कुएं की सफाई करते समय मिट्टी के नीचे दबने से किसान की मौ*त

जींद के झमौला गांव में कुएं की सफाई करते समय मिट्टी के नीचे दबने से 61 वर्षीय किसान जयपाल की मौत। आधे घंटे बाद निकाला गया।

कुएं की सफाई करते समय मिट्टी के नीचे दबने से किसान की मौ*त

जींद के झमौला गांव में कुएं की सफाई करते समय मिट्टी के तौंदे के नीचे दबने से किसान की मौत

➤ धमाके की आवाज सुनकर पहुंचे परिजन, आधे घंटे की मशक्कत के बाद बाहर निकाला

➤ परिवार का इकलौता कमाने वाला था 61 वर्षीय जयपाल, पीछे पत्नी और दो बच्चे छोड़े

हरियाणा के जींद जिले के झमौला गांव में रविवार शाम एक दर्दनाक हादसे में 61 वर्षीय किसान जयपाल की मौत हो गई। जयपाल परिवार के सदस्यों के साथ खेत में काम करने गए थे। शाम करीब 4 बजे वह कुएं की सफाई करने के लिए नीचे उतरे थे। इसी दौरान अचानक मिट्टी का एक बड़ा तौंदा टूटकर उनके ऊपर गिर गया और वह उसके नीचे दब गए। तेज धमाके जैसी आवाज सुनकर परिवार के सदस्य मौके पर पहुंचे। आसपास के लोगों की मदद से करीब आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद उन्हें मिट्टी के नीचे से बाहर निकाला गया। गंभीर हालत में जुलाना अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन जांच के बाद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

इस हादसे से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मृतक जयपाल अपने परिवार के इकलौते कमाने वाले सदस्य थे। उनके परिवार में पत्नी, एक बेटा और एक बेटी हैं। बेटा शुभम 11वीं कक्षा में पढ़ता है, जबकि बेटी की पढ़ाई छूट चुकी है। पिता की अचानक मौत के बाद परिवार के सामने रोजी-रोटी का संकट भी खड़ा हो गया है।

झमौला गांव में रविवार शाम हुआ हादसा, कुएं की सफाई करने उतरे थे किसान जयपाल

जानकारी के अनुसार, जींद जिले के झमौला गांव निवासी 61 वर्षीय जयपाल रविवार को अपने परिवार के सदस्यों के साथ खेत में काम करने गए थे।

परिवार के सभी सदस्य खेत में अलग-अलग स्थानों पर काम कर रहे थे। इसी दौरान शाम करीब 4 बजे जयपाल कुएं की सफाई करने के लिए उसमें उतर गए।

कुएं के अंदर सफाई का काम चल रहा था कि अचानक मिट्टी का एक बड़ा तौंदा टूटकर नीचे गिर गया। जयपाल को संभलने का मौका नहीं मिला और वह मिट्टी के नीचे दब गए।

हादसे के समय परिवार के अन्य सदस्य खेत में दूसरी जगह काम कर रहे थे। उन्हें घटना की जानकारी तेज धमाके जैसी आवाज सुनने के बाद मिली।

तेज धमाके की आवाज सुनकर कुएं की तरफ दौड़े परिजन, मिट्टी के नीचे दबे मिले जयपाल

मृतक किसान के बेटे शुभम ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि रविवार को वह अपने परिवार के अन्य सदस्यों के साथ खेत में काम कर रहा था।

उसके पिता जयपाल कुएं की सफाई करने के लिए नीचे उतरे हुए थे। परिवार के सदस्य उनसे कुछ दूरी पर दूसरी जगह काम कर रहे थे।

इसी दौरान अचानक तेज धमाके जैसी आवाज सुनाई दी। आवाज सुनकर परिवार के सदस्य तुरंत कुएं की तरफ पहुंचे।

वहां पहुंचने पर देखा कि मिट्टी का एक बड़ा तौंदा गिर चुका था और जयपाल उसके नीचे दबे हुए थे।

पिता को मिट्टी के नीचे दबा देखकर परिवार के सदस्यों ने उन्हें बाहर निकालने की कोशिश शुरू की। आसपास मौजूद लोगों को भी मदद के लिए बुलाया गया।

आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद मिट्टी से बाहर निकाला, अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित किया

हादसे के बाद परिवार के सदस्यों और आसपास के लोगों ने जयपाल को मिट्टी के नीचे से निकालने का प्रयास किया।

मिट्टी का बड़ा तौंदा गिरने के कारण उन्हें बाहर निकालने में काफी परेशानी हुई। करीब आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद जयपाल को बाहर निकाला जा सका।

उस समय उनकी हालत गंभीर थी। परिवार के सदस्य उन्हें तुरंत उपचार के लिए जुलाना अस्पताल लेकर पहुंचे।

अस्पताल में डॉक्टरों ने जयपाल की जांच की, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

हादसे में किसान की मौत की सूचना मिलने के बाद परिवार के सदस्यों में शोक छा गया।

11वीं कक्षा में पढ़ता है बेटा शुभम, बेटी की छूट चुकी पढ़ाई

मृतक जयपाल के परिवार में उनकी पत्नी के अलावा एक बेटा और एक बेटी हैं।

जयपाल के बेटे शुभम ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि वह 11वीं कक्षा का छात्र है। उसकी बहन की पढ़ाई छूट चुकी है।

शुभम के अनुसार, उसके पिता ही परिवार के इकलौते कमाने वाले सदस्य थे। खेती से होने वाली आमदनी के सहारे परिवार का गुजारा चल रहा था।

पिता की अचानक मौत से परिवार को गहरा सदमा लगा है। जयपाल की मौत के बाद पत्नी ने अपना पति खो दिया, जबकि दोनों बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया।

परिवार के सामने अब आर्थिक परेशानियों का संकट भी खड़ा हो गया है।

परिवार के इकलौते कमाने वाले सदस्य थे जयपाल, अचानक मौत से टूटा परिवार

जयपाल अपने परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियां संभाल रहे थे। उनके बेटे की पढ़ाई अभी जारी है, जबकि बेटी की पढ़ाई पहले ही छूट चुकी है।

रविवार को भी वह परिवार के सदस्यों के साथ खेत में काम करने गए थे। किसी को अंदाजा नहीं था कि कुएं की सफाई के दौरान हुआ हादसा उनकी जान ले लेगा।

बेटे शुभम ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि उसके पिता परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे।

ऐसे में जयपाल की मौत परिवार के लिए भावनात्मक क्षति के साथ आर्थिक संकट भी लेकर आई है।

जुलाना पुलिस ने बेटे के बयान पर की कार्रवाई, पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपा शव

हादसे की सूचना मिलने के बाद जुलाना थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटना के संबंध में जानकारी जुटाई।

पुलिस ने मृतक किसान के बेटे शुभम के बयान दर्ज किए। शुभम ने पुलिस को कुएं की सफाई के दौरान मिट्टी का तौंदा गिरने और पिता के उसके नीचे दबने की पूरी घटना बताई।

बेटे के बयान के आधार पर पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 194 के तहत कार्रवाई की।

इसके बाद शव का पोस्टमार्टम करवाया गया और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।

जुलाना थाना प्रभारी कमल सिंह ने बताया कि पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए पोस्टमार्टम के बाद मृतक का शव परिवार के सदस्यों को सौंप दिया है।