अभिजीत दीपके-नेहा बोरा हिरासत में, तिरंगा लहराने से रोका:CJP फाउंडर 6 दिन में दूसरी बार कस्टडी में; ममता बोलीं- ये अघोषित इमरजेंसी

दिल्ली में तिरंगा मार्च से पहले अभिजीत दीपके और नेहा बोरा हिरासत में लिए गए, सेंट्रल पार्क क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ी और कार्रवाई पर राजनीतिक प्रतिक्रिया सामने आई

अभिजीत दीपके-नेहा बोरा हिरासत में, तिरंगा लहराने से रोका:CJP फाउंडर 6 दिन में दूसरी बार कस्टडी में; ममता बोलीं- ये अघोषित इमरजेंसी

➤ दीपके को छह दिन में दूसरी बार पुलिस ने हिरासत में लिया
➤ नेहा बोरा को मंडी हाउस से कस्टडी में लिए जाने की जानकारी
➤ कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क के आसपास धारा 163 के तहत प्रतिबंध


नई दिल्ली। दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क में प्रस्तावित तिरंगा मार्च से पहले पुलिस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। दिए गए विवरण के अनुसार, सीजेपी फाउंडर अभिजीत दीपके और एआईएसए अध्यक्ष नेहा बोरा को पुलिस ने हिरासत में लिया है। दीपके को छह दिनों के भीतर दूसरी बार कस्टडी में लिया गया है, जबकि नेहा बोरा को मंडी हाउस से हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई है। सेंट्रल पार्क और आसपास के क्षेत्र में धारा 163 लागू होने के कारण पुलिस ने मार्च में शामिल होने के लिए आगे बढ़ रहे लोगों पर निगरानी बढ़ा दी थी।

बताया गया है कि कॉकरोच जनता पार्टी की ओर से दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क में ‘लहरा दो तिरंगा’ रैली आयोजित करने की घोषणा की गई थी। इसी दौरान क्षेत्र में लागू प्रतिबंधों के चलते अभिजीत दीपके को सेंट्रल पार्क की ओर जाने की अनुमति नहीं दी गई।

जानकारी के मुताबिक, दीपके दिल्ली में एनसीपी-एसपी के एक प्रवक्ता के आवास पर ठहरे हुए थे। वहां से बाहर निकलने के बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। इसी दौरान एआईएसए अध्यक्ष नेहा बोरा को मंडी हाउस से कस्टडी में लिए जाने की बात कही गई है।

छह दिन में दूसरी बार कस्टडी में दीपके.

अभिजीत दीपके को इससे पहले 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले भी हिरासत में लिया गया था। उस समय उन्हें विमान से हिरासत में लिए जाने की जानकारी दी गई थी और अगले दिन छोड़ दिया गया था। अब छह दिनों के भीतर दोबारा हिरासत में लिए जाने से मामले को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा तेज हो गई है।

सेंट्रल पार्क के आसपास पुलिस की सख्ती.

तिरंगा मार्च को देखते हुए कनॉट प्लेस और सेंट्रल पार्क के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई थी। क्षेत्र में लागू धारा 163 के कारण भीड़ जुटाने और निर्धारित प्रतिबंधों के उल्लंघन को रोकने के लिए पुलिस की मौजूदगी बढ़ाई गई। पुलिस की कार्रवाई के बाद प्रस्तावित मार्च और हिरासत को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं।

ममता बनर्जी ने कार्रवाई पर उठाए सवाल.

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दीपके की हिरासत को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने इसे ‘अघोषित आपातकाल’ जैसा बताया और कहा कि असहमति से डरने वाली सरकार एक पूरी पीढ़ी को चुप कराने के लिए डराने की कोशिश कर रही है।

मामले में फिलहाल पुलिस की कार्रवाई और हिरासत को लेकर राजनीतिक बयानबाजी जारी है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, तिरंगा मार्च से पहले दिल्ली के प्रमुख क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस की निगरानी बढ़ाई गई है।