15 हजार रुपये की रिश्वत लेते SDC गिरफ्तार, बिल पास करने के लिए ठेकेदार से मांगा था 3% कमीशन
जींद में जनस्वास्थ्य विभाग का SDC धर्मबीर गोयत 15 हजार रुपये रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार हुआ। ठेकेदार ने बिल पास करने के बदले कमीशन मांगने की शिकायत दी थी।
➤ जनस्वास्थ्य विभाग का सीनियर डिविजन क्लर्क धर्मबीर गोयत ACB के हत्थे चढ़ा
➤ ठेकेदार के करीब 15 लाख रुपये के बिल दो साल से थे लंबित
➤ रिश्वत की रकम कर्मचारी के पास से बरामद, उसे बनाया गया सरकारी गवाह
हरियाणा के जींद में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने जनस्वास्थ्य विभाग के एक सीनियर डिविजन क्लर्क को 15 हजार रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान धर्मबीर गोयत के रूप में हुई है। आरोप है कि उसने एक ठेकेदार के करीब दो साल से लंबित बिल पास करने के बदले कुल राशि का 3 प्रतिशत कमीशन मांगा था। शिकायत मिलने के बाद ACB ने जाल बिछाया और ठेकेदार के माध्यम से रिश्वत की रकम दिलवाकर आरोपी को उसके कार्यालय से पकड़ लिया। हालांकि, आरोपी ने पैसे अपने पास रखने के बजाय विभाग में कार्यरत एक कर्मचारी को दे दिए थे। ACB ने कर्मचारी के पास से रिश्वत की पूरी रकम बरामद कर ली। मामले में आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
रामगढ़ के ठेकेदार ने ACB को दी शिकायत
गांव रामगढ़ निवासी ठेकेदार प्रदीप कुमार ने ACB को दी शिकायत में बताया कि वह जनस्वास्थ्य विभाग में ठेकेदारी का काम करता है। उसके विभाग में पिछले करीब दो वर्षों से लगभग 15 लाख रुपये के बिल लंबित हैं। इनमें डिविजन नंबर-1 के करीब 9 लाख रुपये और डिविजन नंबर-2 के 6 लाख रुपये के बिल शामिल हैं।
शिकायतकर्ता के अनुसार, इन बिलों को पास करवाने के बदले विभाग में तैनात SDC धर्मबीर गोयत ने उससे 3 प्रतिशत कमीशन की मांग की थी। ठेकेदार ने इस संबंध में ACB को शिकायत दी, जिसके बाद टीम ने आरोपी को पकड़ने के लिए कार्रवाई की योजना तैयार की।
500-500 रुपये के नोटों में दी रिश्वत की रकम
ACB की योजना के अनुसार, वीरवार दोपहर बाद ठेकेदार प्रदीप कुमार जनस्वास्थ्य विभाग के कार्यालय पहुंचा। वहां उसने SDC धर्मबीर गोयत को 500-500 रुपये के नोटों में कुल 15 हजार रुपये दिए। इसके बाद ACB की टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को पकड़ लिया।
बताया गया है कि ठेकेदार से रकम लेने के बाद धर्मबीर गोयत ने पैसे अपने पास रखने के बजाय अपने पास काम करने वाले हरियाणा कौशल रोजगार निगम (HKRN) के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी मंजीत को दे दिए थे। ACB ने मंजीत के पास से रिश्वत की पूरी रकम बरामद कर ली।
कर्मचारी को बनाया सरकारी गवाह
पूछताछ के दौरान कर्मचारी मंजीत ने बताया कि SDC ने उसे पैसे रखने के लिए दिए थे। उसे इस बात की जानकारी नहीं थी कि यह रकम किस काम के बदले ली गई है। इसके बाद ACB ने उसे मामले में सरकारी गवाह बना लिया।
आरोपी के खिलाफ केस दर्ज, जांच जारी
SV एवं ACB इंचार्ज इंस्पेक्टर महेंद्र सिंह ने बताया कि ठेकेदार की शिकायत के आधार पर कार्रवाई की गई है। आरोपी SDC को पकड़ लिया गया है और रिश्वत की रकम कर्मचारी के पास से बरामद हुई है। धर्मबीर गोयत के खिलाफ केस दर्ज कर जांच की जा रही है। मामले में नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
ACB इंचार्ज ने लोगों से अपील की कि यदि कोई सरकारी अधिकारी या कर्मचारी उनसे रिश्वत मांगता है तो इसकी शिकायत ब्यूरो को दें, ताकि भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई की जा सके।
करनाल के टापू गांव का रहने वाला है आरोपी
धर्मबीर गोयत मूल रूप से करनाल जिले के टापू गांव का रहने वाला है। वह फिलहाल जींद में जनस्वास्थ्य विभाग की डिविजन नंबर-1 में सीनियर डिविजन क्लर्क के पद पर तैनात था। उसकी नियुक्ति फरवरी 1996 में क्लर्क के पद पर हुई थी। जींद में तैनाती से पहले वह करनाल और पानीपत में भी सेवाएं दे चुका है।
Akhil Mahajan