हरियाणा में घायल मिले दिल्ली के गब्बर की 13 दिन बाद मौ*त,परिजनों ने जताया ह*त्या का शक
गुरुग्राम में घायल मिले दिल्ली के गब्बर सिंह की 13 दिन बाद मौत हो गई। परिजनों ने हत्या का शक जताकर 11 हजार रुपये गायब होने और सीसीटीवी जांच की मांग की।
गुरुग्राम में घायल मिले दिल्ली के मांडी गांव निवासी गब्बर सिंह की इलाज के दौरान 13 दिन बाद मौत
➤ परिजनों का दावा- सिर के पिछले हिस्से में चोट, बाइक की हेडलाइट टूटी लेकिन बाकी हिस्से पर स्क्रैच तक नहीं
➤ जेब से 11 हजार रुपये गायब होने का आरोप, परिवार ने चार युवकों से पूछताछ और CCTV फुटेज की जांच मांगी
गुरुग्राम में घायल अवस्था में मिले दिल्ली के मांडी गांव निवासी 40 वर्षीय गब्बर सिंह की इलाज के दौरान 13 दिन बाद मौत हो गई। उनकी मौत के बाद परिजनों ने घटना को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। परिवार का दावा है कि गब्बर के सिर के पिछले हिस्से में चोट थी, जबकि उनकी बाइक की हेडलाइट के अलावा कहीं कोई खास नुकसान नहीं दिखा। परिजनों का कहना है कि यदि यह सामान्य सड़क हादसा था, तो शरीर के दूसरे हिस्सों पर चोट या रगड़ के निशान क्यों नहीं मिले।
परिवार ने घटना वाले दिन सैलरी के 11 हजार रुपये नकद गायब होने पर भी संदेह जताया है। गब्बर के भाई संजय और पत्नी सुनीता का मानना है कि मामले की जांच केवल सड़क दुर्घटना मानकर नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने घटना से पहले गब्बर के साथ नशा करने वाले चार युवकों से पूछताछ करने और घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालने की मांग की है।
परिजन सोमवार को पुलिस कमिश्नर से मिलकर मामले की निष्पक्ष जांच की गुहार लगाएंगे। वहीं, पुलिस का कहना है कि जांच में कोई नया तथ्य सामने आता है, तो उसे भी शामिल किया जाएगा।
एक अक्टूबर की रात घाटा गांव कट के पास घायल मिले थे गब्बर सिंह
गब्बर सिंह दिल्ली के मांडी गांव में अपने परिवार के साथ रहते थे। वह गुरुग्राम में एक व्यक्ति की कार चलाने का काम करते थे। उनके भाई संजय के मुताबिक, एक अक्टूबर की रात करीब 10 बजे एक जानकार का फोन आया। उसने बताया कि गब्बर का घाटा गांव कट के पास एक्सीडेंट हो गया है।
सूचना मिलने के बाद परिजन मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक गब्बर को पास के अस्पताल ले जाया जा चुका था। उन्हें चोटें लगी थीं और इलाज शुरू किया गया। करीब 13 दिन तक चले इलाज के बाद उनकी मौत हो गई।
शुरुआत में पुलिस ने मामले को सड़क हादसा मानते हुए हिट एंड रन के एंगल से जांच शुरू की थी। गब्बर की मौत के बाद गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज किया गया। हालांकि, परिजनों का कहना है कि घटनास्थल से जुड़े तथ्यों, चोटों की प्रकृति और बाइक की स्थिति को देखते हुए मामले की गहराई से जांच होनी चाहिए।
सिर के पिछले हिस्से में चोट, शरीर के बाकी हिस्सों पर निशान नहीं होने का दावा
गब्बर की पत्नी सुनीता और भाई संजय ने उनकी चोटों को लेकर सवाल उठाए हैं। परिजनों के मुताबिक, गब्बर के सिर के पिछले हिस्से में चोट लगी थी, जबकि हाथ-पैर और शरीर के अन्य हिस्सों पर चोट या रगड़ के निशान नहीं थे।
परिजनों का सवाल है कि यदि किसी अज्ञात वाहन ने गब्बर को टक्कर मारी थी, तो शरीर के दूसरे हिस्सों पर भी चोट के निशान होने चाहिए थे। उनका कहना है कि चोटों की प्रकृति और घटना की परिस्थितियों की जांच की जानी चाहिए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि गब्बर घायल कैसे हुए थे।
परिवार ने इन परिस्थितियों को आधार बनाकर हादसे की थ्योरी पर संदेह जताया है। हालांकि, चोटों और घटना के वास्तविक कारणों को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही सामने आ सकेगा।
बाइक की सिर्फ हेडलाइट टूटी मिलने पर परिजनों ने उठाए सवाल
परिवार ने गब्बर की बाइक की स्थिति को लेकर भी संदेह जताया है। उनके अनुसार, बाइक की आगे की हेडलाइट लटकी हुई थी, लेकिन वाहन के बाकी हिस्से पर कोई खास नुकसान नहीं दिखा। परिजनों का कहना है कि बाइक पर हेडलाइट के अलावा स्क्रैच तक नहीं था।
परिवार का सवाल है कि यदि यह सड़क दुर्घटना थी, तो बाइक की स्थिति और गब्बर को लगी चोटों के बीच संबंध की जांच की जानी चाहिए। उन्होंने पुलिस से घटनास्थल के साक्ष्यों और बाइक की स्थिति का बारीकी से निरीक्षण करने की मांग की है।
परिजनों का मानना है कि इन तथ्यों की जांच से घटना के समय की परिस्थितियों को समझने में मदद मिल सकती है। वे चाहते हैं कि पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच करे।
बेटे के खाते में भेजे थे 15 हजार रुपये, जेब में रखे 11 हजार रुपये गायब
गब्बर की मौत के मामले में पैसों को लेकर भी परिवार ने संदेह जताया है। उनके भाई संजय के अनुसार, घटना वाले दिन गब्बर को सैलरी मिली थी। उन्होंने अपने बेटे के खाते में 15 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए थे, जबकि 11 हजार रुपये नकद अपनी जेब में रखे थे।
परिजनों का कहना है कि मौत के बाद उनकी जेब से नकदी नहीं मिली। इसी बात को लेकर परिवार को आशंका है कि पैसों के कारण गब्बर के साथ कुछ गलत हुआ हो सकता है। पत्नी सुनीता ने भी इस मामले में संदेह जताया है।
हालांकि, नकदी गायब होने के पीछे क्या कारण था और इसका घटना से कोई संबंध है या नहीं, इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है। परिजनों ने पुलिस से इस पहलू की भी जांच करने की मांग की है।
सैलरी मिलने पर चार युवक साथ ले जाते थे, पत्नी ने धमकी देने का आरोप लगाया
गब्बर की पत्नी सुनीता ने मांडी गांव के कुछ युवकों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि गांव के कुछ आपराधिक प्रवृत्ति के युवक उनके पति पर नजर रखते थे। सुनीता के मुताबिक, जब भी गब्बर को सैलरी मिलती थी, ये युवक उन्हें अपने साथ ले जाते थे।
पत्नी का आरोप है कि उन्होंने कई बार गब्बर को इन युवकों से दूर रहने के लिए कहा था, लेकिन वे उन्हें बहला-फुसलाकर या दबाव डालकर अपने साथ ले जाते थे। सुनीता ने यह भी आरोप लगाया कि मना करने पर युवक जान से मारने और अंजाम भुगतने की धमकी देते थे।
परिवार ने इन आरोपों की जांच करने और संबंधित युवकों की भूमिका स्पष्ट करने की मांग की है। फिलहाल, ये आरोप परिजनों की ओर से लगाए गए हैं और इनकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
घटना से पहले साथ नशा करने वाले चार युवकों से पूछताछ की मांग
परिजनों के अनुसार, घटना से पहले गब्बर चार युवकों के साथ बैठकर नशा कर रहे थे। परिवार का मानना है कि इन युवकों से पूछताछ करने पर घटना से जुड़ी अहम जानकारी मिल सकती है।
गब्बर की पत्नी और भाई ने पुलिस से मांग की है कि उन चारों युवकों से पूछताछ की जाए, घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जाए और घटना से पहले से लेकर गब्बर के घायल मिलने तक के घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ी जाएं।
परिवार चाहता है कि पुलिस चोटों, बाइक की स्थिति, गायब नकदी और युवकों से जुड़े आरोपों को एक साथ रखकर जांच करे। परिजनों का कहना है कि उन्हें मामले में निष्पक्ष जांच चाहिए, ताकि गब्बर की मौत की असली वजह सामने आ सके।
पुलिस बोली- नए तथ्य मिले तो जांच में शामिल करेंगे
मामले को लेकर सेक्टर-56 के एसएचओ सुखपाल ने बताया कि उन्होंने दो दिन पहले ही कार्यभार संभाला है। उन्होंने कहा कि वह संबंधित जांच अधिकारी से बात करेंगे और परिजनों को संतुष्ट करवाने का प्रयास करेंगे।
एसएचओ के मुताबिक, जांच में कोई नया तथ्य सामने आता है, तो उसे भी शामिल किया जाएगा। ऐसे में अब परिजनों की ओर से उठाए गए सवालों और उनके द्वारा मांगी गई जांच के आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।
परिवार सोमवार को पुलिस कमिश्नर से मिलकर निष्पक्ष जांच की मांग करेगा। परिजन चाहते हैं कि गब्बर सिंह की मौत से जुड़े सभी पहलुओं की जांच हो और घटना की वास्तविक परिस्थितियां स्पष्ट की जाएं।
Akhil Mahajan