₹200 के विवाद में दोस्त की गला काटकर ह*त्या, दोनों आरोपी गिरफ्तार
फरीदाबाद में 200 रुपये के विवाद में सोनू और अंकित ने दोस्त सचिन की हत्या कर दी। तीनों छह साल से दोस्त थे। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया।
शराब पार्टी में ₹200 मांगने पर दोस्तों ने सचिन की हत्या की, गला काटकर खेतों में फेंका शव
➤ सोनू और अंकित के साथ 6 साल पुरानी दोस्ती थी, तीनों एक ही फैक्ट्री में करते थे काम
➤ 2 नवंबर को घर से निकला था सचिन, 4 नवंबर को यादराम कॉलोनी के पास खेतों में मिला शव
हरियाणा के फरीदाबाद में महज 200 रुपये के विवाद में दो दोस्तों ने अपने ही साथी की हत्या कर दी। पुलिस जांच में सामने आया है कि सचिन (22) को उसके दोस्त सोनू (24) और अंकित (23) ने पहले शराब पिलाई। इसके बाद तीनों के बीच शराब पार्टी के दौरान पैसों को लेकर विवाद हो गया। दोनों आरोपी सचिन से 200 रुपये मांग रहे थे। उन्हें इन पैसों से और शराब खरीदनी थी। सचिन ने रुपये देने से इनकार किया तो कहासुनी शुरू हो गई। विवाद इतना बढ़ा कि दोनों ने धारदार हथियार से सचिन का गला काट दिया।
वारदात के बाद आरोपी नशे की हालत में ही सचिन का शव फरीदाबाद की यादराम कॉलोनी के पास खेतों में फेंककर चले गए। हैरानी की बात यह है कि सचिन और दोनों आरोपी पिछले करीब 6 साल से दोस्त थे। तीनों एक ही कॉलोनी में रहते थे और सरूरपुर की एक ही फैक्ट्री में काम करते थे। दोनों आरोपियों का सचिन के घर भी आना-जाना था। क्राइम ब्रांच ने 5 नवंबर को दोनों को गिरफ्तार कर लिया। अब पुलिस उन्हें रिमांड पर लेकर हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियार का पता लगाने का प्रयास करेगी।
नौकरी के लिए घर से निकला था सचिन, दो दिन बाद खेतों में मिला शव
पुलिस के मुताबिक, श्यामनगर सरूरपुर निवासी सचिन 2 नवंबर को रोजाना की तरह घर से फैक्ट्री में नौकरी करने के लिए निकला था। हालांकि, वह उस दिन वापस नहीं लौटा। सचिन को शराब पीने की आदत थी और वह कभी-कभी दोस्तों के साथ शराब पार्टी भी करता था। इसलिए शुरुआत में परिवार के लोगों ने उसके घर नहीं लौटने पर ज्यादा चिंता नहीं की।
अगले दिन भी जब सचिन घर नहीं पहुंचा तो परिजनों की चिंता बढ़ गई। उन्होंने आसपास के लोगों और उसके दोस्तों से पूछताछ शुरू की। परिवार ने उसके बारे में जानकारी जुटाने की कोशिश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।
इसके बाद 4 नवंबर की सुबह परिजनों को सूचना मिली कि यादराम कॉलोनी के पास खाली खेतों में सचिन का शव पड़ा है। उसके गले पर धारदार हथियार से वार के निशान थे। सूचना मिलते ही परिवार के लोग और पुलिस मौके पर पहुंचे। शव की हालत देखकर हत्या की आशंका जताई गई और पुलिस ने जांच शुरू कर दी।
छह साल की दोस्ती का ऐसे हुआ खौफनाक अंत, शराब पार्टी में बिगड़ी बात
सचिन और आरोपी अंकित व सोनू एक ही कॉलोनी के रहने वाले थे। तीनों के बीच करीब छह साल से दोस्ती थी। वे सरूरपुर की एक ही फैक्ट्री में काम करते थे। दोनों आरोपियों का सचिन के घर आना-जाना भी था। पुलिस के मुताबिक, तीनों के बीच पैसों का लेनदेन भी होता था।
जांच में सामने आया कि 2 नवंबर को फैक्ट्री से निकलने के बाद सचिन अपने दोनों दोस्तों के साथ रुक गया था। इसके बाद तीनों ने एक साथ बैठकर शराब पी। इसी दौरान अंकित और सोनू ने सचिन से 200 रुपये मांगे।
दोनों आरोपियों को इन पैसों से और शराब खरीदनी थी, लेकिन सचिन ने रुपये देने से इनकार कर दिया। इसी बात को लेकर उनके बीच बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और दोनों ने मिलकर सचिन की हत्या कर दी।
पुलिस के अनुसार, वारदात के बाद आरोपियों ने सचिन का शव यादराम कॉलोनी के पास खेतों में फेंक दिया। दोनों उस समय नशे में थे।
परिवार का इकलौता बेटा था सचिन, बहन की हो चुकी है शादी
सचिन अपने परिवार का इकलौता बेटा था। उसकी एक बड़ी बहन है, जिसकी शादी हो चुकी है। उसके पिता जगबीर एक निजी कंपनी में काम करते हैं।
सचिन की मौत के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है। उसकी बहन का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार को उम्मीद नहीं थी कि जिन दोस्तों का उनके घर आना-जाना था, वही सचिन की जान ले लेंगे।
सचिन के ताऊ मोहन ने बताया कि वह शराब पीने का आदी था। परिवार के लोग उसे बार-बार शराब छोड़ने के लिए समझाते थे। हालांकि, उसकी यह आदत ही इस मामले में दोस्तों के साथ शराब पार्टी की वजह बनी।
क्राइम ब्रांच ने सोनू और अंकित को किया गिरफ्तार
मामले की जांच क्राइम ब्रांच सेक्टर-56 की टीम ने प्रभारी नरेश कुमार के नेतृत्व में की। पुलिस ने जांच के दौरान सोनू (24) और अंकित (23) की भूमिका सामने आने के बाद 5 नवंबर को दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने बताया कि दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। अब उन्हें अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड लेने का प्रयास किया जाएगा। रिमांड के दौरान आरोपियों से वारदात में इस्तेमाल किए गए हथियार के बारे में पूछताछ की जाएगी।
पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास करेगी कि हत्या के बाद आरोपियों ने किस तरह शव को खेतों में फेंका और वारदात से जुड़ी अन्य परिस्थितियां क्या थीं।
दो दिन तक घर नहीं लौटा, फिर खेत में मिला शव; परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
सचिन 2 नवंबर को घर से फैक्ट्री जाने के लिए निकला था, लेकिन वापस नहीं आया। परिवार ने पहले उसके दोस्तों और आसपास के लोगों से जानकारी जुटाई। इसके बावजूद उसका कोई पता नहीं चला।
4 नवंबर की सुबह खेतों में शव मिलने की सूचना ने परिवार को झकझोर दिया। पुलिस जांच में अब सामने आया है कि सचिन के साथ शराब पार्टी करने वाले उसके अपने ही दोस्त इस हत्या के आरोपी हैं।
छह साल की दोस्ती, एक साथ काम और घर तक का आना-जाना होने के बावजूद महज 200 रुपये के विवाद में हुई इस हत्या ने पूरे मामले को बेहद चौंकाने वाला बना दिया है।
Akhil Mahajan