हरियाणा में 9700 करोड़ की सड़क परियोजनाओं को मंजूरी, पांच शहरों में बनेंगे बाईपास और रिंग रोड

हरियाणा सरकार ने 9700 करोड़ रुपये की लागत से पांच शहरों में बाईपास और बाहरी रिंग रोड परियोजनाओं को मंजूरी दी, जिससे यातायात दबाव घटाने की योजना है।

हरियाणा में 9700 करोड़ की सड़क परियोजनाओं को मंजूरी, पांच शहरों में बनेंगे बाईपास और रिंग रोड

➤ पांच शहरों में बाईपास व बाहरी रिंग रोड बनाने की मंजूरी
➤ हिसार, कुरुक्षेत्र-लाडवा, नारनौल, जींद और सोहना-पलवल होंगे शामिल
➤ शहरों के भीतर यातायात दबाव घटाने और आवागमन सुगम बनाने पर जोर


चंडीगढ़/पानीपत। हरियाणा में बढ़ते यातायात दबाव और शहरों के भीतर लगने वाले जाम से लोगों को राहत देने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पांच प्रमुख शहरों में बाईपास और बाहरी रिंग रोड विकसित करने वाली परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इन सड़क परियोजनाओं पर करीब 9700 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। सरकार का उद्देश्य शहरों के बीच से गुजरने वाले वाहनों का दबाव कम करना, यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाना और लोगों के आवागमन को अधिक सुगम बनाना है।

मंजूर की गई परियोजनाओं में हिसार, कुरुक्षेत्र-लाडवा, नारनौल, जींद और सोहना-पलवल क्षेत्र की सड़क परियोजनाएं शामिल हैं। इन बाईपास और बाहरी रिंग रोड के विकसित होने के बाद शहरों के मुख्य हिस्सों से गुजरने वाले यातायात को वैकल्पिक मार्ग मिलने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री ने 12 सितंबर को चंडीगढ़ में आयोजित बैठक में एक लाख से अधिक आबादी वाले शहरों और कस्बों के बाहर रिंग रोड तथा राष्ट्रीय राजमार्ग विकसित करने की योजना पर चर्चा की थी। बैठक में केंद्र सरकार की नीति के अनुरूप राज्य की वित्तीय भागीदारी का मॉडल तैयार करने पर भी विचार किया गया।

इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए वित्त विभाग, लोक निर्माण विभाग और शहरी स्थानीय निकाय विभाग के अधिकारियों की तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। कमेटी राज्य की वित्तीय भागीदारी और परियोजनाओं से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर काम करेगी।

हिसार और कुरुक्षेत्र-लाडवा परियोजनाओं पर आगे बढ़ा काम

हिसार बाईपास को एनएच-52 के हिसार-राजगढ़ रोड से हिसार-दिल्ली रोड और हिसार-कैथल रोड से जोड़ने की योजना है। इससे हिसार शहर के भीतर वाहनों की आवाजाही को सुगम बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

वहीं कुरुक्षेत्र-लाडवा बाईपास की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट यानी डीपीआर तैयार कर ली गई है। सरकार की योजना इस परियोजना पर जल्द काम शुरू करने की है।

नारनौल में 11 किलोमीटर का सिटी बाईपास

नारनौल में करीब 11 किलोमीटर लंबा सिटी बाईपास बनाया जाएगा। इसे एनएच-148बी से जोड़े जाने की योजना है। इस मार्ग के तैयार होने से शहर के भीतर आने-जाने वाले यातायात को वैकल्पिक रास्ता उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

जींद में एनएच-352 पर चार लेन की बाहरी रिंग रोड और बाईपास विकसित किया जाएगा। इस परियोजना का उद्देश्य शहर के आसपास यातायात के लिए बेहतर कनेक्टिविटी तैयार करना है।

सोहना-पलवल के बीच 24 किलोमीटर की चार लेन सड़क

सोहना-पलवल बाईपास को एनएच-919 से जोड़ने वाली सड़क का पुनर्निर्माण किया जाएगा। इसके साथ ही सड़क का नए सिरे से डिजाइन तैयार किया जाएगा। प्रस्तावित सड़क करीब 24 किलोमीटर लंबी होगी और इसे चार लेन बनाया जाएगा।

यह परियोजना सोहना और पलवल क्षेत्र के बीच यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। सड़क नेटवर्क मजबूत होने से इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही को अधिक व्यवस्थित करने में मदद मिल सकती है।

करनाल और अंबाला में भी रिंग रोड की दिशा में काम

सरकार ने डीएनडी-फरीदाबाद-बल्लभगढ़ बाईपास को केएमपी लिंक के माध्यम से दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से जोड़ने की योजना भी बताई है।

इसके अलावा करनाल रिंग रोड के लिए भूमि हिस्सेदारी की राशि जमा कराई जा चुकी है। इससे स्पष्ट है कि राज्य में शहरों के आसपास वैकल्पिक सड़क नेटवर्क और रिंग रोड कनेक्टिविटी को विस्तार देने पर जोर दिया जा रहा है।

कुल मिलाकर, पांच प्रमुख शहरों में करीब 9700 करोड़ रुपये की बाईपास और बाहरी रिंग रोड परियोजनाओं को मंजूरी मिलने से हरियाणा के शहरी और अंतरशहरी सड़क नेटवर्क को विस्तार देने की योजना सामने आई है। इन परियोजनाओं का प्रमुख लक्ष्य शहरों के अंदर वाहनों का दबाव घटाना और लोगों के लिए आवागमन को अधिक सुविधाजनक बनाना है।