPHW कर्मचारियों का प्रदर्शन,बोले- ट्रांसफर करो, पोस्ट खत्म मत करो

भिवानी में MPHW कर्मचारियों ने CMO कार्यालय के बाहर दो घंटे धरना देकर सरकार के खिलाफ जताया विरोध

➤ MOTP की आड़ में पद खत्म करने का आरोप, हरियाणा में 8 हजार और भिवानी में 450 कर्मचारी प्रभावित होने का दावा

➤ एसोसिएशन ने CMO को सौंपा ज्ञापन, मांगें नहीं मानीं तो पूरे प्रदेश में आंदोलन तेज करने की चेतावनी

भिवानी। हरियाणा के भिवानी में शुक्रवार को बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारी एसोसिएशन ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। एसोसिएशन की भिवानी इकाई से जुड़े MPHW कर्मचारियों ने CMO कार्यालय के बाहर दो घंटे तक धरना-प्रदर्शन किया और अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाई। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने ‘काला कानून वापस करो’ के नारे लगाए।

कर्मचारियों का आरोप है कि सरकार MOTP यानी ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी की आड़ में स्वास्थ्य विभाग में कर्मचारियों के पदों को कैप कर रही है और उन्हें खत्म किया जा रहा है। एसोसिएशन ने इस फैसले का विरोध करते हुए कहा कि ट्रांसफर पॉलिसी के तहत कर्मचारियों का तबादला करना अलग बात है, लेकिन पदों को समाप्त करने से स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ सकता है।

प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर CMO को ज्ञापन सौंपा। एसोसिएशन ने बताया कि शनिवार को उपायुक्त के माध्यम से सरकार के नाम ज्ञापन भेजा जाएगा। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही पदों को कैप करने का फैसला वापस नहीं लिया गया, तो पूरे हरियाणा में आंदोलन को और बड़ा किया जाएगा।

हरियाणा में 8 हजार और भिवानी में 450 कर्मचारियों के प्रभावित होने का दावा

बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारी एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के तहत पदों को कैप किए जाने से प्रदेशभर में करीब 8 हजार कर्मचारी प्रभावित हो रहे हैं। वहीं, अकेले भिवानी जिले में प्रभावित कर्मचारियों की संख्या करीब 450 बताई गई है।

कर्मचारियों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग में पदों को समाप्त करने का असर केवल कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इससे आम लोगों को मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रभावित हो सकती हैं। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य कर्मचारियों की उपलब्धता कम होने से टीकाकरण, मलेरिया, डेंगू और टीबी जैसी बीमारियों से संबंधित कार्यों पर असर पड़ने की आशंका है।

एसोसिएशन के जिला प्रधान रविंद्र कुमार ने कहा कि कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर एकजुट हैं। उन्होंने सरकार से पदों को खत्म करने के फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की।

बाइट: रविंद्र कुमार, जिला प्रधान, MPHW एसोसिएशन भिवानी

कर्मचारियों ने कहा- ट्रांसफर करना सरकार का अधिकार, लेकिन पद खत्म करना गलत

प्रदर्शन में पहुंचे एसोसिएशन के पूर्व स्टेट उपप्रधान राठी ने भी सरकार की नीति पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कर्मचारी का ट्रांसफर उसकी नौकरी का हिस्सा है और सरकार जरूरत के अनुसार तबादला कर सकती है। कर्मचारियों को ट्रांसफर से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन इसकी आड़ में पदों को खत्म करना गलत है।

उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि भिवानी जिले में एक गांव ऐसा है, जिसकी आबादी करीब 9 हजार है और जो शहर से 20-22 किलोमीटर दूर है। उनके अनुसार, वहां MPW Male की पोस्ट कैप की जा रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि ऐसे गांव में स्वास्थ्य कर्मचारी उपलब्ध नहीं होगा, तो ग्रामीण आबादी को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में परेशानी हो सकती है।

राठी ने कहा कि भिवानी बाढ़ग्रस्त क्षेत्र है और यहां स्वास्थ्य कर्मचारियों की भूमिका काफी महत्वपूर्ण है। कर्मचारी मलेरिया, डेंगू, टीबी और टीकाकरण जैसे कार्यों में जिम्मेदारी निभाते हैं। ऐसे में पदों को समाप्त करने से इन सेवाओं पर असर पड़ने की आशंका है।

उन्होंने कहा कि सरकार कर्मचारियों का तबादला कर सकती है और उन्हें इससे कोई परेशानी नहीं है, लेकिन पदों को कैप करने का फैसला वापस लिया जाना चाहिए। एसोसिएशन का कहना है कि कर्मचारियों की उपलब्धता बनाए रखना जरूरी है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में भी स्वास्थ्य सेवाएं सुचारू रूप से चलती रहें।

बाइट: राठी, पूर्व उपप्रधान

कोरोना काल में भी कर्मचारियों ने निभाई अहम भूमिका

एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारी लंबे समय से स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न कार्यों में अपनी जिम्मेदारी निभाते आ रहे हैं। कोरोना काल में भी कर्मचारियों ने बढ़-चढ़कर काम किया था। इसके अलावा टीकाकरण अभियान और मलेरिया, डेंगू व टीबी जैसी बीमारियों की रोकथाम से जुड़े कार्यों में भी उनकी भूमिका रहती है।

कर्मचारियों का कहना है कि यदि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वीकृत पदों को खत्म किया जाता है, तो स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और कार्यप्रणाली प्रभावित हो सकती है। इसी वजह से एसोसिएशन सरकार से मांग कर रही है कि ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के नाम पर पदों को कैप करने की कार्रवाई रोकी जाए।

CMO को ज्ञापन सौंपा, शनिवार को उपायुक्त के माध्यम से सरकार को भेजेंगे मांगपत्र

धरना-प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर CMO को ज्ञापन सौंपा। एसोसिएशन ने बताया कि शनिवार को उपायुक्त के माध्यम से सरकार के नाम ज्ञापन प्रेषित किया जाएगा। इसके जरिए कर्मचारियों की समस्याओं और पदों को कैप किए जाने के फैसले से जुड़ी चिंताओं को सरकार तक पहुंचाया जाएगा।

कर्मचारियों ने साफ किया कि वे अपनी मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखने के लिए तैयार हैं। उन्होंने सरकार से जल्द फैसला वापस लेने की अपील की। एसोसिएशन ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर सुनवाई नहीं हुई और पदों को कैप करने का निर्णय वापस नहीं लिया गया, तो पूरे हरियाणा में आंदोलन को व्यापक स्तर पर चलाया जाएगा।