'लड़की' बनकर 1,000 लोगों से Sex चैट, 82 के न्यूड वीडियो... 23 साल के शातिर का ऐसा जाल कि पुलिस भी हैरान!
पुलिस के मुताबिक 23 वर्षीय युवक ने महिलाओं की तस्वीरों से करीब 1,000 लोगों को हनीट्रैप में फंसाया और निजी तस्वीरों वीडियो के जरिए पैसे मांगे।
➤ महिलाओं की तस्वीरों वाले फर्जी अकाउंट से शुरू होती थी बातचीत, फिर लोगों को हनीट्रैप में फंसाने का आरोप
➤ पुलिस के मुताबिक करीब 1,000 लोगों को बनाया निशाना, इनमें डॉक्टर, पुलिसकर्मी, कारोबारी और अधिकारी शामिल
➤ महिला और उसके भाई की पहचान बनकर पैसे मांगता था आरोपी, तीन मोबाइल, लैपटॉप और 16 जीबी पेन ड्राइव बरामद
हैदराबाद। सोशल मीडिया पर महिलाओं की तस्वीरों वाले अकाउंट से अनजान लोगों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजना, फिर धीरे-धीरे बातचीत बढ़ाना और उसे सेक्स चैट तक पहुंचाना। पुलिस के मुताबिक, यही तरीका अपनाकर 23 वर्षीय पवन कुमार ने करीब 1,000 लोगों को कथित तौर पर हनीट्रैप में फंसाया। आरोप है कि बातचीत के दौरान लोगों से उनकी नग्न तस्वीरें और वीडियो मंगवाए जाते थे। इसके बाद वही व्यक्ति खुद को उस महिला का भाई बताकर सामने आता और तस्वीरों तथा वीडियो को लेकर पैसे मांगने लगता था। हैदराबाद पुलिस का दावा है कि महिला और उसके भाई दोनों की पहचान बनकर लोगों से बातचीत करने वाला व्यक्ति एक ही था और उसकी पहचान पवन कुमार के रूप में हुई है।
महिलाओं की तस्वीरों से शुरू होता था संपर्क
पुलिस के मुताबिक, पवन कुमार सोशल मीडिया पर कई लड़कियों की तस्वीरों का इस्तेमाल करता था। इन तस्वीरों वाले अकाउंट से लोगों को पहले फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी जाती थी। रिक्वेस्ट स्वीकार होने के बाद बातचीत शुरू होती और धीरे-धीरे व्यक्तिगत बातचीत को यौन प्रकृति की चैट तक ले जाया जाता था।
पुलिस का आरोप है कि इसी दौरान सामने वाले लोगों से नग्न तस्वीरें और वीडियो मंगवाए जाते थे। जब आरोपी के पास संबंधित सामग्री पहुंच जाती, तो बातचीत का तरीका बदल जाता था।
लड़की का भाई बनकर मांगता था पैसे
पुलिस के अनुसार, पवन कुमार इसके बाद खुद को उसी लड़की का भाई बताकर लोगों से संपर्क करता था। आरोप है कि वह लोगों को उनकी तस्वीरों और वीडियो के बारे में बताकर उनसे पैसे की मांग करता था।
इस तरह एक ही व्यक्ति कथित तौर पर पहले महिला की पहचान बनाकर लोगों से नजदीकी बढ़ाता और फिर भाई बनकर उन्हें डराकर पैसे वसूलने की कोशिश करता था। पुलिस ने इसी तरीके को हनीट्रैप और कथित वसूली के मामले की जांच में अहम माना है।
करीब 1,000 लोगों को फंसाने का पुलिस का दावा
चारमीनार के डीसीपी किरण खरे के अनुसार, पवन कुमार पिछले चार साल से कोलकाता की एक मॉडल समेत कई लड़कियों की तस्वीरों का इस्तेमाल कर लोगों को हनीट्रैप में फंसाने और उनसे पैसे वसूलने का काम कर रहा था।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी के निशाने पर अलग-अलग पेशों से जुड़े लोग थे। इनमें डॉक्टर, पुलिसकर्मी, कारोबारी, सरकारी अधिकारी, सॉफ्टवेयर इंजीनियर और लेक्चरर शामिल बताए गए हैं।
पुलिस का दावा है कि इस मामले में ठगी या हनीट्रैप का शिकार हुए लोगों की संख्या करीब 1,000 है। इनमें भारत के अलग-अलग राज्यों में रहने वाले लोगों के साथ-साथ दूसरे देशों में रहने वाले लोग भी शामिल बताए गए हैं।
82 लोगों के न्यूड वीडियो का दावा
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने बड़ी संख्या में लोगों को इस तरीके से अपने जाल में फंसाया। मामले में 82 लोगों के न्यूड वीडियो का भी दावा सामने आया है। पुलिस की जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आरोपी ने इन वीडियो और अन्य निजी सामग्री का किस तरह इस्तेमाल किया।
मामले में पुलिस की कार्रवाई के बाद अब डिजिटल उपकरणों से जुड़ी जानकारी भी जांच का अहम हिस्सा बन गई है। बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से आरोपी की गतिविधियों और उसके संपर्क में रहे लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
तीन मोबाइल, लैपटॉप और पेन ड्राइव बरामद
पुलिस ने पवन कुमार के पास से तीन मोबाइल फोन, एक लैपटॉप और 16 जीबी की पेन ड्राइव बरामद की है। पुलिस के अनुसार, इन उपकरणों की जांच से मामले में कथित हनीट्रैप नेटवर्क और आरोपी की गतिविधियों से जुड़ी और जानकारी सामने आ सकती है।
पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि आरोपी किन-किन लोगों के संपर्क में था और सोशल मीडिया पर इस्तेमाल की गई महिलाओं की तस्वीरें उसे कहां से मिलीं। इसके साथ ही कथित तौर पर पैसे मांगने और वसूली से जुड़े मामलों की भी जांच की जा रही है।
मामले में पुलिस का दावा है कि आरोपी ने लंबे समय तक इसी तरीके से अलग-अलग लोगों को निशाना बनाया। अब बरामद डिजिटल उपकरणों और सामने आए मामलों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है।
Akhil Mahajan