शातिर जीजा! साले से ठगे 8.20 लाख रुपये: नीदरलैंड का वर्क वीजा दिलाने का दिया झांसा, नकदी-चेक लेने के बाद पासपोर्ट भी दबाया

यमुनानगर में नीदरलैंड का वर्क वीजा दिलाने के नाम पर युवक से 8.20 लाख रुपये लेने का आरोप, आरोपी ने पासपोर्ट भी नहीं लौटाया, पुलिस ने केस दर्ज किया।

शातिर जीजा! साले से ठगे 8.20 लाख रुपये: नीदरलैंड का वर्क वीजा दिलाने का दिया झांसा, नकदी-चेक लेने के बाद पासपोर्ट भी दबाया

➤ विदेश भेजने के नाम पर जीजा ने साले से लिए 8.20 लाख रुपये, 5.20 लाख नकद और 3 लाख चेक से दिए

➤ नीदरलैंड का वर्क वीजा लगवाने का दिया था भरोसा, न विदेश भेजा और न रकम लौटाई

➤ युवक का असली पासपोर्ट भी आरोपी के कब्जे में, आर्थिक अपराध शाखा की जांच के बाद केस दर्ज


हरियाणा के यमुनानगर में विदेश में नौकरी दिलाने और नीदरलैंड का वर्क वीजा लगवाने के नाम पर रिश्तों को शर्मसार करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक युवक के जीजा ने ही उसे विदेश भेजने का भरोसा देकर 8.20 लाख रुपये हड़प लिए। आरोपी ने युवक को बताया था कि उसके पास नीदरलैंड का वर्क वीजा है और वह उसे वहां नौकरी के लिए भेज सकता है। इस भरोसे में आकर युवक ने 5.20 लाख रुपये नकद और 3 लाख रुपये बैंक के चेक के माध्यम से दे दिए। आरोप है कि रकम लेने के बाद आरोपी ने न तो उसका वीजा लगवाया और न ही विदेश भेजने की प्रक्रिया पूरी की। जब युवक ने अपने पैसे वापस मांगे तो आरोपी टालमटोल करने लगा। इतना ही नहीं, युवक का असली पासपोर्ट भी अपने पास रख लिया और वापस नहीं किया। पीड़ित की शिकायत पर आर्थिक अपराध शाखा की प्रारंभिक जांच के बाद गांधी नगर थाना पुलिस ने अमृतसर निवासी युवराज वालिया के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

बुआ के घर हुई थी विदेश भेजने की बात

शिवपुरी-ए कॉलोनी निवासी मनप्रीत सिंह ने पुलिस अधीक्षक को दी शिकायत में बताया कि वह इलेक्ट्रिशियन का काम करता है। कुछ समय पहले वह अपनी बुआ के घर गया था। इसी दौरान उसकी बुआ के दामाद युवराज वालिया ने उसे विदेश भेजने का प्रस्ताव दिया।

शिकायत के अनुसार, युवराज ने मनप्रीत को बताया कि उसके पास नीदरलैंड का वर्क वीजा है और वह उसे विदेश भेज सकता है। इसके लिए कुल 8.20 लाख रुपये खर्च होने की बात कही गई। विदेश में नौकरी मिलने की उम्मीद में मनप्रीत ने अपनी मां से बातचीत की और इसके बाद प्रस्ताव पर सहमति दे दी।

5.20 लाख नकद और 3 लाख रुपये का चेक दिया

मनप्रीत के अनुसार, विदेश भेजने के लिए तय रकम में से उसने आरोपी युवराज वालिया को 5.20 लाख रुपये नकद दिए। इसके अलावा 3 लाख रुपये बैंक ऑफ बड़ौदा के चेक के माध्यम से दिए गए। इस तरह आरोपी को कुल 8.20 लाख रुपये दिए गए।

आरोप है कि पूरी रकम लेने के बाद युवराज लगातार मनप्रीत को विदेश भेजने का आश्वासन देता रहा, लेकिन न तो वीजा की प्रक्रिया पूरी हुई और न ही उसे नीदरलैंड भेजा गया। काफी समय तक इंतजार करने के बाद जब मनप्रीत ने अपनी रकम वापस मांगी तो आरोपी टालमटोल करने लगा।

पैसे मांगने पर टालमटोल, पासपोर्ट भी नहीं लौटाया

शिकायत में मनप्रीत ने आरोप लगाया कि विदेश भेजने के नाम पर रकम लेने के बावजूद आरोपी ने अपना वादा पूरा नहीं किया। जब उसने पैसे वापस मांगे तो उसे रकम लौटाने के बजाय टालना शुरू कर दिया गया।

आरोप है कि युवराज ने मनप्रीत का असली पासपोर्ट भी अपने पास रख लिया और मांगने पर वापस नहीं किया। इससे युवक की परेशानी और बढ़ गई। विदेश जाने की उम्मीद में दी गई रकम भी वापस नहीं मिली और उसका जरूरी यात्रा दस्तावेज भी आरोपी के पास ही रह गया।

आर्थिक अपराध शाखा की जांच के बाद दर्ज हुआ केस

मनप्रीत सिंह ने इस मामले की शिकायत पुलिस अधीक्षक को दी थी। शिकायत की प्रारंभिक जांच आर्थिक अपराध शाखा, यमुनानगर को सौंपी गई। जांच के दौरान धोखाधड़ी के आरोप सामने आने के बाद गांधी नगर थाना पुलिस ने अमृतसर निवासी युवराज वालिया के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया।

गांधी नगर थाना प्रभारी विशाल ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। पुलिस शिकायत में लगाए गए आरोपों और लेनदेन से जुड़े तथ्यों की पड़ताल कर रही है।

फिलहाल मामले में पुलिस की जांच जारी है। पीड़ित की ओर से दी गई शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की गई है।