बेटी के जन्म के 8 दिन बाद फौजी विकास देशवाल की मौ*त, 6 साल के बेटे ने पार्थिव शरीर के सामने जोड़े हाथ

पानीपत के मतलौडा निवासी सेना के जवान विकास देशवाल की पटियाला में परेड के दौरान हार्ट अटैक से मौत हो गई। 8 दिन की बेटी और 6 साल का बेटा पीछे छूटे।

बेटी के जन्म के 8 दिन बाद फौजी विकास देशवाल की मौ*त, 6 साल के बेटे ने पार्थिव शरीर के सामने जोड़े हाथ

बेटी के जन्म के महज 8 दिन बाद फौजी विकास देशवाल शहीद, पटियाला में परेड के दौरान आया था हार्ट अटैक

➤ 6 साल के बेटे विवान ने पिता के पार्थिव शरीर को देखकर जोड़े हाथ, फूल चढ़ाकर दी अंतिम विदाई

➤ 2014 में सेना में भर्ती हुए थे विकास, करीब 8 महीने पहले पिता का भी हुआ था निधन

पानीपत। परिवार में बेटी के जन्म की खुशियां अभी पूरी तरह मनाई भी नहीं गई थीं कि एक ऐसी खबर आई, जिसने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। पानीपत के मतलौडा गांव के रहने वाले सेना के जवान विकास देशवाल (29) का निधन हो गया। पटियाला में परेड के दौरान उनके सीने में दर्द उठा था। इसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। जवान का पार्थिव शरीर रविवार सुबह गांव पहुंचा। यहां सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया।

विकास अपने पीछे पत्नी, 6 साल के बेटे विवान और महज 8 दिन की बेटी को छोड़ गए हैं। जिस घर में कुछ दिन पहले बेटी के जन्म से खुशियों का माहौल था, वहां अब मातम पसरा है। परिवार के लिए यह दुख सह पाना बेहद मुश्किल है। छह साल के बेटे विवान ने जब अपने पिता के पार्थिव शरीर को देखा तो हाथ जोड़ लिए। उसने पिता के पार्थिव शरीर पर फूल चढ़ाकर उन्हें अंतिम विदाई दी। यह दृश्य देखकर वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं।

विकास के परिवार पर दुखों का पहाड़ पहले भी टूट चुका था। करीब 8 महीने पहले ही उनके पिता वेद सिंह देशवाल का निधन हुआ था। अब जवान की अचानक मौत से परिवार ने अपना एक और सहारा खो दिया। उनके निधन से मतलौडा गांव में भी शोक की लहर है। ग्रामीणों ने नम आंखों से विकास को अंतिम विदाई दी और परिवार के प्रति संवेदना जताई।

2014 में सेना में भर्ती हुए थे विकास देशवाल

विकास देशवाल 14 जून 2014 को सेना की 501 बटालियन में भर्ती हुए थे। फिलहाल उनकी पोस्टिंग पटियाला में थी। सेना में सेवा देने के साथ ही गांव में भी उनकी अलग पहचान थी। विकास अपने हंसमुख स्वभाव के लिए जाने जाते थे। वह लोगों से मिलनसार तरीके से मिलते थे और हमेशा हंसते-मुस्कुराते रहते थे।

उनके अचानक दुनिया से चले जाने की खबर से परिवार के साथ गांव के लोग भी सदमे में हैं। ग्रामीणों को विश्वास नहीं हो रहा कि हमेशा मुस्कुराते रहने वाले विकास अब उनके बीच नहीं रहे। जवान की मौत से परिवार ने अपना प्रिय सदस्य खो दिया, वहीं गांव ने भी एक ऐसे व्यक्ति को खोया, जिसे लोग उसके स्वभाव के लिए याद करते थे।

परेड के दौरान सीने में उठा था दर्द

जानकारी के अनुसार, 23 अक्टूबर की सुबह पटियाला में परेड के दौरान विकास के सीने में अचानक दर्द उठा था। इसके बाद बटालियन के जवान उन्हें अस्पताल लेकर गए। वहां उनका इलाज कराया गया। अगले दिन यानी 24 अक्टूबर की सुबह उन्हें दोबारा सीने में दर्द हुआ।

इसके बाद डॉक्टरों ने उनकी जांच की, लेकिन तब तक उनकी सांसें थम चुकी थीं। डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। जवान के निधन की सूचना सेना की ओर से कमांडर एस. सचिन के माध्यम से परिवार को दी गई। अचानक मिली इस खबर ने परिजनों को तोड़कर रख दिया।

विकास के पार्थिव शरीर को रविवार सुबह मतलौडा गांव लाया गया। गांव में सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान परिवार के सदस्यों और ग्रामीणों ने उन्हें अंतिम विदाई दी। जवान के निधन से पूरे गांव में शोक का माहौल रहा।

8 दिन की बेटी और 6 साल के बेटे के सिर से उठा पिता का साया

विकास देशवाल की मौत ने उनकी पत्नी और दोनों बच्चों को गहरे दुख में डाल दिया है। उनकी बेटी अभी महज 8 दिन की है, जबकि बेटा विवान 6 साल का है। इतनी छोटी उम्र में दोनों बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया। बेटी अभी दुनिया को ठीक से जान भी नहीं पाई है और बेटे को अपने पिता को अंतिम विदाई देनी पड़ी।

पिता के पार्थिव शरीर के सामने हाथ जोड़ते विवान का दृश्य वहां मौजूद लोगों को भावुक कर गया। उसने फूल चढ़ाकर अपने पिता को विदाई दी। परिवार के लिए यह पल बेहद पीड़ादायक रहा। जिस पिता को बच्चों के साथ आगे का जीवन बिताना था, उनका अचानक चले जाना परिवार के लिए ऐसी कमी छोड़ गया है, जिसे भर पाना आसान नहीं होगा।

करीब 8 महीने पहले विकास के पिता वेद सिंह देशवाल का निधन हुआ था। अब जवान की मौत से परिवार पर दुखों का दोहरा बोझ आ गया है। गांव के लोगों ने विकास को नम आंखों से अंतिम विदाई दी और शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।