45 लाख खर्च कर भेजा अमेरिका,15 दिन बाद गांव लौटा बेटे का श*व
करनाल के गांव बल्लाह निवासी 21 वर्षीय अनिल मान की अमेरिका में हार्ट अटैक से मौत हो गई। 15 दिन बाद शव गांव पहुंचा, दोस्तों ने आर्थिक मदद जुटाई।
करनाल के अनिल मान का 15 दिन बाद अमेरिका से गांव पहुंचा शव, हार्ट अटैक से हुई थी मौत
➤ 4 साल पहले डंकी रूट से अमेरिका गया था अनिल, परिवार ने जमीन बेचकर खर्च किए थे 45 लाख रुपये
➤ शव भारत लाने के लिए दोस्तों और इंडियन कम्युनिटी ने जुटाया फंड, गांव में गमगीन माहौल में हुआ अंतिम संस्कार
हरियाणा के करनाल जिले के गांव बल्लाह निवासी 21 वर्षीय अनिल मान का शव 15 दिन बाद शनिवार को अमेरिका से उसके पैतृक गांव पहुंचा। बेटे का शव देखते ही मां और चचेरी बहन का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। परिवार की महिलाओं ने उन्हें संभाला। गांव में शव पहुंचते ही मातम छा गया। ग्रामीणों की मौजूदगी में अनिल का अंतिम संस्कार किया गया। उसके पिता ऋषिपाल ने बेटे को मुखाग्नि दी।
अनिल करीब चार साल पहले बेहतर भविष्य और परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए अमेरिका गया था। उसे विदेश भेजने के लिए परिवार ने अपनी डेढ़ एकड़ जमीन बेच दी थी और कर्ज भी लिया था। परिजनों के मुताबिक, उसे डंकी रूट से अमेरिका भेजने पर करीब 45 लाख रुपये खर्च हुए थे। परिवार को उम्मीद थी कि अनिल विदेश जाकर घर की आर्थिक स्थिति सुधारेगा, लेकिन उसकी अचानक मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
चार साल पहले 45 लाख रुपये खर्च कर डंकी रूट से गया था अमेरिका
अनिल कुमार मान ने दसवीं कक्षा तक पढ़ाई की थी। परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने और बेहतर भविष्य बनाने के लिए वह अमेरिका जाना चाहता था। बेटे की इच्छा पूरी करने के लिए पिता ऋषिपाल ने अपनी डेढ़ एकड़ जमीन बेच दी और कर्ज भी लिया। इसके बाद करीब 45 लाख रुपये खर्च कर अनिल को डंकी रूट के जरिए अमेरिका भेजा गया।
अमेरिका पहुंचने के लिए अनिल को कई महीने तक सफर करना पड़ा था। वहां पहुंचने के बाद वह करनाल के कुछ अन्य युवकों के साथ रहने लगा। परिवार को उम्मीद थी कि वह मेहनत करके अपने और घरवालों के सपने पूरे करेगा, लेकिन उसकी मौत की खबर ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया।
4 अक्टूबर को बिगड़ी तबीयत, अस्पताल में डॉक्टरों ने बताया हार्ट अटैक
अनिल की अमेरिका में 4 अक्टूबर को अचानक तबीयत बिगड़ गई। उसके साथ रह रहे दोस्तों ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि अनिल को हार्ट अटैक आया था। इस घटना में उसकी मौत हो गई।
अनिल की मौत की खबर मिलने के बाद गांव बल्लाह में उसके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। परिजन बेटे के अंतिम दर्शन के लिए उसका शव भारत लाने की कोशिशों में जुट गए। हालांकि, अमेरिका से शव भारत लाने का खर्च परिवार के लिए बड़ी चुनौती था।
शव भारत लाने के लिए दोस्तों ने जुटाया फंड
परिजनों के मुताबिक, अनिल का शव भारत लाने के लिए एजेंट से संपर्क किया गया। इसके लिए करीब 25 लाख रुपये खर्च होने की बात बताई गई। परिवार की कमजोर आर्थिक स्थिति को देखते हुए अमेरिका में रह रहे अनिल के दोस्तों और भारतीय समुदाय के लोगों ने मदद के लिए फंड जुटाना शुरू किया।
परिजनों ने बताया कि अमेरिका में रह रही इंडियन कम्युनिटी ने आर्थिक सहयोग किया। शव को भारत लाने के लिए करीब 20 लाख रुपये का खर्च आया। दोस्तों और समुदाय के लोगों की मदद से अनिल का शव भारत लाया जा सका।
शनिवार को दिल्ली एयरपोर्ट से एंबुलेंस के जरिए शव गांव बल्लाह पहुंचा। शव के गांव पहुंचने पर बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र हो गए। परिवार के लोगों ने अनिल के अंतिम दर्शन किए। कॉफिन से शव बाहर निकालने के दौरान परिजन भावुक हो गए और घर में चीख-पुकार मच गई।
दो परिवारों का इकलौता बेटा था अनिल
अनिल अपने पिता ऋषिपाल का इकलौता बेटा था। ऋषिपाल अपने भाई रामपाल के साथ रहते हैं। रामपाल की भी एक ही बेटी है। इस तरह दोनों परिवारों में अनिल इकलौता लड़का था। उसकी मौत से दोनों परिवारों को गहरा सदमा लगा है।
गांव में शव पहुंचने के बाद परिवार के लोगों ने अंतिम दर्शन किए। इसके बाद ग्रामीणों की मौजूदगी में शिवपुरी में अनिल का अंतिम संस्कार किया गया। पिता ऋषिपाल ने बेटे के शव को मुखाग्नि दी। जिस बेटे को बेहतर भविष्य की उम्मीद में परिवार ने अपनी जमीन बेचकर विदेश भेजा था, उसकी असमय मौत ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया।
Akhil Mahajan