फॉरेस्ट गार्ड की मौत पर बवाल, शव सड़क पर रखकर लगाया जाम; परिजनों ने हत्या की जताई आशंका
महेंद्रगढ़ में फॉरेस्ट गार्ड कालूराम की मौत के बाद परिजनों ने हत्या की आशंका जताई। कनीना में शव सड़क पर रखकर जाम लगाया और निष्पक्ष जांच की मांग की।
➤ गुढ़ा-कोका रोड पर ट्रैक्टर-ट्रॉली की टक्कर से 28 वर्षीय फॉरेस्ट गार्ड कालूराम की मौत
➤ परिजनों ने हादसे को संदिग्ध बताते हुए अस्पताल से स्ट्रेचर पर शव लेकर कस्बे में किया प्रदर्शन
➤ कनीना-मंडी टी-पॉइंट पर शव रखकर लगाया जाम, पुलिस अधिकारियों से निष्पक्ष कार्रवाई की मांग
महेंद्रगढ़। हरियाणा के महेंद्रगढ़ में वन विभाग के एक कर्मचारी की मौत के बाद मामला गरमा गया। 28 वर्षीय फॉरेस्ट गार्ड कालूराम की ट्रैक्टर-ट्रॉली की टक्कर लगने से मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और अस्पताल भिजवा दिया। लेकिन जब परिजनों को कालूराम की मौत की जानकारी मिली तो उन्होंने घटना को सामान्य सड़क हादसा मानने से इनकार कर दिया। परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। इसके बाद परिवार और ग्रामीण अस्पताल से स्ट्रेचर पर शव लेकर कस्बे में पहुंच गए और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। मामला उस समय और गंभीर हो गया, जब प्रदर्शनकारियों ने कनीना-मंडी टी-पॉइंट पर शव सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। इससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात प्रभावित हो गया।
गुढ़ा-कोका रोड पर हुआ हादसा
मृतक की पहचान गांव कोका निवासी कालूराम के रूप में हुई है। वह वन विभाग में फॉरेस्ट गार्ड के पद पर कार्यरत था। जानकारी के अनुसार, बुधवार को कालूराम गुढ़ा-कोका रोड से गुजर रहा था। इसी दौरान एक ट्रैक्टर-ट्रॉली की चपेट में आने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे में लगी चोटों के कारण उसकी मौत हो गई।
घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई के बाद शव को उप-नागरिक अस्पताल पहुंचाया गया।
परिजनों ने हादसे को लेकर उठाए सवाल
कालूराम की मौत की सूचना मिलते ही उसके परिजन और गांव के लोग अस्पताल पहुंच गए। यहां उन्होंने घटना को लेकर संदेह जताया और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। परिजनों का आरोप था कि मामले में उचित कार्रवाई नहीं की जा रही है। उन्होंने आशंका जताई कि यह केवल सड़क हादसा नहीं, बल्कि हत्या का मामला भी हो सकता है।
हालांकि, परिजनों की ओर से जताई गई हत्या की आशंका की अभी पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस जांच के बाद ही घटना की वास्तविक परिस्थितियां स्पष्ट हो सकेंगी।
स्ट्रेचर पर शव लेकर कस्बे में पहुंचे परिजन
अस्पताल में विरोध बढ़ने के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने कालूराम के शव को स्ट्रेचर पर रखा और उसे लेकर कस्बे की ओर निकल पड़े। इस दौरान उन्होंने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
सूचना मिलने पर पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों को रोकने का प्रयास किया। पुलिस ने कई बार स्ट्रेचर को रोककर लोगों से बातचीत करने की कोशिश की, लेकिन परिजन अपनी मांग पर अड़े रहे। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी जारी रखी।
कनीना-मंडी टी-पॉइंट पर शव रखकर लगाया जाम
इसके बाद परिजनों और ग्रामीणों ने कनीना-मंडी टी-पॉइंट पर शव सड़क पर रख दिया और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। सड़क पर जाम लगने से दोनों तरफ वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। देखते ही देखते सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
जाम की सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम और अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों से बातचीत कर स्थिति सामान्य करने का प्रयास किया।
निष्पक्ष कार्रवाई की मांग पर अड़े परिजन
पुलिस अधिकारियों ने परिजनों को समझाने और मामले में उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाने का प्रयास किया, लेकिन परिवार के लोग अपनी मांग पर अड़े रहे। उनका कहना था कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
फिलहाल पुलिस अधिकारियों की ओर से प्रदर्शनकारियों को समझाकर जाम खुलवाने के प्रयास किए जा रहे थे। इस पूरे मामले में परिजनों की आशंका और घटना की वास्तविक परिस्थितियों की जांच महत्वपूर्ण है। पुलिस जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि कालूराम की मौत किन परिस्थितियों में हुई।
Akhil Mahajan