5 पुलिसकर्मी सस्पेंड,ओडिशा में आरोपी की मौत, निगरानी में लापरवाही

ओडिशा में ड्रग सप्लायर की आत्महत्या के बाद हांसी एसपी विनोद कुमार ने CIA-1 के पांच पुलिसकर्मियों को निगरानी में लापरवाही के आरोप में सस्पेंड किया।

5 पुलिसकर्मी सस्पेंड,ओडिशा में आरोपी की मौत, निगरानी में लापरवाही

ओडिशा में आरोपी की आत्महत्या के मामले में हांसी CIA-1 के पांच पुलिसकर्मी सस्पेंड

➤ ड्रग सप्लायर ने ठहरने के स्थान पर बाथरूम में फांसी लगाकर दी जान, निगरानी में लापरवाही आई सामने

➤ एसपी विनोद कुमार ने की कार्रवाई, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की गाइडलाइन के तहत पुलिस की थी सुरक्षा की जिम्मेदारी

हांसी। ओडिशा में नशीले पदार्थों के एक मामले में गिरफ्तार किए गए मुख्य सप्लायर की आत्महत्या के बाद हांसी पुलिस विभाग में कार्रवाई हुई है। आरोपी की पुलिस निगरानी के दौरान हुई लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए हांसी के पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार ने CIA-1 की टीम के पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। आरोपी ने पुलिस टीम की निगरानी के दौरान बाथरूम में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। इस मामले में पुलिसकर्मियों की जिम्मेदारी तय करते हुए एसपी ने यह कार्रवाई की है।

निलंबित किए गए पुलिसकर्मियों में पीएसआई कपिल, एसआई सम्मत, पीएचसी जोगेंद्र, पीएचसी अल्ताफ और कांस्टेबल मुकेश शामिल हैं। पांचों पुलिसकर्मी उस टीम का हिस्सा थे, जो ओडिशा में कॉमर्शियल क्वांटिटी के नशीले पदार्थों से जुड़े मामले में मुख्य सप्लायर को गिरफ्तार करने गई थी।

एसपी विनोद कुमार ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पूरे मामले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मुकदमा नंबर 26 की जांच के दौरान नशीले पदार्थों के मुख्य सप्लायर की पहचान ओडिशा निवासी के रूप में हुई थी। इसके बाद आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए पीएसआई कपिल के नेतृत्व में पांच सदस्यीय पुलिस टीम ओडिशा भेजी गई थी।

ट्रांजिट रिमांड हासिल करने के बाद आरोपी को ठहरने के स्थान पर ले गई थी टीम

पुलिस अधीक्षक के अनुसार, टीम में पीएसआई कपिल के अलावा एसआई सम्मत, पीएचसी जोगेंद्र, पीएचसी अल्ताफ और कांस्टेबल मुकेश शामिल थे। सभी पुलिसकर्मी अपने वाहन से ओडिशा पहुंचे थे। वहां आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद पुलिस ने आरोपी का ट्रांजिट रिमांड हासिल कर लिया था।

इसके बाद आरोपी को लेकर पुलिस टीम के सामने उसे ठहराने की व्यवस्था करने की स्थिति बनी। बताया गया कि रात अधिक हो चुकी थी और संबंधित क्षेत्र में थाना भी काफी दूर था। इसी वजह से पुलिस टीम आरोपी को थाने ले जाने के बजाय एक ठहरने के स्थान पर ले गई।

बाथरूम में जाने के बहाने आरोपी ने लगा ली फांसी

इसी दौरान आरोपी ने बाथरूम जाने की बात कही और अंदर चला गया। वहां उसने फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद पुलिस टीम की ओर से आरोपी की निगरानी में बरती गई लापरवाही सामने आई। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधिकारियों ने पूरी जिम्मेदारी और सुरक्षा व्यवस्था के पहलुओं को ध्यान में रखा।

आरोपी की गिरफ्तारी के बाद उसकी सुरक्षा और निगरानी की जिम्मेदारी पुलिस टीम की थी। खासकर ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद आरोपी को थाने में रखने या किसी दूसरे स्थान पर ठहराने की स्थिति में उसकी लगातार उचित निगरानी सुनिश्चित करना जरूरी था।

मानवाधिकार आयोग की गाइडलाइन के तहत निगरानी की जिम्मेदारी थी पुलिस की

एसपी विनोद कुमार ने बताया कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) की गाइडलाइंस के अनुसार पुलिस की जिम्मेदारी थी कि आरोपी की सुरक्षा और निगरानी का पूरा ध्यान रखा जाए। ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद आरोपी को किसी भी स्थान पर ठहराने की स्थिति में भी उसकी निगरानी सुनिश्चित करना जरूरी था।

एसपी के अनुसार, इसी जिम्मेदारी के निर्वहन में लापरवाही सामने आने के कारण CIA-1 की टीम के पांचों पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है। इस कार्रवाई के जरिए आरोपी की निगरानी में बरती गई लापरवाही को गंभीरता से लिया गया है।