करनाल में नाबालिग की शादी,चार माह की गर्भवती, पति समेत 3 पर केस
करनाल में 16 वर्षीय किशोरी की शादी कराने पर पति समेत तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज। चार माह की गर्भवती किशोरी की उम्र जन्म प्रमाणपत्र से हुई पुष्टि।
करनाल में 16 साल की किशोरी की शादी कराने पर पति समेत 3 के खिलाफ केस दर्ज
➤ चार माह की गर्भवती होने की जानकारी आई सामने, जन्म प्रमाणपत्र से हुई उम्र की पुष्टि
➤ बाल विवाह निषेध अधिनियम और पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा, ASI बिमलेश को सौंपी जांच
हरियाणा के करनाल जिले में 16 साल की किशोरी की शादी कराने का मामला सामने आया है। रामनगर थाना पुलिस ने इस मामले में किशोरी के पति समेत तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। किशोरी की शादी 27 मार्च 2026 को तरावड़ी क्षेत्र के एक गांव में हुई थी। जांच के दौरान जन्म प्रमाणपत्रों से पता चला कि शादी के समय लड़की की उम्र महज 16 साल 4 माह 21 दिन थी, जबकि लड़के की उम्र 22 साल 10 माह 1 दिन थी। शिकायत में किशोरी के चार माह की गर्भवती होने की बात भी सामने आई है। पुलिस ने बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 और पॉक्सो एक्ट की धाराओं के तहत कार्रवाई करते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है।
इस मामले में संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी करनाल की ओर से 19 अक्टूबर 2026 को पुलिस अधीक्षक को पत्र भेजकर शिकायत की गई थी। इसके बाद दोनों परिवारों के बयान दर्ज किए गए और जन्म प्रमाणपत्रों के आधार पर उम्र की जांच की गई। जांच में शादी के समय किशोरी के नाबालिग होने की पुष्टि होने के बाद पुलिस को कार्रवाई की सिफारिश भेजी गई।
27 मार्च को हुई थी किशोरी की शादी, जांच में सामने आई असली उम्र
शिकायत के अनुसार, करनाल जिले के रामनगर थाना क्षेत्र से संबंधित एक गांव की किशोरी की शादी 27 मार्च 2026 को तरावड़ी के एक गांव में रहने वाले युवक से कराई गई थी।
मामला संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी के संज्ञान में आने के बाद इसकी जांच शुरू हुई। जांच के दौरान लड़की और लड़के के परिवारों से जानकारी जुटाई गई। दोनों की जन्मतिथि की पुष्टि के लिए जन्म प्रमाणपत्र भी लिए गए।
दस्तावेजों की जांच में सामने आया कि विवाह के समय किशोरी की उम्र 16 साल 4 माह 21 दिन थी। इस आधार पर वह शादी के समय नाबालिग थी।
वहीं, जिस युवक से उसकी शादी कराई गई, उसकी उम्र विवाह के दिन 22 साल 10 माह 1 दिन थी। दोनों की उम्र से संबंधित जानकारी जांच रिपोर्ट में दर्ज की गई।
किशोरी की मां ने पुलिस को बताया परिवार का हाल, बेटी का जन्म प्रमाणपत्र भी सौंपा
जांच के दौरान किशोरी की मां के बयान भी दर्ज किए गए। महिला ने बताया कि उसके चार बच्चे हैं। इनमें एक बच्चे की उम्र 20 साल, दूसरी की 16 साल, तीसरी की साढ़े 15 साल और बेटे की उम्र 12 साल है।
महिला ने अपने बयान में यह भी बताया कि उसका पति शराब पीता है। उसने पुष्टि की कि उसकी बेटी की शादी 27 मार्च 2026 को तरावड़ी के एक गांव में हुई थी।
जांच अधिकारी को दिए गए जन्म प्रमाणपत्र के अनुसार, किशोरी की जन्मतिथि 6 नवंबर 2009 दर्ज है। इसी दस्तावेज के आधार पर शादी के समय उसकी उम्र की पुष्टि की गई।
किशोरी की मां ने अपने बयान के साथ बेटी का जन्म प्रमाणपत्र भी जांच अधिकारी को उपलब्ध कराया। इस दस्तावेज ने मामले की जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
लड़के की मां ने भी शादी की तारीख की पुष्टि की, राहुल का जन्म प्रमाणपत्र दिया
मामले की जांच में लड़के की मां के बयान भी दर्ज किए गए। महिला ने बताया कि उसके तीन बेटे हैं और उसका पति भी शराब पीता है।
उसने बताया कि उसके 22 वर्षीय बेटे राहुल की शादी करनाल की लड़की से 27 मार्च 2026 को हुई थी।
महिला के अनुसार, राहुल की जन्मतिथि 26 मई 2003 है। जन्म प्रमाणपत्र के आधार पर शादी के दिन उसकी उम्र 22 साल 10 माह 1 दिन थी।
लड़के की मां ने भी अपने बेटे का जन्म प्रमाणपत्र जांच अधिकारी को सौंपा। इस तरह दोनों पक्षों की ओर से उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों के आधार पर विवाह की तारीख और उम्र से संबंधित जानकारी की जांच की गई।
चार माह की गर्भवती है किशोरी, ससुराल में रहने की जानकारी भी सामने आई
जांच के दौरान किशोरी के गर्भवती होने की जानकारी भी सामने आई है।
लड़के की मां ने अपने बयान में बताया कि किशोरी चार माह की गर्भवती है और फिलहाल अपने ससुराल में रह रही है।
शिकायत में इस तथ्य का उल्लेख होने के बाद मामले में पॉक्सो एक्ट के तहत भी धाराएं लगाई गई हैं।
जांच के दौरान पुलिस ने दोनों परिवारों के बयान और जन्म प्रमाणपत्रों को आधार बनाया। इन दस्तावेजों से विवाह के समय लड़की के नाबालिग होने की पुष्टि हुई।
19 अक्टूबर को पुलिस अधीक्षक को भेजी गई शिकायत, 25 अक्टूबर को दर्ज हुआ मुकदमा
इस मामले में संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी करनाल ने 19 अक्टूबर 2026 को पुलिस अधीक्षक को पत्र भेजकर शिकायत की थी।
शिकायत मिलने के बाद दोनों परिवारों से संबंधित जानकारी और जन्म प्रमाणपत्रों की जांच की गई। जांच में बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 के तहत संज्ञेय अपराध पाए जाने पर कानूनी कार्रवाई की सिफारिश की गई।
इसके बाद 25 अक्टूबर 2026 को करनाल के रामनगर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया।
पुलिस ने इस मामले में राहुल, सुदेश और रिंकू को नामजद किया है। तीनों के खिलाफ बाल विवाह निषेध अधिनियम और पॉक्सो एक्ट की धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है।
बाल विवाह निषेध अधिनियम की तीन धाराएं और पॉक्सो एक्ट की धारा 6 लगाई गई
रामनगर थाना पुलिस ने मामले में बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 की धारा 9, 10 और 11 के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
इसके साथ ही पॉक्सो एक्ट की धारा 6 भी लगाई गई है।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, मुकदमे में राहुल, सुदेश और रिंकू को आरोपी बनाया गया है। मामले की जांच ASI बिमलेश को सौंपी गई है।
फिलहाल पुलिस दोनों परिवारों के बयानों और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर मामले की जांच कर रही है।
जन्म प्रमाणपत्रों से हुई उम्र की पुष्टि, अब पुलिस कर रही पूरे मामले की जांच
इस मामले में जन्म प्रमाणपत्रों के आधार पर की गई जांच अहम रही। किशोरी की मां ने बेटी का जन्म प्रमाणपत्र दिया, जिसमें उसकी जन्मतिथि 6 नवंबर 2009 दर्ज है।
दूसरी ओर, लड़के की मां ने राहुल का जन्म प्रमाणपत्र उपलब्ध कराया, जिसमें उसकी जन्मतिथि 26 मई 2003 दर्ज है।
इन दस्तावेजों के आधार पर जांच में सामने आया कि 27 मार्च 2026 को हुई शादी के समय लड़की नाबालिग थी।
इसके बाद संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी की शिकायत पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया। ASI बिमलेश अब इस मुकदमे की जांच कर रही हैं।
Akhil Mahajan