खरगे का मोदी पर तीखा बयान, ‘मोदी का बाप भी जाएगा’ कहने पर कार्यक्रम में हंगामा
पटना में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर टिप्पणी के बाद कार्यक्रम में हंगामा हुआ। उन्होंने महंगाई और वोट चोरी पर भी सरकार को घेरा।
➤ श्रीकृष्ण सिंह जयंती कार्यक्रम में पीएम मोदी को लेकर खरगे की टिप्पणी पर मचा हंगामा
➤ सभा में एक व्यक्ति ने कहा- मोदी कभी नहीं जाएगा, जवाब में खरगे ने दिया तीखा बयान
➤ खरगे ने महंगाई, वोट चोरी और मोदी-शाह पर भी निशाना साधा, राहुल गांधी का जिक्र कर सरकार को घेरा
पटना। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर दिए गए एक तीखे बयान से रविवार को पटना के राजनीतिक कार्यक्रम में हंगामे की स्थिति बन गई। बापू सभागार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान खरगे ने केंद्र और भाजपा पर वोट चोरी, महंगाई और सरकार की नीतियों को लेकर हमला बोला। इसी दौरान जब सभा में मौजूद एक व्यक्ति ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कभी नहीं जाने की बात कही, तो खरगे ने जवाब देते हुए कहा, “मोदी का बाप भी जाएगा।” इस टिप्पणी के बाद कार्यक्रम में हंगामा होने की बात सामने आई है। बयान को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है।
खरगे पटना में बिहार के पहले मुख्यमंत्री डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इससे पहले कार्यक्रम के बारे में कांग्रेस की ओर से बताया गया था कि इसका उद्देश्य श्रीकृष्ण सिंह के विचारों, स्वतंत्रता आंदोलन में उनके योगदान और सामाजिक न्याय से जुड़े दृष्टिकोण को नई पीढ़ी तक पहुंचाना था।
वोट चोरी के मुद्दे पर सरकार को घेरा
अपने संबोधन में खरगे ने बंगाल, बिहार, महाराष्ट्र और हरियाणा की सरकारों को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने इन्हें “वोट चोरी वाली सरकार” बताते हुए चुनावी प्रक्रिया को लेकर विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे आरोपों को दोहराया।
इसी दौरान कार्यक्रम में मौजूद एक व्यक्ति की ओर से प्रधानमंत्री मोदी को लेकर टिप्पणी किए जाने के बाद खरगे ने तीखे अंदाज में जवाब दिया। उनके जवाब का वीडियो और बयान सामने आने के बाद यह टिप्पणी राजनीतिक चर्चा का केंद्र बन गई है। अन्य रिपोर्टों में भी पटना के इसी कार्यक्रम में दिए गए इस बयान का उल्लेख किया गया है।
महंगाई और प्याज की कीमतों का मुद्दा उठाया
खरगे ने अपने भाषण में महंगाई को लेकर भी केंद्र सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि आम आदमी के भोजन में दाल और प्याज जैसी सामान्य चीजें भी महत्वपूर्ण हैं, लेकिन महंगाई बढ़ने से गरीब परिवारों पर दबाव बढ़ रहा है।
उन्होंने प्याज की कीमतों का जिक्र करते हुए सरकार पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि महंगाई से आम लोगों को परेशानी हो रही है।
खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर संसद की कार्यवाही को लेकर भी राजनीतिक हमला किया। उन्होंने कहा कि जब संसद चलती है तो दोनों नेता सदन में आने से डरते हैं। कांग्रेस अध्यक्ष ने अपने संबोधन में राहुल गांधी का भी उल्लेख किया और कहा कि उनके वापस आने पर विपक्ष सरकार को जवाब देगा।
‘राहुल गांधी सपने में भी आते हैं’
खरगे ने अपने भाषण के दौरान राहुल गांधी को लेकर भी भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा के नेता राहुल गांधी का लगातार नाम लेते रहते हैं और यहां तक कि उनके सपनों में भी राहुल गांधी आते हैं।
खरगे का यह बयान भी उनके पूरे भाषण के राजनीतिक तेवर को दिखाता है, जिसमें उन्होंने केंद्र सरकार को महंगाई, चुनाव और विपक्ष के मुद्दों पर घेरने की कोशिश की।
बयान के बाद बढ़ा राजनीतिक विवाद
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर खरगे की टिप्पणी अब इस कार्यक्रम की सबसे चर्चित बात बन गई है। कांग्रेस अध्यक्ष का बयान ऐसे समय आया है जब केंद्र सरकार और विपक्ष के बीच चुनावी प्रक्रिया और वोटर लिस्ट से जुड़े मुद्दों को लेकर राजनीतिक टकराव जारी है।
हालांकि कार्यक्रम में खरगे ने अपने भाषण में कई मुद्दे उठाए, लेकिन सोशल मीडिया और राजनीतिक चर्चाओं में फिलहाल प्रधानमंत्री को लेकर दिया गया उनका जवाब ही सबसे ज्यादा चर्चा में है।
राजनीतिक बयानबाजी के बीच इस तरह की भाषा को लेकर दोनों दलों के समर्थकों के बीच बहस तेज होने की संभावना है। वहीं, इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि चुनावी और राजनीतिक मुद्दों पर नेताओं की भाषा कितनी तीखी होनी चाहिए।
कार्यक्रम का मूल मुद्दा पीछे छूटा
खरगे का यह कार्यक्रम मूल रूप से डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की जयंती से जुड़ा था। कांग्रेस की ओर से इसे बिहार के पहले मुख्यमंत्री की राजनीतिक विरासत और सामाजिक न्याय के विचारों को याद करने वाला आयोजन बताया गया था।
लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर की गई टिप्पणी के बाद कार्यक्रम का राजनीतिक पक्ष ज्यादा चर्चा में आ गया। ऐसे में श्रीकृष्ण सिंह की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम अब खरगे के बयान और उस पर हुए हंगामे की वजह से भी सुर्खियों में है।
फिलहाल इस बयान को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है। इतना जरूर है कि खरगे की एक टिप्पणी ने पटना के कार्यक्रम को सीधे कांग्रेस और भाजपा के बीच तीखी राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया है।
Akhil Mahajan