हरियाणा में डेंगू का खतरा बढ़ा,774 से ज्यादा केस, 53 हजार को नोटिस

हरियाणा में एक महीने में डेंगू के मामले दोगुने से ज्यादा बढ़कर 774 पार पहुंचे। 1.12 लाख घरों में लार्वा मिला, 53,051 लोगों को नोटिस।

हरियाणा में डेंगू का खतरा बढ़ा,774 से ज्यादा केस, 53 हजार को नोटिस

हरियाणा में एक महीने में दोगुने से ज्यादा बढ़े डेंगू के मामले, मरीजों का आंकड़ा 774 के पार

➤ 1.12 लाख घरों में मिला मच्छरों का लार्वा, लापरवाही पर 53,051 लोगों को नोटिस जारी

➤ गुरुग्राम में सबसे ज्यादा 96 मामले, प्रदेश में जांच के लिए 27 लैब और मरीजों के लिए 1070 बेड रिजर्व

चंडीगढ़। हरियाणा में डेंगू और मलेरिया के बढ़ते मामलों के बीच स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है। प्रदेश में पिछले करीब एक महीने के दौरान डेंगू के मामले दोगुने से भी ज्यादा हो गए हैं। इस साल अब तक 774 से अधिक डेंगू मरीज सामने आ चुके हैं। सबसे चिंताजनक स्थिति यह है कि मच्छरों की रोकथाम के लिए लगातार जारी दिशा-निर्देशों के बावजूद बड़ी संख्या में लोग जरूरी सावधानियां नहीं बरत रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग को प्रदेश के करीब 1 लाख 12 हजार घरों में मच्छरों का लार्वा मिला है। इसके बाद नियमों का पालन नहीं करने पर 53,051 लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं। हालांकि, राहत की बात यह है कि इस साल अब तक डेंगू से किसी मरीज की मौत का मामला सामने नहीं आया है।

स्वास्थ्य विभाग के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में डेंगू के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। सबसे ज्यादा 96 मामले गुरुग्राम में दर्ज किए गए हैं। इसके अलावा अन्य जिलों में भी मरीज सामने आ रहे हैं। विभाग ने बढ़ते मामलों को देखते हुए लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने और मच्छरों की रोकथाम से संबंधित दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है।

हरियाणा में एक महीने के भीतर दोगुने से ज्यादा हुए डेंगू के मरीज, अब तक 774 से अधिक मामले

हरियाणा में डेंगू का संक्रमण लगातार बढ़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस साल अब तक प्रदेश में 774 से ज्यादा मामले रिपोर्ट हो चुके हैं।

पिछले करीब एक महीने के आंकड़ों की तुलना करें तो इस अवधि में मरीजों की संख्या दोगुने से भी अधिक हो गई है। इसके बावजूद मच्छरों की रोकथाम को लेकर लोगों में अपेक्षित सावधानी दिखाई नहीं दे रही है।

डेंगू के साथ-साथ प्रदेश में मलेरिया के मामलों में भी बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से जरूरी दिशा-निर्देशों का पालन करने और मच्छरों को पनपने से रोकने के लिए सावधानी बरतने को कहा है।

विभाग की ओर से जारी आंकड़ों में यह भी सामने आया है कि बड़ी संख्या में घरों में मच्छरों का लार्वा मिला है। इससे स्पष्ट है कि मच्छरों की रोकथाम के लिए जारी निर्देशों का पर्याप्त पालन नहीं हो रहा है।

हरियाणा के 1.12 लाख घरों में मिला मच्छरों का लार्वा, 53,051 लोगों को भेजे गए नोटिस

प्रदेश में मच्छरों की रोकथाम को लेकर चल रही कार्रवाई के दौरान स्वास्थ्य विभाग को 1 लाख 12 हजार घरों में मच्छरों का लार्वा मिला है।

हरियाणा में नगरपालिका उप-नियम (वीबीडी पर नियंत्रण)-2010 लागू हैं। इन नियमों के तहत मच्छरों की रोकथाम से संबंधित निर्देशों का पालन नहीं करने पर नोटिस जारी किए जाते हैं।

स्वास्थ्य विभाग के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, अब तक कुल 53,051 लोगों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं।

इनमें से सबसे अधिक नोटिस स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी किए गए हैं, जबकि शहरी स्थानीय निकायों यानी यूएलबी ने भी कार्रवाई की है।

नोटिस जारी करने का विवरण इस प्रकार है।

विभाग

जारी नोटिस

स्वास्थ्य विभाग

51,729

शहरी स्थानीय निकाय (ULB)

1,322

कुल

53,051

इन आंकड़ों से साफ है कि प्रदेश में मच्छरों की रोकथाम के लिए प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई की जा रही है, लेकिन घरों में लार्वा मिलने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं।

गुरुग्राम में डेंगू के सबसे ज्यादा 96 मरीज, सोनीपत और फरीदाबाद में भी बढ़े मामले

स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, इस साल हरियाणा में डेंगू के सबसे ज्यादा 96 मामले गुरुग्राम जिले में सामने आए हैं।

उपलब्ध विवरण में इसके बाद भी गुरुग्राम के 75 मामलों का उल्लेख किया गया है। वहीं, सोनीपत में 68, फरीदाबाद में 65 और झज्जर में 62 मामले रिपोर्ट हुए हैं।

जिलावार उपलब्ध आंकड़े इस प्रकार हैं।

जिला

डेंगू के मामले

गुरुग्राम

96

स्रोत में दोबारा गुरुग्राम का उल्लेख

75

सोनीपत

68

फरीदाबाद

65

झज्जर

62

इन आंकड़ों में गुरुग्राम का नाम दो बार आया है। दूसरे स्थान पर दर्ज 75 मामलों के जिले का नाम उपलब्ध विवरण में स्पष्ट नहीं है।

प्रदेश में डेंगू के मरीजों की संख्या बढ़ने के बावजूद इस साल अब तक बीमारी से किसी मरीज की मौत दर्ज नहीं हुई है।

हरियाणा में 2015 से 2025 तक डेंगू से 51 लोगों की मौत, 2015 में सबसे ज्यादा 18 जानें गईं

हरियाणा में डेंगू का असर पिछले वर्षों में भी गंभीर रहा है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 2015 से 2025 के बीच प्रदेश में डेंगू से कुल 51 लोगों की मौत हुई है।

इस अवधि में सबसे ज्यादा मौतें 2015 में दर्ज की गई थीं। उस साल डेंगू से 18 मरीजों की जान गई थी।

इसके बाद 2022 में 13 मरीजों की मौत हुई। वहीं, 2023 में 11 और 2024 में 9 मरीजों की मौत दर्ज की गई।

आंकड़ों के अनुसार, 2016 से 2020 तक लगातार पांच वर्षों के दौरान प्रदेश में डेंगू से किसी मरीज की मौत नहीं हुई थी।

डेंगू से मौतों का उपलब्ध वर्षवार विवरण इस प्रकार है।

वर्ष

मौतें

2015

18

2016 से 2020

0

2022

13

2023

11

2024

9

2015 से 2025 तक कुल

51

इस साल अब तक डेंगू से किसी मरीज की मौत नहीं होने की जानकारी स्वास्थ्य विभाग के लिए राहत की बात है। हालांकि, मामलों में हो रही बढ़ोतरी के कारण सावधानी बरतने की जरूरत बनी हुई है।

हरियाणा में 2021 में सबसे ज्यादा डेंगू मरीज मिले, 11,836 से अधिक मामले हुए थे दर्ज

प्रदेश में पिछले वर्षों के डेंगू मामलों पर नजर डालें तो 2021 में सबसे ज्यादा मरीज सामने आए थे।

स्वास्थ्य विभाग के उपलब्ध विवरण में इस साल डेंगू के 11,837 मामले दर्ज होने का उल्लेख है। इसी विवरण में एक अन्य स्थान पर 11,836 कन्फर्म मामले बताए गए हैं।

वहीं, 2015 में 9,921 मामले सामने आए थे। इसके बाद 2016 में मरीजों की संख्या घटकर 2,494 रह गई थी।

उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 2017 में 4,550 मामले दर्ज हुए, जबकि 2018 में 1,936 मरीज सामने आए।

साल 2020 में प्रदेश में डेंगू के 1,377 कन्फर्म मामले रिपोर्ट हुए थे। इसके अगले वर्ष यानी 2021 में मरीजों की संख्या में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई।

इसके बाद भी प्रदेश में डेंगू के मामले बड़ी संख्या में सामने आते रहे। 2022 में 8,996 और 2023 में 8,081 मामले रिपोर्ट किए गए।

हरियाणा में पिछले वर्षों के दौरान कितने डेंगू मरीज मिले, जानिए आंकड़े

वर्ष

डेंगू के मामले

2015

9,921

2016

2,494

2017

4,550

2018

1,936

2020

1,377

2021

11,836–11,837

2022

8,996

2023

8,081

2026

774 से अधिक

नोट: उपलब्ध विवरण में 2021 के लिए दो अलग-अलग आंकड़े दिए गए हैं। जिन वर्षों के आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं, उन्हें तालिका में शामिल नहीं किया गया है।

इन आंकड़ों से पता चलता है कि हरियाणा में पिछले वर्षों के दौरान डेंगू के मामलों में काफी उतार-चढ़ाव रहा है। विशेष रूप से 2021 में मरीजों की संख्या सबसे अधिक दर्ज की गई थी।

हरियाणा में डेंगू की जांच के लिए 27 प्रयोगशालाएं, सरकारी अस्पतालों में 1070 बेड रिजर्व

प्रदेश में डेंगू के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की ओर से जांच और उपचार की व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई गई हैं।

आधिकारिक जानकारी के अनुसार, हरियाणा में डेंगू की जांच के लिए कुल 27 प्रयोगशालाएं हैं।

इसके अलावा सिविल अस्पतालों और अन्य सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में डेंगू मरीजों के लिए 267 वार्ड और 1,070 बेड रिजर्व किए गए हैं।

इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य डेंगू से प्रभावित मरीजों को जांच और उपचार की सुविधा उपलब्ध कराना है।

स्वास्थ्य विभाग की ओर से मरीजों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह भी दी गई है।

निजी लैब और अस्पताल डेंगू जांच के लिए अधिकतम 600 रुपए ही ले सकेंगे

हरियाणा सरकार ने डेंगू की जांच के लिए निजी प्रयोगशालाओं और अस्पतालों में वसूले जाने वाले शुल्क की अधिकतम सीमा भी तय की है।

सरकार के निर्देशों के अनुसार, निजी लैब और अस्पतालों में डेंगू की जांच के लिए अधिकतम 600 रुपए शुल्क निर्धारित किया गया है।

वहीं, सरकारी स्तर पर जांच के लिए 27 प्रयोगशालाओं की व्यवस्था उपलब्ध है।

प्रदेश में बढ़ते मामलों के बीच स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से सावधानी बरतने और मच्छरों की रोकथाम से संबंधित दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

डेंगू के बढ़ते मामलों के बीच घरों में लार्वा मिलना चिंता का विषय

हरियाणा में इस साल डेंगू के 774 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं। पिछले करीब एक महीने में मरीजों की संख्या दोगुने से भी ज्यादा होने के साथ-साथ बड़ी संख्या में घरों में मच्छरों का लार्वा मिलना भी चिंता बढ़ा रहा है।

स्वास्थ्य विभाग और शहरी स्थानीय निकायों की ओर से 53 हजार से अधिक नोटिस जारी किए जाने के बावजूद लापरवाही के मामले सामने आ रहे हैं।

हालांकि, राहत की बात यह है कि इस साल अब तक डेंगू से किसी मरीज की मौत की पुष्टि नहीं हुई है। प्रदेश में जांच के लिए 27 प्रयोगशालाएं और सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में 1,070 बेड रिजर्व हैं।

स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने और मच्छरों की रोकथाम से संबंधित गाइडलाइंस का पालन करने की सलाह दी है।