टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में 11वीं गिरफ्तारी, सोनीपत का प्रांजल इंदौर से पकड़ा गया
टाइगर श्रॉफ फायरिंग मामले में 11वीं गिरफ्तारी हुई। सोनीपत के प्रांजल को इंदौर से पकड़ा गया, सूरत से हथियार और कारतूस बरामद हुए।
➤ मुंबई क्राइम ब्रांच ने इंदौर से सोनीपत निवासी प्रांजल को गिरफ्तार किया
➤ पुलिस के मुताबिक, सुरागों पर सूरत से तीन अवैध हथियार और 10 कारतूस बरामद
➤ मामले में गिरफ्तार 11 आरोपियों में 8 सोनीपत के, प्रांजल को 31 अक्टूबर तक पुलिस कस्टडी
सोनीपत। बॉलीवुड अभिनेता Tiger Shroff से जुड़े फायरिंग मामले की जांच अब हरियाणा के सोनीपत से इंदौर और सूरत तक पहुंच गई है। मुंबई क्राइम ब्रांच ने मामले में 11वीं गिरफ्तारी करते हुए सोनीपत के गांव हरसाना निवासी प्रांजल को इंदौर से गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, जांच में उसकी भूमिका शूटरों तक हथियार और जिंदा कारतूस पहुंचाने से जुड़ी होने की आशंका है। पुलिस का दावा है कि प्रांजल से मिले सुरागों के आधार पर गुजरात के सूरत से तीन अवैध हथियार और 10 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। हालांकि, प्रांजल के परिवार ने पुलिस के आरोपों को खारिज करते हुए उसे निर्दोष बताया है।
11 गिरफ्तारियों में 8 आरोपी सोनीपत के.
मुंबई क्राइम ब्रांच की कार्रवाई के बाद इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या 11 हो गई है। इनमें से 8 आरोपी सोनीपत जिले से बताए जा रहे हैं। प्रांजल इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा था। उसकी गिरफ्तारी के बाद परिवार ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं और दावा किया है कि उसका फायरिंग की घटना से कोई संबंध नहीं है।
इंदौर में भाई के इलाज के लिए मौजूद होने का परिवार का दावा.
परिजनों के मुताबिक, प्रांजल कुछ दिन पहले अपने लकवाग्रस्त भाई के इलाज के सिलसिले में इंदौर गया था। परिवार का कहना है कि उसका भाई अस्पताल में भर्ती था और प्रांजल उसकी देखभाल के लिए वहीं मौजूद था। इसी दौरान मुंबई क्राइम ब्रांच ने उसे गिरफ्तार कर लिया। परिजनों ने उसे मामले में गलत तरीके से फंसाए जाने का दावा किया है।
पानीपत फायरिंग केस से भी जुड़ा नाम.
जांच के दौरान प्रांजल का नाम पहले गिरफ्तार किए जा चुके आरोपी कुणाल के साथ भी सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, दोनों के बीच बातचीत होती थी और पानीपत में हुई एक फायरिंग की घटना में भी कुणाल के साथ प्रांजल का नाम सामने आया था। जांच एजेंसी अब इन संपर्कों और प्रांजल की वास्तविक भूमिका की पड़ताल कर रही है।
हथियार बरामदगी की कड़ी पर जांच.
मुंबई क्राइम ब्रांच के अनुसार, प्रांजल से जुड़े सुरागों के आधार पर सूरत से तीन अवैध हथियार और 10 कारतूस बरामद किए गए हैं। अब जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इन हथियारों का फायरिंग की घटना से कोई सीधा संबंध था या नहीं और इन्हें शूटरों तक पहुंचाने में प्रांजल की क्या भूमिका रही।
31 अक्टूबर तक क्राइम ब्रांच की कस्टडी.
प्रांजल को अदालत में पेश किए जाने के बाद मुंबई क्राइम ब्रांच ने उसकी कस्टडी मांगी। जांच एजेंसी ने अदालत को बताया कि वह अनिल पंडित के संपर्क में था और अलग-अलग एप्लिकेशन तथा फोन के माध्यम से संपर्क किया जा रहा था। पुलिस का कहना है कि शूटरों तक हथियार पहुंचाने में उसकी भूमिका और अनिल पंडित से उसके संपर्क की कड़ी की जांच जरूरी है। अदालत ने प्रांजल को 31 अक्टूबर तक क्राइम ब्रांच की कस्टडी में भेज दिया है।
परिवार और पुलिस के दावों में अंतर.
इस मामले में प्रांजल की गिरफ्तारी के बाद जांच के साथ-साथ उसके परिवार के दावे भी सामने आए हैं। पुलिस उसकी भूमिका को हथियारों की सप्लाई और अन्य आरोपियों से संपर्क के आधार पर जांच रही है, जबकि परिवार का कहना है कि वह इंदौर में अपने बीमार भाई के इलाज के लिए मौजूद था और उसका फायरिंग से कोई संबंध नहीं है। अब पुलिस पूछताछ और आगे की जांच से ही यह स्पष्ट होगा कि प्रांजल की इस मामले में वास्तविक भूमिका क्या थी।
Akhil Mahajan