हरियाणा में 4 साल की सेवा से लौटते ही अग्निवीरों को मिलेगी नौकरी, ज्वाइनिंग लेटर से होगा स्वागत: CM नायब सैनी

हरियाणा में चार साल की सेवा पूरी कर लौटने वाले अग्निवीरों को तुरंत नियुक्ति पत्र मिलेगा। नवंबर में 2,227 अग्निवीर लौटेंगे, आरक्षण और रोजगार प्रावधान लागू हैं।

हरियाणा में 4 साल की सेवा से लौटते ही अग्निवीरों को मिलेगी नौकरी,  ज्वाइनिंग लेटर से होगा स्वागत: CM नायब सैनी

➤ नवंबर में लौटेंगे 2,227 अग्निवीर, आते ही नियुक्ति पत्र देने के निर्देश
➤ ग्रुप सी में 5% और चिन्हित विभागों में 20% क्षैतिज आरक्षण का प्रावधान
➤ पुलिस, जेल, वन और आपदा प्रबंधन में 3,685 पदों को मिली मंजूरी


चंडीगढ़, 25 अक्टूबर 2026। हरियाणा में सेना की चार साल की सेवा पूरी कर लौटने वाले अग्निवीरों के पहले बैच के लिए राज्य सरकार ने नौकरी को लेकर बड़ा फैसला किया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि नवंबर में सेवा पूरी करके लौटने वाले अग्निवीरों को तुरंत नियुक्ति पत्र देकर ज्वाइन कराया जाए। वर्ष 2022-23 में भर्ती हुए हरियाणा के 2,227 अग्निवीरों का पहला बैच नवंबर में चार साल की सेवा पूरी करेगा। सरकार ने अग्निवीरों के लिए सरकारी नौकरियों में आरक्षण और विभिन्न चयन प्रक्रियाओं में छूट का प्रावधान भी किया है।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने रविवार को चंडीगढ़ में पंचनद शोध संस्थान की ओर से आयोजित 33वें वार्षिक व्याख्यान पूर्व-लोकमंथन कार्यक्रम में यह जानकारी दी। कार्यक्रम की थीम ‘हम भारत के लोग, हमारा दायित्व’ रखी गई थी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने पंचनद शोध संस्थान को 11 लाख रुपये देने की घोषणा भी की।

सेवा पूरी होते ही नियुक्ति पत्र देने के निर्देश

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय सेना में चार साल की सेवा पूरी करने के बाद जब अग्निवीरों का पहला समूह हरियाणा लौटेगा, तो उन्हें नौकरी के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि अग्निवीरों के लौटते ही उन्हें ज्वाइनिंग लेटर दिए जाएं।

सरकार की ओर से अग्निवीरों को सरकारी सेवाओं में अवसर देने के लिए अलग-अलग प्रावधान किए गए हैं। इसका उद्देश्य सेना में सेवा पूरी करने के बाद युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है।

ग्रुप सी में 5 प्रतिशत आरक्षण

अग्निवीरों के लिए हरियाणा सरकार ने ग्रुप सी के सामान्य पदों पर पांच प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया है। इसके अलावा पुलिस, जेल, वन और खनन सहित चिन्हित विभागों में 20 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण दिया जाएगा।

सरकार ने प्रवेश परीक्षाओं और चयनित पदों पर होने वाली शारीरिक जांच से संबंधित छूट का प्रावधान भी किया है। इससे सेना में प्रशिक्षण और सेवा का अनुभव हासिल कर चुके अग्निवीरों को राज्य की विभिन्न सरकारी सेवाओं में अवसर मिलने की संभावना बढ़ेगी।

नवंबर में लौटेगा 2,227 अग्निवीरों का पहला बैच

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, वर्ष 2022-23 में भर्ती हुए 2,227 अग्निवीरों का पहला बैच नवंबर 2026 में चार साल की सेवा पूरी करेगा। इसके बाद बड़ी संख्या में अन्य अग्निवीर भी आने वाले वर्षों में अपनी सेवा पूरी करके वापस लौटेंगे।

सरकार के अनुमान के मुताबिक 2027 में 2,893 और 2028 में 2,108 अग्निवीर चार साल की सेवा पूरी करके वापस लौटेंगे। इन युवाओं को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने विभिन्न विभागों में रोजगार के अवसर तैयार करने की दिशा में कदम उठाए हैं।

पुलिस, जेल, वन और आपदा प्रबंधन में 3,685 पद

अग्निवीरों को रोजगार देने के लिए पुलिस, जेल, वन विभाग और आपदा प्रबंधन में कुल 3,685 पदों की मंजूरी दी गई है। इन विभागों में अग्निवीरों को उनके सैन्य प्रशिक्षण और अनुभव के अनुरूप अवसर देने की व्यवस्था की गई है।

सरकार की ओर से किए गए प्रावधानों में आरक्षण के साथ-साथ भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी कुछ छूट भी शामिल हैं। इससे सेवा पूरी करने के बाद वापस लौटने वाले अग्निवीरों के लिए सरकारी नौकरी की प्रक्रिया आसान होने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री ने विकसित भारत की यात्रा में युवाओं से जुड़ने की अपील की

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विकसित भारत की यात्रा में युवाओं, विश्वविद्यालयों और विभिन्न संस्थाओं की भागीदारी पर भी जोर दिया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ओर से युवाओं और संस्थाओं से इस साझा संकल्प में भाग लेने के आह्वान का उल्लेख किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा इस यात्रा में महत्वपूर्ण भागीदार है। उन्होंने प्रदेश के जवानों, किसानों और खिलाड़ियों की भूमिका का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार प्रदेश के जवान देश की रक्षा में योगदान दे रहे हैं, किसान देश के खाद्यान्न भंडार को मजबूत कर रहे हैं और खिलाड़ी अपनी उपलब्धियों से देश का नाम रोशन कर रहे हैं।

बेटियों की भागीदारी पर भी दिया जोर

मुख्यमंत्री ने ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि बेटियों को आगे बढ़ने के अवसर देना और उनकी प्रतिभा को प्रोत्साहित करना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि आज बेटियां रक्षा, खेल और अन्य क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रही हैं।

कार्यक्रम में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के सदस्य सचिव एवं आयोजक डा. सच्चिदानंद जोशी, पंचनद शोध संस्थान के अध्यक्ष प्रो. बृज किशोर कुठियाला और मुख्यमंत्री के ओएसडी एवं स्वर्ण जयंती हरियाणा राजकोषीय प्रबंधन संस्थान के महानिदेशक डा. राज नेहरू ने भी अपने विचार रखे।

हरियाणा सरकार के इस फैसले से अब नवंबर में चार साल की सेवा पूरी करके लौटने वाले 2,227 अग्निवीरों की नौकरी को लेकर तस्वीर काफी हद तक स्पष्ट हो गई है। सरकार के निर्देश के मुताबिक, उनके वापस लौटते ही नियुक्ति पत्र देने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।