9 साल बाद हुआ बेटा... कार्यक्रम में डीजे पर विवाद, तो पत्नी के मायके वालों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा!
पानीपत में 9 साल बाद बेटे के जन्म पर पीलिया की रस्म के दौरान डीजे को लेकर विवाद हुआ। मारपीट में सात लोग घायल हुए और परिवार ने पुलिस शिकायत दी।
➤ 9 साल बाद बेटे के जन्म पर पीलिया की रस्म निभाने पहुंचे थे अजय और करीब 30 रिश्तेदार
➤ 20 हजार रुपये के डीजे को लेकर कहासुनी के बाद लाठी-डंडों से हमले का आरोप, 7 लोग घायल
➤ गढ़ सरनाई से खोतपुरा तक पीछा करने और एक लाख नकद समेत सामान छूटने का पीड़ित परिवार का दावा
पानीपत। नौ साल बाद घर में बेटे के जन्म की खुशी में आयोजित पीलिया की रस्म उस समय विवाद और मारपीट में बदल गई, जब डीजे बजाने को लेकर दो पक्षों में कहासुनी हो गई। करनाल के पुंडरक गांव से अजय अपने करीब 30 रिश्तेदारों के साथ बहन के ससुराल पानीपत के गढ़ सरनाई गांव पहुंचे थे। पीड़ित पक्ष के मुताबिक, परिवार ने रस्म के लिए 20 हजार रुपये में डीजे किराए पर लिया था, जबकि बहन के पति के परिवार ने भी अलग डीजे बुक कर रखा था। डीजे बजाने को लेकर शुरू हुआ विवाद बढ़ गया और आरोप है कि बहन के पति व उसके परिजनों ने अजय और उनके साथ आए रिश्तेदारों पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। मारपीट में अजय, उनके माता-पिता, पत्नी समेत सात लोग घायल हो गए। पीड़ित परिवार का आरोप है कि हमलावरों ने गढ़ सरनाई से खोतपुरा गांव तक उनका पीछा किया। घायलों ने अस्पताल में उपचार कराने के बाद पुलिस को शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है।
9 साल बाद बहन के घर बेटे का जन्म
करनाल के पुंडरक गांव निवासी अजय ने बताया कि उनकी बहन अन्नू की शादी पानीपत के गढ़ सरनाई गांव निवासी शमशेर के साथ हुई थी। शादी के करीब 9 साल बाद बहन के घर बेटे का जन्म हुआ। इसी खुशी में रविवार को अजय अपने करीब 30 रिश्तेदारों के साथ पीलिया की रस्म निभाने पहुंचे थे।
अजय के मुताबिक, परिवार ने रस्म के लिए 20 हजार रुपये में डीजे किराए पर लिया था। उनके अनुसार, वे समारोह के लिए एक लाख रुपये नकद, सोने-चांदी के जेवर और करीब दो लाख रुपये का अन्य सामान भी लेकर पहुंचे थे।
डीजे बजाने को लेकर शुरू हुआ विवाद
अजय के अनुसार, पीलिया की रस्म के दौरान डीजे बजाने को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हो गई। दूसरे पक्ष की ओर से अपना डीजे बजाने की बात कही गई। इसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया और आरोप है कि बहन के पति तथा उसके परिजनों ने अजय और उनके साथ आए रिश्तेदारों पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया।
पीड़ित परिवार के मुताबिक, अचानक हुई मारपीट से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। उनका कहना है कि स्थिति बिगड़ने के बाद उन्हें वहां से बचकर निकलना पड़ा। इस दौरान कई लोगों को चोटें आईं।
गढ़ सरनाई से खोतपुरा तक पीछा करने का आरोप
पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया कि मौके पर मारपीट के बाद भी मामला शांत नहीं हुआ। उनका दावा है कि आरोपियों ने गढ़ सरनाई से खोतपुरा गांव तक उनका पीछा किया और रास्ते में भी मारपीट की।
घटना में अजय, उनके पिता शीशपाल, मां उषा, पत्नी अनीता, बुआ के बेटे राहुल, बहन के देवर मीती और मासी सुदेश घायल हुए हैं। अजय का कहना है कि कुछ अन्य रिश्तेदारों को भी चोटें आई हैं।
इसके बाद परिवार करनाल की ओर निकल गया। घायलों ने पानीपत के अस्पताल में इलाज कराया। उपचार के बाद पीड़ित पक्ष ने पुलिस को शिकायत देकर घटना की जांच और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
बहन के मायके में रहने को लेकर पहले से विवाद का आरोप
अजय का आरोप है कि उनकी बहन को ससुराल में परेशान किया जाता था। इसी वजह से वह करीब एक साल तक मायके में भी रही थी। पीड़ित परिवार का कहना है कि बहन के मायके में रहने को लेकर उसके ससुराल पक्ष के लोगों के साथ पहले से विवाद और रंजिश थी।
अजय के मुताबिक, इसी पुरानी रंजिश के कारण बेटे के जन्म की खुशी में आयोजित रस्म के दौरान विवाद ने गंभीर रूप ले लिया। हालांकि, पूरे मामले में वास्तविक स्थिति पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
एक लाख नकद और दो लाख का सामान मौके पर छूटने का दावा
पीड़ित परिवार का आरोप है कि मारपीट के दौरान उनके करीब एक लाख रुपये नकद और लगभग दो लाख रुपये का सामान मौके पर ही छूट गया। परिवार का कहना है कि वे खुशी के कार्यक्रम में पीलिया की रस्म निभाने के लिए नकदी, सोने-चांदी के जेवर और अन्य सामान लेकर पहुंचे थे।
घटना के बाद घायलों ने अस्पताल में उपचार कराया और फिर पुलिस को शिकायत दी। परिवार ने मारपीट के साथ-साथ मौके पर छूटे नकद और सामान के मामले में भी कार्रवाई की मांग की है।
फिलहाल पीड़ित पक्ष के आरोपों के आधार पर पुलिस से कार्रवाई की मांग की गई है। मामले में सामने आए सभी तथ्यों की जांच के बाद ही घटना की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।
Akhil Mahajan