फर्जी IB अधिकारी बनकर सरपंच प्रतिनिधि को दी क्लीन चिट, 2 गिरफ्तार

पलवल में फर्जी IB अधिकारी बनकर सरपंच प्रतिनिधि को क्लीन चिट देने के मामले में दो गिरफ्तार हुए। पुलिस ने नकली पहचान पत्र, जांच रिपोर्ट और 4 मोबाइल बरामद किए।

फर्जी IB अधिकारी बनकर सरपंच प्रतिनिधि को दी क्लीन चिट, 2 गिरफ्तार

पलवल में फर्जी IB अधिकारी बनकर सरपंच प्रतिनिधि को क्लीन चिट देने के मामले में 2 गिरफ्तार

➤ आरोपियों से IB का नकली पहचान पत्र, फर्जी जांच रिपोर्ट से जुड़े दस्तावेज और 4 मोबाइल बरामद

➤ सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था भ्रष्टाचार के आरोपों में क्लीन चिट देने वाला पत्र, जांच के बाद दोनों जेल भेजे गए

पलवल में फर्जी अधिकारी बनकर सरपंच प्रतिनिधि को भ्रष्टाचार के आरोपों में क्लीन चिट देने का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उन्होंने इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) का नकली पहचान पत्र और फर्जी जांच रिपोर्ट तैयार की थी। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से नकली पहचान पत्र, जांच रिपोर्ट से जुड़े दस्तावेज और कुल 4 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।

मामला पावसर गांव के सरपंच प्रतिनिधि मोहम्मद यासीर के बारे में सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक पत्र से सामने आया। इस पत्र में दावा किया गया था कि भ्रष्टाचार के आरोपों में IB की ओर से उन्हें क्लीन चिट दे दी गई है। पत्र वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को फर्जी पहचान पत्र और रिपोर्ट तैयार करने के आरोपों में दो लोगों की संलिप्तता मिली।

एसपी दीप्ति गर्ग के निर्देशन में संयुक्त टीम ने की कार्रवाई

पुलिस के अनुसार, एसपी दीप्ति गर्ग के निर्देशन में बहीन थाना पुलिस और सीआईए पलवल की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की। इस मामले में 22 अक्टूबर को आदर्श कॉलोनी, पलवल निवासी गोविंद कुमार की शिकायत पर केस दर्ज किया गया था। इसके बाद पुलिस ने वायरल पत्र और उससे जुड़े दस्तावेजों की जांच शुरू की।

जांच के दौरान 23 अक्टूबर को पावसर गांव निवासी मोहम्मद यासीर को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने फर्जी जांच रिपोर्ट से जुड़े दस्तावेज और मोबाइल फोन बरामद किए। इसके बाद मामले में शामिल दूसरे आरोपी आलीमेव गांव निवासी यासीर अराफात को भी गिरफ्तार कर लिया गया।

सोशल मीडिया पर वायरल पत्र में भ्रष्टाचार के आरोपों से क्लीन चिट का दावा

बहीन थाना प्रभारी रतनपाल ने बताया कि ग्राम पंचायत आलीमेव के सरपंच प्रतिनिधि मोहम्मद यासीर के बारे में सोशल मीडिया पर एक पत्र वायरल हो रहा था। पत्र में उल्लेख किया गया था कि IB की ओर से भ्रष्टाचार के आरोपों में उन्हें क्लीन चिट दे दी गई है।

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने इसे गंभीरता से लिया। सीआईए पलवल प्रभारी नरेंद्र कुमार की टीम और बहीन थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने जांच शुरू की। जांच का मुख्य बिंदु वायरल पत्र की सत्यता और उसमें इस्तेमाल किए गए पहचान पत्र व रिपोर्ट से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल करना था।

पूछताछ में फर्जी पहचान पत्र और जांच रिपोर्ट तैयार करने का आरोप

पुलिस के मुताबिक, पावसर गांव निवासी मोहम्मद यासीर के कब्जे से फर्जी IB पहचान पत्र और एक आईफोन बरामद किया गया। पुलिस रिमांड के दौरान उसकी निशानदेही पर फर्जी जांच रिपोर्ट से जुड़े दस्तावेज और दो अन्य मोबाइल फोन भी बरामद किए गए।

इसके बाद पुलिस ने आलीमेव गांव निवासी यासीर अराफात को गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से भी एक मोबाइल फोन बरामद किया गया। इस तरह पुलिस ने दोनों आरोपियों के कब्जे से कुल 4 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इसके अलावा नकली पहचान पत्र और कथित फर्जी जांच रिपोर्ट से जुड़े दस्तावेज भी पुलिस के हाथ लगे हैं।

पुलिस के अनुसार, पूछताछ में सामने आया कि IB अधिकारी के रूप में दिखने के लिए नकली पहचान पत्र और रिपोर्ट तैयार की गई थी। इन दस्तावेजों के जरिए सरपंच प्रतिनिधि को भ्रष्टाचार के आरोपों में क्लीन चिट दिए जाने संबंधी पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था।

हथीन कोर्ट में पेश करने के बाद दोनों आरोपियों को जेल भेजा

पुलिस ने मामले में जरूरी साक्ष्य और दस्तावेज बरामद करने के बाद दोनों आरोपियों को हथीन की कोर्ट में पेश किया। अदालत के आदेश के बाद उन्हें जेल भेज दिया गया।

फिलहाल इस मामले में पुलिस की कार्रवाई के तहत दो गिरफ्तारियां हुई हैं। पुलिस ने फर्जी पहचान पत्र, जांच रिपोर्ट से संबंधित दस्तावेज और मोबाइल फोन बरामद किए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल पत्र के जरिए IB की क्लीन चिट का दावा किए जाने का मामला इस कार्रवाई का प्रमुख आधार बना।