जिम के बाद भी क्यों नहीं घट रही चर्बी? कैलोरी सरप्लस और डाइट की ये गलतियां हो सकती हैं वजह

घंटों ट्रेडमिल पर दौड़ने के बाद भी पेट की चर्बी नहीं घट रही तो डाइट की इन गलतियों पर ध्यान दें। जानें कैलोरी, कार्डियो और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग का महत्व।

जिम के बाद भी क्यों नहीं घट रही चर्बी? कैलोरी सरप्लस और डाइट की ये गलतियां हो सकती हैं वजह

➤ घंटों ट्रेडमिल पर दौड़ने के बाद भी पेट की चर्बी कम नहीं हो रही तो डाइट पर दें ध्यान

➤ हेल्दी फूड के नाम पर नट्स, प्रोटीन शेक और स्मूदी से बढ़ सकती हैं जरूरत से ज्यादा कैलोरी

➤ वेट लॉस के लिए संतुलित डाइट, कार्डियो और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग का तालमेल जरूरी

पेट के आसपास चर्बी बढ़ना आज के समय में एक बड़ी समस्या बनता जा रहा है। यह परेशानी केवल बुजुर्गों तक सीमित नहीं है, बल्कि कम उम्र के लोग और बच्चे भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। कई लोग वजन कम करने के लिए रोजाना जिम जाते हैं, ट्रेडमिल पर दौड़ते हैं और वेट ट्रेनिंग भी करते हैं। इसके बावजूद जब पेट की चर्बी कम नहीं होती तो वे परेशान हो जाते हैं।

अक्सर लोग इसका कारण स्लो मेटाबॉलिज्म मान लेते हैं। कुछ लोग वजन घटाने के लिए एक्सरसाइज का समय और बढ़ा देते हैं। लेकिन कई बार समस्या वर्कआउट में नहीं, बल्कि खान-पान की आदतों में छिपी होती है। नियमित व्यायाम के बावजूद अगर शरीर को जरूरत से ज्यादा कैलोरी मिल रही है तो वजन कम करना मुश्किल हो सकता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, वेट लॉस का बुनियादी फॉर्मूला कैलोरी बैलेंस से जुड़ा है। यानी आप दिनभर में जितनी कैलोरी लेते हैं, उससे ज्यादा कैलोरी खर्च करना जरूरी है। यदि शरीर जितनी कैलोरी बर्न कर रहा है, उससे अधिक कैलोरी भोजन और पेय पदार्थों के जरिए मिल रही है तो वजन घटने की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।

जिम में मेहनत के बाद भी क्यों नहीं घट रही पेट की चर्बी?

अगर आप रोजाना जिम जाते हैं, ट्रेडमिल पर पसीना बहाते हैं और नियमित रूप से एक्सरसाइज करते हैं, लेकिन वजन में खास बदलाव नहीं दिख रहा तो अपनी डाइट पर ध्यान देने की जरूरत है। कई बार लोग यह मान लेते हैं कि ज्यादा एक्सरसाइज करने से वे कुछ भी खा सकते हैं। यही सोच वजन घटाने की राह में बाधा बन सकती है।

वेट लॉस के लिए केवल कैलोरी बर्न करना ही पर्याप्त नहीं है। यह भी देखना जरूरी है कि आप दिनभर में कितनी कैलोरी ले रहे हैं। यदि खाने-पीने से मिलने वाली कैलोरी खर्च होने वाली कैलोरी से ज्यादा है तो शरीर का वजन कम होना मुश्किल हो सकता है।

कई बार लोग हेल्दी समझकर ऐसी चीजें खाते हैं, जिनमें कैलोरी की मात्रा काफी अधिक होती है। नट्स, प्रोटीन शेक और स्मूदी इसके उदाहरण हैं। ये चीजें पौष्टिक हो सकती हैं, लेकिन जरूरत से ज्यादा मात्रा में लेने पर कैलोरी का सेवन बढ़ सकता है।

हेल्दी फूड के नाम पर कहीं बढ़ तो नहीं रही आपकी कैलोरी?

जिम जाने वाले कई लोग वर्कआउट के बाद प्रोटीन शेक, पीनट बटर, ड्राई फ्रूट्स और एनर्जी बार का सेवन करते हैं। इन चीजों को आमतौर पर हेल्दी डाइट का हिस्सा माना जाता है। हालांकि, इनका सेवन करते समय मात्रा का ध्यान रखना बेहद जरूरी है।

उदाहरण के तौर पर नट्स पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं, लेकिन इनमें कैलोरी भी काफी अधिक होती है। अगर आप इन्हें जरूरत से ज्यादा खाते हैं तो शरीर को अतिरिक्त कैलोरी मिल सकती है। इसी तरह प्रोटीन शेक, पीनट बटर और एनर्जी बार का जरूरत से ज्यादा सेवन भी आपकी रोजाना की कैलोरी बढ़ा सकता है।

इसलिए वजन घटाने की कोशिश कर रहे लोगों को केवल यह नहीं देखना चाहिए कि वे क्या खा रहे हैं, बल्कि यह भी ध्यान रखना चाहिए कि कितनी मात्रा में खा रहे हैं। नियमित व्यायाम के साथ भोजन की मात्रा और उसकी गुणवत्ता पर ध्यान देना भी जरूरी है।

सिर्फ क्रंचेज और प्लैंक करने से नहीं घटेगी पेट की चर्बी

पेट की चर्बी कम करने के लिए कई लोग रोजाना क्रंचेज और प्लैंक जैसी एक्सरसाइज करते हैं। इनसे पेट की मांसपेशियां मजबूत हो सकती हैं, लेकिन केवल पेट की एक्सरसाइज करने से उसी हिस्से की चर्बी कम होने की गारंटी नहीं होती।

शरीर में फैट कम होने की प्रक्रिया पूरे शरीर में होती है। इसलिए केवल पेट की मांसपेशियों पर काम करने के बजाय पूरे शरीर की फिटनेस पर ध्यान देना जरूरी है।

इसके लिए संतुलित डाइट, नियमित शारीरिक गतिविधि और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग का तालमेल बनाना चाहिए। कार्डियो एक्सरसाइज के साथ मांसपेशियों को मजबूत करने वाली ट्रेनिंग भी वर्कआउट का हिस्सा होनी चाहिए।

वजन घटाने के लिए इन बातों का रखें ध्यान

वेट लॉस के लिए डाइट और लाइफस्टाइल के बीच संतुलन बनाना जरूरी है। केवल जिम में घंटों बिताने से बेहतर है कि रोजाना की खान-पान की आदतों और शारीरिक गतिविधियों पर भी ध्यान दिया जाए।

1. रोजाना की डाइट पर नजर रखें: दिनभर में क्या खा रहे हैं और कितनी मात्रा में खा रहे हैं, इसका ध्यान रखें। इससे अतिरिक्त कैलोरी की पहचान करने में मदद मिल सकती है।

2. प्रोटीन और फाइबर को भोजन में शामिल करें: अपनी डाइट में प्रोटीन, फाइबर और सब्जियों को जगह दें। भोजन में इनका संतुलित समावेश जरूरी है।

3. मीठे पेय और हाई कैलोरी स्नैक्स कम करें: मीठे पेय पदार्थों और जरूरत से ज्यादा कैलोरी वाले स्नैक्स का सेवन सीमित रखें।

4. कार्डियो के साथ स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करें: केवल ट्रेडमिल पर दौड़ने के बजाय अपने वर्कआउट में स्ट्रेंथ ट्रेनिंग को भी शामिल करें।

5. दिनभर चलते-फिरते रहें: जिम के अलावा भी शारीरिक गतिविधि बनाए रखें। लंबे समय तक लगातार बैठे रहने से बचें और दिनभर चलने-फिरने की आदत बढ़ाएं।

6. वजन के साथ कमर की चौड़ाई भी मापें: वजन घटाने की प्रगति जानने के लिए केवल मशीन पर दिखने वाले आंकड़े पर निर्भर न रहें। समय-समय पर कमर की चौड़ाई भी चेक करते रहें।

वेट लॉस में डाइट और एक्सरसाइज दोनों की भूमिका अहम

पेट की चर्बी कम करने के लिए केवल ट्रेडमिल पर ज्यादा समय बिताना या कठिन एक्सरसाइज करना पर्याप्त नहीं है। अगर खान-पान में कैलोरी की मात्रा जरूरत से ज्यादा है तो मेहनत के बावजूद वजन कम होने में परेशानी आ सकती है।

इसलिए अपनी डाइट, भोजन की मात्रा, कार्डियो, स्ट्रेंथ ट्रेनिंग और दिनभर की गतिविधियों के बीच संतुलन बनाना जरूरी है। वजन घटाने के लिए नियमितता के साथ खान-पान और जीवनशैली पर भी गंभीरता से ध्यान देना चाहिए।