एक्सरसाइज के बाद कितनी जल्दी सामान्य होती है धड़कन, घर पर यह आसान टेस्ट बता सकता है फिटनेस का हाल
घर पर हार्ट रेट रिकवरी टेस्ट से जानें एक्सरसाइज के बाद दिल की धड़कन कितनी तेजी से सामान्य होती है और कम एचआरआर को स्वास्थ्य जोखिम से क्यों जोड़ा जाता है।
➤ एक्सरसाइज के बाद एक मिनट में हार्ट रेट कितनी तेजी से घटता है, इसे हार्ट रेट रिकवरी कहा जाता है
➤ रिसर्च में कम हार्ट रेट रिकवरी और स्वास्थ्य जोखिम के बीच संबंध सामने आया है
➤ घर पर टाइमर और स्मार्टवॉच या नब्ज गिनकर एचआरआर का अनुमान लगाया जा सकता है
एक्सरसाइज के दौरान दिल का तेजी से धड़कना सामान्य है, लेकिन वर्कआउट बंद करने के बाद आपकी धड़कन कितनी जल्दी नीचे आती है, यह भी शरीर की फिटनेस और हृदय-वाहिका तंत्र की स्थिति के बारे में महत्वपूर्ण संकेत दे सकता है। इसी को हार्ट रेट रिकवरी यानी एचआरआर कहा जाता है। सीढ़ियां चढ़ते समय दिल बहुत तेज धड़कना या थोड़ी दूरी दौड़ने पर सांस फूलना कम शारीरिक फिटनेस का संकेत हो सकता है, लेकिन एक्सरसाइज खत्म होने के बाद शरीर कितनी तेजी से आराम की स्थिति में लौटता है, इससे भी कई अहम बातें समझी जा सकती हैं।
न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी ग्रॉसमैन स्कूल ऑफ मेडिसिन की कार्डियोलॉजिस्ट नीका गोल्डरबर्ग के मुताबिक, हार्ट रेट रिकवरी दिल और रक्त वाहिकाओं की सेहत का एक उपयोगी इंडिकेटर है। इससे हाई ब्लड प्रेशर और दिल से जुड़ी गंभीर समस्याओं के जोखिम का अनुमान लगाने में मदद मिल सकती है। हालांकि, एचआरआर को किसी बीमारी का अकेला निदान मानना सही नहीं है और इसके परिणामों को व्यक्ति की उम्र, फिटनेस तथा स्वास्थ्य स्थिति के संदर्भ में ही समझना चाहिए।
क्या है हार्ट रेट रिकवरी।
हार्ट रेट रिकवरी यह बताती है कि एक्सरसाइज के दौरान बढ़ी हुई दिल की धड़कन एक्सरसाइज बंद करने के बाद कितनी तेजी से कम होती है। इसके लिए एक्सरसाइज के दौरान या खत्म होते ही हार्ट रेट मापा जाता है और फिर करीब एक मिनट आराम करने के बाद दोबारा नब्ज जांची जाती है। दोनों आंकड़ों के बीच का अंतर हार्ट रेट रिकवरी कहलाता है।
मसलन, अगर एक्सरसाइज खत्म करते समय आपका हार्ट रेट 150 बीट प्रति मिनट है और एक मिनट बाद यह 130 बीट प्रति मिनट रह जाता है, तो आपकी हार्ट रेट रिकवरी 20 बीट होगी।
कम एचआरआर को लेकर क्यों होती है चिंता।
1999 में अमेरिका के ओहायो स्थित क्लीवलैंड क्लीनिक के वैज्ञानिकों ने 2,400 वयस्कों की हार्ट रेट रिकवरी की जांच की और इसके बाद छह साल तक उन पर नजर रखी। अध्ययन में पाया गया कि जिन लोगों की हार्ट रेट रिकवरी कम थी, उनमें अध्ययन अवधि के दौरान मौत का जोखिम करीब चार गुना ज्यादा था।
इसके बाद दुनिया भर में हुई अन्य रिसर्च में भी हार्ट रेट रिकवरी और स्वास्थ्य जोखिम के बीच इसी तरह का संबंध सामने आया। उपलब्ध शोध के आधार पर एचआरआर किसी भी वजह से होने वाली मौत के जोखिम का अनुमान लगाने वाले महत्वपूर्ण संकेतकों में शामिल हुआ है, भले ही किसी व्यक्ति में दिल की बीमारी के स्पष्ट लक्षण दिखाई न दें।
विशेष रूप से युवा और मिडिल एज के लोगों में भी एचआरआर और मौत के जोखिम के बीच संबंध देखा गया है। हालांकि, किसी एक व्यक्ति के लिए केवल एचआरआर के आधार पर भविष्य में स्वास्थ्य संबंधी नतीजा तय नहीं किया जा सकता।
घर पर कैसे जांचें अपना हार्ट रेट।
हार्ट रेट रिकवरी का अनुमान लगाने के लिए आपके पास टाइमर और अपनी नब्ज मापने का कोई तरीका होना चाहिए। स्मार्टवॉच या फिटनेस ट्रैकर होने पर यह काम आसानी से किया जा सकता है। इसके अलावा हाथ से नब्ज गिनकर भी हार्ट रेट का अनुमान लगाया जा सकता है।
सबसे पहले अपने अधिकतम हार्ट रेट का अनुमान लगाना होता है। स्मार्टवॉच या किसी अन्य वियरेबल डिवाइस में यह आंकड़ा उपलब्ध हो सकता है। अगर ऐसा उपकरण नहीं है, तो आम तौर पर 220 में से उम्र घटाकर अधिकतम हार्ट रेट का अनुमान लगाया जाता है।
इसके बाद ऐसी एक्सरसाइज की जाती है, जिससे आपका हार्ट रेट अधिकतम हार्ट रेट के करीब 70 से 85 फीसदी तक पहुंच जाए। आपकी फिटनेस के स्तर के अनुसार इसमें दौड़ना, साइकिल चलाना या रोइंग जैसी एक्सरसाइज शामिल हो सकती हैं।
एक्सरसाइज के तुरंत बाद क्या करना है।
एक्सरसाइज बंद करने के तुरंत बाद अपनी पल्स यानी नब्ज मापें। स्मार्टवॉच या फिटनेस ट्रैकर इसके लिए सबसे आसान विकल्प हो सकता है।
अगर आपके पास ऐसा उपकरण नहीं है, तो गर्दन पर उंगली रखकर 10 सेकंड तक धड़कनों की गिनती की जा सकती है। एक मिनट में दिल कितनी बार धड़क रहा है, इसका अनुमान लगाने के लिए 10 सेकंड में मिली संख्या को छह से गुणा किया जाता है।
इसके बाद बैठकर या लेटकर एक मिनट आराम करें और फिर अपनी नब्ज दोबारा मापें। दूसरी बार मिले हार्ट रेट को पहली बार मिले हार्ट रेट से घटाने पर हार्ट रेट रिकवरी का अनुमान मिलता है।
कितना एचआरआर बेहतर माना जाता है।
एक्सरसाइज के बाद हार्ट रेट का तेजी से सामान्य स्तर की ओर लौटना बेहतर रिकवरी का संकेत माना जाता है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पहले एक मिनट में हार्ट रेट कम से कम 18 बीट कम होना अच्छा रिकवरी रेट माना जाता है।
हालांकि, एचआरआर हर व्यक्ति में अलग हो सकता है और उम्र तथा अन्य कारकों का भी इस पर असर पड़ता है। वहीं, 12 बीट से कम एचआरआर को आगे चलकर कुछ स्वास्थ्य समस्याओं के बढ़े हुए जोखिम से जोड़ा गया है।
इसलिए किसी एक टेस्ट के आधार पर घबराने के बजाय लगातार आने वाले परिणामों और अपनी पूरी स्वास्थ्य स्थिति को देखना जरूरी है। अगर एचआरआर लगातार कम आ रहा है या इसे लेकर चिंता है, तो डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।
शरीर की नसों से जुड़ा है हार्ट रेट रिकवरी का संबंध।
एचआरआर और स्वास्थ्य जोखिम के बीच संबंध की एक वजह वैगस नर्व को माना जाता है। यह एक प्रमुख नस है, जो दिमाग और शरीर के दूसरे हिस्सों के बीच संकेतों के आदान-प्रदान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
यूनिवर्सिटी ऑफ हर्टफोर्डशायर में एक्सरसाइज और हेल्थ साइंसेज की प्रोफेसर लिंडसे बॉटम्स के अनुसार, दिल की गतिविधि को नियंत्रित करने वाली व्यवस्था में एक हिस्सा शरीर को सक्रिय करने का काम करता है, जबकि दूसरा आराम की स्थिति में वापस लाने में मदद करता है।
एक्सरसाइज के दौरान सिम्पैथेटिक नर्वस सिस्टम सक्रिय होता है। इससे दिल की धड़कन बढ़ती है और शरीर की मांसपेशियों तक ऑक्सीजन पहुंचाने के लिए रक्त प्रवाह बढ़ता है।
एक्सरसाइज खत्म होने के बाद शरीर को धीरे-धीरे आराम की स्थिति में लौटना होता है। इस दौरान एक्सरसाइज के दौरान बने मेटाबॉलिक वेस्ट प्रोडक्ट को बाहर निकालने के लिए शरीर में कुछ समय तक रक्त प्रवाह और हार्ट रेट बढ़ा रह सकता है।
इसके बाद पैरासिम्पैथेटिक सिस्टम सक्रिय होता है और शरीर आराम तथा पाचन की स्थिति की ओर लौटने लगता है। फिटनेस बेहतर होने के साथ शरीर के सक्रिय और आराम वाले सिस्टम के बीच बदलाव अधिक प्रभावी तरीके से होने की क्षमता भी बेहतर हो सकती है।
नियमित एक्सरसाइज से एचआरआर में सुधार की गुंजाइश।
अगर किसी व्यक्ति की हार्ट रेट रिकवरी कम आती है, तो इसका मतलब यह जरूरी नहीं कि स्थिति हमेशा ऐसी ही रहेगी। रिसर्च में पाया गया है कि नियमित एक्सरसाइज प्रोग्राम के जरिए एचआरआर में सुधार किया जा सकता है।
कार्डियोवस्कुलर सिस्टम को फिट रखने के लिए नियमित कार्डियो एक्सरसाइज की सलाह दी जाती है। नीका गोल्डरबर्ग के अनुसार, हार्ट रेट रिकवरी बेहतर करने के लिए सामान्य गति से पैदल चलना, साइकिल चलाना और क्षमता के अनुसार जॉगिंग, दौड़ना या तैरना उपयोगी हो सकता है। डांस भी एक विकल्प हो सकता है।
किन लोगों को यह टेस्ट नहीं करना चाहिए।
कोई भी नया एक्सरसाइज रूटीन शुरू करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है, खासकर अगर पहले से कोई स्वास्थ्य समस्या है। एक्सरसाइज के दौरान चक्कर आने, सीने में दर्द या जकड़न महसूस होने अथवा सामान्य से बहुत ज्यादा सांस फूलने पर तुरंत रुक जाना चाहिए।
पहले से दिल की बीमारी से जूझ रहे लोगों को डॉक्टर की निगरानी के बिना यह टेस्ट नहीं करना चाहिए।
हार्ट रेट रिकवरी एक उपयोगी फिटनेस इंडिकेटर हो सकती है, लेकिन यह अकेले किसी व्यक्ति के स्वास्थ्य या भविष्य के जोखिम का फैसला नहीं करती। अगर परिणाम लगातार असामान्य आ रहे हैं या एक्सरसाइज के दौरान कोई परेशानी महसूस होती है, तो डॉक्टर से पूरी जांच और सलाह लेना सबसे सुरक्षित तरीका है।
Akhil Mahajan