कांगड़ा-चंबा में कांपी धरती,3.2 तीव्रता का भूकंप,15 किलोमीटर नीचे केंद्र, कोई नुकसान नहीं

हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा और चंबा जिलों में शुक्रवार सुबह 3.2 तीव्रता का भूकंप आया। केंद्र 15 किलोमीटर नीचे था, किसी नुकसान की सूचना नहीं है।

कांगड़ा-चंबा में कांपी धरती,3.2 तीव्रता  का भूकंप,15 किलोमीटर नीचे  केंद्र, कोई नुकसान नहीं

हिमाचल के कांगड़ा और चंबा जिलों में शुक्रवार सुबह भूकंप के झटके महसूस किए गए

➤ रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 3.2, जमीन से 15 किलोमीटर नीचे था केंद्र

➤ झटके महसूस होते ही घरों से बाहर निकले लोग, किसी तरह के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं

धर्मशाला/कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा और चंबा जिलों में शुक्रवार सुबह भूकंप के झटके महसूस किए गए। सुबह-सुबह धरती हिलने से लोगों में हलचल मच गई। झटके महसूस होते ही कई लोग घबराकर अपने घरों से बाहर निकल आए। हालांकि, राहत की बात यह रही कि भूकंप से किसी तरह के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है।

नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी (NCS) के मुताबिक, भूकंप शुक्रवार सुबह 6 बजकर 59 मिनट 46 सेकेंड पर आया। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 3.2 मापी गई। भूकंप का केंद्र जमीन से 15 किलोमीटर नीचे था। कांगड़ा और चंबा जिलों में झटके महसूस किए जाने के बाद लोग कुछ देर तक सतर्क नजर आए।

सीस्मिक जोन-5 में आते हैं कांगड़ा और चंबा

कांगड़ा और चंबा जिले भूकंप की दृष्टि से बेहद संवेदनशील सीस्मिक जोन-5 में आते हैं। इस क्षेत्र में समय-समय पर कम तीव्रता के भूकंप आते रहते हैं। शुक्रवार सुबह आए भूकंप की तीव्रता कम होने के कारण फिलहाल किसी बड़े नुकसान की सूचना सामने नहीं आई है।

5.0 या इससे अधिक तीव्रता पर बढ़ सकती है नुकसान की आशंका

विशेषज्ञों के अनुसार, 5.0 से कम तीव्रता वाले भूकंप आमतौर पर बड़े नुकसान का कारण नहीं बनते, लेकिन नुकसान की आशंका पूरी तरह से भूकंप की तीव्रता पर निर्भर नहीं करती। जमीन की बनावट, भूकंप की गहराई और इमारतों की मजबूती जैसे कारक भी नुकसान को प्रभावित करते हैं। वहीं, 5.0 या इससे अधिक तीव्रता के भूकंप में जान-माल के नुकसान की आशंका बढ़ सकती है।

रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता के प्रत्येक अगले स्तर पर भूकंपीय तरंगों का आयाम पिछले स्तर के मुकाबले लगभग 10 गुना हो जाता है। इसलिए तीव्रता में मामूली दिखने वाला अंतर भी भूकंप के प्रभाव को काफी बदल सकता है।